
शक्ति दुबे सिविल सेवा परीक्षा में अव्वल; हर्षिता गोयल, डोंगरे अर्चित पराग को द्वितीय, तृतीय स्थान
नयी दिल्ली: 22 अप्रैल (भाषा) संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा मंगलवार को घोषित सिविल सेवा परीक्षा 2024 के परिणाम में शक्ति दुबे ने शीर्ष स्थान हासिल किया है। वहीं, हर्षिता गोयल और डोंगरे अर्चित पराग को द्वितीय एवं तृतीय रैंक मिली है।शीर्ष रैंक प्राप्त करने वाली दुबे ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बायोकेमिस्ट्री में स्नातक (विज्ञान स्नातक) किया है।दुबे ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बायोकेमिस्ट्री में स्नातक (विज्ञान स्नातक) किया है।आयोग द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि दुबे ने राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध को वैकल्पिक विषय के रूप में लेकर परीक्षा उत्तीर्ण की और शीर्ष स्थान प्राप्त किया।एम.एस. विश्ववद्यालय बड़ौदा से बी.कॉम. स्नातक हर्षिता गोयल ने वैकल्पिक विषय के रूप में राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया।डोंगरे अर्चित पराग ने वीआईटी, वेल्लोर से इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने वैकल्पिक विषय दर्शनशास्त्र के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया।यूपीएससी द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों का चयन करने के लिए प्रतिवर्ष तीन चरणों – प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार – में सिविल सेवा परीक्षा आयोजित की जाती है।सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा, 2024, पिछले साल 16 जून को आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के लिए कुल 9,92,599 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 5,83,213 अभ्यर्थी परीक्षा में उपस्थित हुए।कुल 14,627 उम्मीदवारों ने लिखित (मुख्य) परीक्षा में बैठने के लिए अर्हता प्राप्त की, जो सितंबर 2024 में आयोजित की गई थी। इनमें से 2,845 उम्मीदवार व्यक्तित्व परीक्षण या साक्षात्कार के लिए उत्तीर्ण हुए।इनमें से 1,009 अभ्यर्थियों (725 पुरुष और 284 महिलाएं) को विभिन्न सेवाओं में नियुक्ति के लिए आयोग द्वारा अनुशंसित किया गया है।
आयोग ने जारी किए टॉपरों की सूची
- शक्ति दुबे
- हर्षिता गोयल
- डोंगरे आर्चित पराग
- शाह मार्गी चिराग
- आकाश गर्ग
- कोमल पूनिया
- आयुषी बंसल
- राज कृष्णा झा
- आदित्य विक्रम अग्रवाल
- मयंक त्रिपाठी

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उप–राष्ट्रपति और दिल्ली विश्वविद्यालय के पदेन कुलाधिपति ने आज दिल्ली विश्वविद्यालय में भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम ‘कर्तव्यम’ में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “संविधान में संसद से ऊपर किसी सत्ता की कल्पना नहीं की गई है। संसद सर्वोच्च है। ऐसे में मैं आपको बता दूं कि यह देश के प्रत्येक व्यक्ति के समान ही सर्वोच्च है। लोकतंत्र में ‘हम लोग’ का एक हिस्सा एक अणु है और उस अणु में परमाणु शक्ति है। वह परमाणु शक्ति चुनावों के दौरान परिलक्षित होती है और इसीलिए हम एक लोकतांत्रिक राष्ट्र हैं।“श्री धनखड़ ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा, “भाषण की गुणवत्ता हमारे लोकतंत्र को परिभाषित करती है और इसमें, मुझे कोई संदेह नहीं है, हमारे युवाओं को पक्षपात से ऊपर उठकर विचारशील विमर्श करना चाहिए। हमारे युवा इस महत्वपूर्ण मोड़ पर चूक नहीं सकते जब भारत आगे बढ़ रहा है, यह उन्नति कर रहा है। हमारी नियति हमें एक वैश्विक शक्ति बनाने वाली है। हम एक विकसित राष्ट्र होंगे। आप पक्षपातपूर्ण हितों से बंधे नहीं रह सकते; आपको केवल राष्ट्रीय हितों में विश्वास करना होगा।“दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति श्री योगेश सिंह, दिल्ली विश्वविद्यालय के डीन महाविद्यालय प्रो. बलराम पाणि, दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण दिल्ली परिसर के निदेशक श्री प्रकाश सिंह और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
जनता एजेंसियों के दुरुपयोग के बारे में जान गई है, रणनीति में बदलाव करें प्रधानमंत्री: प्रियंका नयी दिल्ली: 22 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने अपने पति रॉबर्ट वाद्रा से पूछताछ और मां सोनिया गांधी तथा भाई राहुल गांधी के खिलाफ ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में आरोप पत्र दाखिल किए जाने को लेकर मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके सलाहकार गलत सलाह दे रहे हैं और उन्हें अब अपनी रणनीति में बदलाव करना चाहिए।

