
मुंबई:9 अप्रैल (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को कहा कि व्यापार शुल्क संबंधी उपायों ने सभी क्षेत्रों में आर्थिक परिदृश्य को प्रभावित किया है, जिससे वैश्विक वृद्धि और मुद्रास्फीति के लिए नई चुनौतियों के साथ जोखिम पैदा हुए हैं।वैश्विक शुल्क युद्ध के भारत पर प्रभाव के बारे में उन्होंने कहा कि इसका देश के निर्यात पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।चालू वित्त वर्ष (2025-26) के लिए पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के बारे में जानकारी हुए उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण वस्तुओं के निर्यात पर दबाव पड़ेगा, जबकि सेवाओं के निर्यात में मजबूती बनी रहने की उम्मीद है। वैश्विक व्यापार में बाधाओं के कारण आने वाली चुनौतियों से गिरावट का जोखिम बना हुआ है।’’वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए अपने वृद्धि दर के अनुमान को भी 6.7 प्रतिशत से घटाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया है।आरबीआई गवर्नर ने कहा, “हालांकि, इन आधारभूत अनुमानों के इर्द-गिर्द जोखिम समान रूप से संतुलित हैं, लेकिन हाल ही में बढ़ी वैश्विक अस्थिरता के मद्देनजर अनिश्चितताएं बनी हुई हैं।’’उन्होंने कहा कि यह कमी मूलतः वैश्विक व्यापार और नीतिगत अनिश्चितताओं के प्रभाव को दर्शाती है।पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत सहित 60 देशों पर जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा की थी, जो नौ अप्रैल से प्रभावी हो गया। अमेरिका ने भारत पर झींगा, कालीन, चिकित्सा उपकरणों और सोने के आभूषणों सहित विभिन्न उत्पादों पर 26 प्रतिशत का जवाबी शुल्क लगाया है।
नयी दिल्ली8 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि मुद्रा योजना के तहत 33 लाख करोड़ रुपये से अधिक के गारंटी-मुक्त ऋण स्वीकृत किए गए और इससे असंख्य लोगों को अपने उद्यमशीलता कौशल का प्रदर्शन करने का अवसर मिला है।प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) की 10वीं वर्षगांठ पर अपने आवास पर इसके चुनिंदा लाभार्थियों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि इससे देश के युवाओं में उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा देने में मदद मिली है। ‘‘उन्हें नौकरी चाहने वालों के बजाय नौकरी देने वाला बनने का आत्मविश्वास मिला है।’’प्रधानमंत्री मोदी ने आठ अप्रैल 2015 को सदस्य ऋण संस्थानों के माध्यम से गारंटी-मुक्त संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने के लिए पीएमएमवाई की शुरुआत की थी।उन्होंने कहा, ‘‘ यह विशेष रूप से उत्साहजनक है कि मुद्रा लाभार्थियों में से आधे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग समुदायों से हैं और 70 प्रतिशत से अधिक लाभार्थी महिलाएं हैं।’’मोदी ने कहा, ‘‘ प्रत्येक मुद्रा ऋण अपने साथ सम्मान, स्वाभिमान और अवसर लेकर आता है। वित्त समावेश के अलावा इस योजना ने सामाजिक समावेश व आर्थिक स्वतंत्रता भी सुनिश्चित की है।’’
कोलकाता: (9 अप्रैल) मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि वक्फ (संशोधन) अधिनियम के लागू होने से मुस्लिम दुखी हैं और उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को आश्वासन दिया कि वह राज्य में “फूट डालो और राज करो की नीति” को जारी नहीं रहने देंगी।यहां जैन समुदाय के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि वह सभी अल्पसंख्यक लोगों और उनकी संपत्तियों की रक्षा करेंगी।उन्होंने कहा, “मैं जानती हूं कि वक्फ अधिनियम के लागू होने से आप दुखी हैं। भरोसा रखें, बंगाल में ऐसा कुछ नहीं होगा जिससे कोई बांटकर राज कर सके। आप संदेश देते हैं कि सभी को एक साथ रहना है।”तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो बनर्जी ने लोगों से अपील की कि वे उन लोगों की बातों पर ध्यान न दें जो उन्हें राजनीतिक आंदोलन शुरू करने के लिए उकसाते हैं।मंगलवार को मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ (संशोधन) विधेयक को लेकर हुई हिंसा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “बांग्लादेश के सीमावर्ती इलाकों में स्थिति देखिए। इसे (वक्फ विधेयक) अभी पारित नहीं किया जाना चाहिए था। बंगाल में 33 प्रतिशत अल्पसंख्यक हैं। मैं उनके साथ क्या करूंगी?”वक्फ (संशोधन) विधेयक को 3 अप्रैल को लोकसभा ने पारित किया था, और अगले दिन सुबह-सुबह संसद के दोनों सदनों में मैराथन बहस के बाद राज्यसभा ने भी पारित कर दिया।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 5 अप्रैल को विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी।”इतिहास कहता है कि बंगाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान और भारत सभी एक साथ थे। विभाजन बाद में हुआ। और जो लोग यहां रह रहे हैं, उन्हें सुरक्षा देना हमारा काम है,” उन्होंने कहा।बनर्जी ने कहा कि अगर लोग एक साथ हों, तो वे दुनिया को जीत सकते हैं।

