केंद्र की बैठक में सरकार ने लिए बड़े फैसले/// मणिपुर के कामजोंग जिले में कई घरों में आग लगाई गई / 24 अप्रैल को देश भर में ग्राम सभाओं को संबोधित करेंगेनरेन्द्र मोदी

Share

    पहलगाम आतंकी हमले पर केंद्र सरकार सख्त हो गई दिखती है उसने आज एक बैठक में बड़े फैसले लिए हैं, सिंधु जल समझौता रोका दिया गया है इसके जल बंटवारे को पाकिस्तान को मिलने वाला पानी बंद कर दिया जाएगा। उच्चायोग में अधिकारियों की संख्या घट जाएगी। दोनों देशों की स्टाफ काम किए जाएंगे। अटारी बाघा बॉर्डर चेक पोस्ट बंद कर दिया जाएगा। पाकिस्तानी नागरिकों को सार्क वीजा नहीं मिलेगा सार्क विजा वाले 48 घंटे में वापस लौटेंगे। संभव है कल एक बैठक करके विपक्षी पार्टियों के साथ निर्णय को साझा किया जाए। की सरकार क्या करने वाली है। कल पहलगाम में आतंकवादी घटना में 27 पर्यटकों की हत्या कर दी गई थी।

नई दिल्ली: (23 अप्रैल) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद बुधवार को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे।सूत्रों ने बताया कि करीब ढाई घंटे चली बैठक में एनएसए अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी और एयर चीफ मार्शल एपी सिंह शामिल हुए।रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और सैन्य अभियान महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई भी बैठक में शामिल हुए।

  सिंधु जल समझौता (Indus Waters Treaty) 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुआ एक जल-बंटवारा समझौता है। यह सिंधु नदी प्रणाली की छह नदियों—सिंधु, झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज—के जल के उपयोग को नियंत्रित करता है।
मुख्य बिंदु:
जल बंटवारा: भारत को पूर्वी नदियाँ (रावी, ब्यास, सतलुज) का पूर्ण नियंत्रण, जबकि पाकिस्तान को पश्चिमी नदियाँ (सिंधु, झेलम, चिनाब) का अधिकांश जल उपयोग का अधिकार।भारत की जिम्मेदारी: भारत को पश्चिमी नदियों पर सीमित उपयोग (कृषि, गैर-उपभोगात्मक उपयोग जैसे जलविद्युत) की अनुमति, बशर्ते पाकिस्तान के जल प्रवाह में बाधा न आए।स्थायी सिंधु आयोग: दोनों देशों के बीच विवाद समाधान और डेटा साझा करने के लिए एक आयोग की स्थापना।विश्व बैंक की भूमिका: समझौते के गारंटर के रूप में, विवादों में मध्यस्थता।महत्व: यह समझौता दोनों देशों के बीच तनाव के बावजूद जल संसाधनों के प्रबंधन में सहयोग का प्रतीक है। हालांकि, जलवायु परिवर्तन, बांध निर्माण औ भू-राजनीतिक तनाव के कारण समय-समय पर विवाद उत्पन्न होते हैं।

क्या है सार्क वीजाSAARC वीजा छूट योजना (SVES) के बारे में:उद्देश्य: यह योजना SAARC देशों (भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, मालदीव, अफगानिस्तान) के बीच व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई थी।लागू होने वाले व्यक्ति: यह मुख्य रूप से SAARC देशों के विशिष्ट नागरिकों जैसे सरकारी अधिकारियों, व्यापारियों, पत्रकारों, और अन्य पात्र व्यक्तियों पर लागू होती है।शर्तें:वीजा छूट केवल अल्पकालिक यात्रा (आमतौर पर 30 दिन तक) के लिए होती हैयह योजना सभी SAARC देशों के नागरिकों पर समान रूप से लागू नहीं होती और कुछ देशों के बीच द्विपक्षीय समझौतों पर निर्भर करती है।पाकिस्तान के संदर्भ में: हाल के अपडेट्स के अनुसार, पाकिस्तानी नागरिकों को SVES के तहत भारत यात्रा की अनुमति नहीं है। पहले से जारी SVES वीजा को रद्द माना जाता है, और भारत में मौजूद पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटों के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है।निष्कर्ष: SAARC वीजा छूट योजना को संदर्भित करता है, जो SAARC देशों के बीच सीमित वीजा-मुक्त यात्रा की सुविधा देती है।

सूत्रों ने बताया कि बैठक में इस कायरतापूर्ण हमले के बाद उभरे हालात के सभी संभावित पहलुओं पर चर्चा की गई। उन्होंने विस्तृत जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया।ऐसा माना जा रहा है कि सिंह ने सशस्त्र बलों को अपनी युद्ध तत्परता बढ़ाने और आतंकवाद विरोधी अभियानों की तीव्रता बढ़ाने का निर्देश दिया।बैठक में सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी ने अपने बलों की तैनाती सहित जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस “घृणित कृत्य” के पीछे जो लोग हैं, उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले के बाद से जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति पर कई बैठकें हो चुकी हैं।

