
1948 का हवाला; गृह मंत्री के खिलाफविशेषाधिकार हनन खारिज नयी दिल्ली: 27 मार्च (भाषा)
राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस बृहस्पतिवार को खारिज कर दिया।शाह ने अपने बयान को प्रमाणित करने के लिए 1948 की एक सरकारी प्रेस विज्ञप्ति का हवाला दिया था कि कांग्रेस के एक नेता प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष के प्रबंधन का हिस्सा थे।कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी पर ‘‘आक्षेप लगाने’’ का आरोप लगाते हुए शाह के खिलाफ नोटिस दिया था।धनखड़ ने कहा कि शाह ने 25 मार्च को राज्यसभा में आपदा प्रबंधन विधेयक, 2024 पर हुई बहस का जवाब देते हुए कुछ टिप्पणियां करने के बाद अपने बयान को प्रमाणित करने पर सहमति व्यक्त की थी।उन्होंने कहा कि मंत्री ने 24 जनवरी, 1948 को भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो द्वारा जारी एक प्रेस बयान का हवाला दिया, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने पीएमएनआरएफ (प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष) शुरू करने की घोषणा की थी। इसका प्रबंधन प्रधानमंत्री, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष और कुछ अन्य लोगों की एक समिति द्वारा किया जाना था।शाह ने कहा था, ‘‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष की स्थापना कांग्रेस के शासन के दौरान की गई थी, और पीएम-केयर्स फंड की स्थापना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राजग सरकार के शासन के दौरान की गई थी। कांग्रेस के शासन के दौरान केवल एक परिवार देश को नियंत्रित करता था।’’धनखड़ ने कहा कि विशेषाधिकार हनन एक गंभीर मामला है।उन्होंने कहा, ‘‘मैंने गहरी पीड़ा और दुख के साथ मना कर दिया है कि हम विशेषाधिकार हनन का आरोप लगाने में जल्दबाजी कर रहे हैं। हम मीडिया के पास जाते हैं, छवि खराब करने की कोशिश करते हैं। मैंने कई मौकों पर कहा है कि यह सदन लोगों की प्रतिष्ठा को बर्बाद करने का मंच नहीं होगा।’’
सीबीआई ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आवास पर छापे मारेरायपुर/नयी दिल्ली: 26 मार्च (भाषा) केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कथित तौर पर 6,000 करोड़ रुपये के महादेव ऐप घोटाले के सिलसिले में बुधवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आवास पर छापे मारे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
क्लबफुट मुक्त जिला शहडोल :
मार्च 27, राज्य शासन द्वारा संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अन्तर्गत 0 से 18 तक बच्चों का आर.बी.एसए. के टीम द्वारा क्षेत्रों में भ्रमण कर उन्हें चिन्हित कर जन्मजात विकृति की पहचान कर उनका उपचार अनुबंधित अस्पतालों में निःशुल्क उपचार एवं शल्य क्रिया करायी जाती है।सफल क्रियान्वयन के कारण जिले में 02 वर्ष से 18 वर्ष तक के कुल 52 बच्चों का क्लबफुट उपचार एवं आपरेशन वर्ष 2024-25 में कराकर जिले को क्लबफुट मुक्त जिला बनाया गया है।