मणिपुर के कामजोंग जिले में कई घरों में आग लगाई गई, दो गांवों में कर्फ्यूइंफाल: 23 अप्रैल (भाषा) मणिपुर के कामजोंग जिले के दो गांवों में बुधवार की सुबह अज्ञात हथियारबंद लोगों ने कई घरों में आग लगा दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।अधिकारियों ने बताया कि यह घटना उस समय घटी जब जिले के सहामफुंग सब-डिवीजन के गम्पाल और हैयांग गांवों के अधिकांश निवासी कृषि संबंधी कार्यों के लिए खेतों में गए थे।

श्रीनगर: 23 अप्रैल (भाषा)  सुरक्षा एजेंसियों ने दक्षिण कश्मीर के पहलगाम के पास हुए आतंकी हमले में शामिल होने के संदेह में बुधवार को तीन लोगों के रेखाचित्र (स्केच) जारी किए। इस हमले में 26 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे।अधिकारियों ने बताया कि संदिग्धों के नाम आसिफ फौजी, सुलेमान शाह और अबू तल्हा हैं। उन्होंने बताया कि तीनों आतंकवादियों के कोड नाम भी थे – मूसा, यूनुस और आसिफ और ये तीनों पुंछ में आतंकी घटनाओं में शामिल थे।उन्होंने बताया कि हमले में जीवित बचे लोगों की मदद से रेखाचित्र तैयार किए गए थे।पेंसिल से बनाए गए रेखाचित्रों से ऐसा प्रतीत होता है कि हमलावर युवा हैं और उन्होंने दाढ़ी रखी है।पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से संबद्ध संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने मंगलवार दोपहर को अंजाम दिए गए आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी ली है।संदिग्धों के नाम आसिफ फौजी, सुलेमान शाह और अबू तल्हा हैं। उन्होंने बताया कि तीनों आतंकवादियों के कोड नाम भी थे – मूसा, यूनुस और आसिफ और ये तीनों पुंछ में आतंकी घटनाओं में शामिल थे।उन्होंने बताया कि हमले में जीवित बचे लोगों की मदद से रेखाचित्र तैयार किए गए थे।पेंसिल से बनाए गए रेखाचित्रों से ऐसा प्रतीत होता है कि हमलावर युवा हैं और उन्होंने दाढ़ी रखी है।पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से संबद्ध संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने मंगलवार दोपहर को अंजाम दिए गए आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी ली है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा, “इस जघन्य कृत्य के पीछे जो लोग हैं, उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। उन्हें बख्शा नहीं जाएगा! उनका नापाक एजेंडा कभी सफल नहीं होगा। आतंकवाद से लड़ने का हमारा संकल्प अडिग है तथा यह और भी मजबूत होगा।”प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा:”मैं जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी संवेदना है। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हो जाएं। प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।इस जघन्य कृत्य के पीछे जो लोग हैं, उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा…उन्हें बख्शा नहीं जाएगा! उनका नापाक एजेंडा कभी सफल नहीं होगा। आतंकवाद से लड़ने का हमारा संकल्प अडिग है तथा यह और भी मजबूत होगा।”

23 APR 2025  PIB Delhiराष्ट्र 24 अप्रैल 2025 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस (एनपीआरडी) मनाएगा, जो 73वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1992 की बत्तीसवीं वर्षगांठ है। इसी संशोधन में पंचायतों को ग्रामीण स्थानीय स्वशासन की संस्थाओं के रूप में संवैधानिक दर्जा दिया गया। मुख्य समारोह बिहार के मधुबनी जिले में झंझारपुर ब्लॉक के लोहना उत्तर ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री  मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित किया जाएगा। प्रधानमंत्री इस अवसर पर देश भर के पंचायती राज संस्थानों (पीआरआई) और ग्राम सभाओं को संबोधित करेंगे और विशेष श्रेणी के राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 भी प्रदान करेंगे। इस साल राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस को “संपूर्ण-सरकार” दृष्टिकोण के साथ एक प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रम के रूप में मनाया जा रहा है, जिसमें छह केंद्रीय मंत्रालय- ग्रामीण विकास मंत्रालय, आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, बिजली मंत्रालय, रेल मंत्रालय, और सड़कपरिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की भागीदारी शामिल हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी इस अवसर पर इन मंत्रालयों से जुड़ी कई प्रमुख अवसंरचना और कल्याणकारी परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे और उनका शिलान्यास करेंगे। 

 

 


Share

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

राशिफल

- Advertisement -spot_img

Latest Articles