
पहलगाम हमला: हमने माथे से बिंदी उतार दी और ‘अल्लाहु अकबर’ कहना शुरू कर दिया- पीड़ित की पत्नी
पुणे: 24 अप्रैल (भाषा)
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले में अपने पति को खोने वाली पुणे की एक महिला ने बृहस्पतिवार को कहा कि जब हमलावरों को पुरुषों से ‘अजान’ पढ़ने के लिए कहते देखा तो उन्होंने और समूह की अन्य महिलाओं ने तुरंत अपने माथे से बिंदी हटा दी और ‘अल्लाहु अकबर’ कहना शुरू कर दिया।उन्होंने कहा कि लेकिन अपनी धार्मिक पहचान छिपाने के ये प्रयास विफल हो गए,
पुणे: 24 अप्रैल (भाषा) जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले में अपने पति को खोने वाली पुणे की एक महिला ने बृहस्पतिवार को कहा कि जब हमलावरों को पुरुषों से ‘अजान’ पढ़ने के लिए कहते देखा तो उन्होंने और समूह की अन्य महिलाओं ने तुरंत अपने माथे से बिंदी हटा दी और ‘अल्लाहु अकबर’ कहना शुरू कर दिया।उन्होंने कहा कि लेकिन अपनी धार्मिक पहचान छिपाने के ये प्रयास विफल हो गए, क्योंकि बंदूकधारी आतंकवादियों ने महिला के पति और उसके मित्र को भी नहीं बख्शा।
पहलगाम के आतंकवादियों और साजिशकर्ताओं को उनकी कल्पना से परे सजा देंगे: पीएम मोदी
मधुबनी: (24 अप्रैल) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एक सख्त संदेश में कहा कि भारत पहलगाम में हुए हमले के लिए जिम्मेदार हर आतंकवादी पहलगाम के आतंकवादियों और साजिशकर्ताओं को उनकी कल्पना से परे सजा देंगे: पीएम मोदीऔर उसके समर्थकों की पहचान करेगा, उन्हें ट्रैक करेगा और उन्हें दंडित करेगा।मोदी ने यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “आज बिहार की धरती से मैं पूरी दुनिया से कहता हूं कि भारत हर आतंकवादी और उसके समर्थकों की पहचान करेगा, उन्हें ट्रैक करेगा और उन्हें दंडित करेगा। हम उन्हें धरती के छोर तक खदेड़ेंगे।”प्रधानमंत्री ने पहलगाम के बैसरन में मंगलवार को हुए आतंकवादी हमले के बाद अपने पहले सार्वजनिक भाषण में कहा, “आतंकवाद से भारत की आत्मा कभी नहीं टूटेगी। आतंकवाद को दंडित किए बिना नहीं छोड़ा जाएगा।” इस हमले में कम से कम 26 लोग मारे गए थे।उन्होंने कहा, “न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। पूरा देश इस संकल्प पर अडिग है।” प्रधानमंत्री ने अंग्रेजी में अपने संक्षिप्त भाषण में कहा, “मानवता में विश्वास रखने वाला हर व्यक्ति हमारे साथ है। मैं विभिन्न देशों के लोगों और नेताओं का आभार व्यक्त करता हूं, जो इस मुश्किल समय में हमारे साथ खड़े हैं।” मोदी ने जोर देकर कहा कि हमले को अंजाम देने वाले आतंकवादियों और इसके साजिशकर्ताओं को “उनकी कल्पना से परे सजा दी जाएगी।” उन्होंने कहा कि देश के दुश्मनों ने भारत की आत्मा पर हमला करने का दुस्साहस किया है।
कोयला मंत्रालय के प्रोत्साहनों से भारत के भूमिगत कोयला खनन को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा मिला
24 APR 2025PIB Delhiभारत के कोयला क्षेत्र को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम उठाते हुए, कोयला मंत्रालय ने भूमिगत कोयला खनन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई परिवर्तनकारी नीतिगत उपायों का शुभारंभ किया है। ये साहसिक सुधार उच्च पूंजी निवेश और दीर्घावधि की पारंपरिक चुनौतियों का समाधान करने के साथ-साथ सतत विकास के व्यापक दृष्टिकोण के अनुकूल कोयला पारिस्थितिकी व्यवस्था को आधुनिक बनाने के सरकार के संकल्प की पुष्टि भी करते हैं।भूमिगत कोयला खनन के विकास/परिचालन में तेजी लाने के लिए, कोयला मंत्रालय ने प्रोत्साहनों का एक सुदृढ पैकेज प्रस्तुत किया है:
फ्लोर रेवेन्यू शेयर में कमी: भूमिगत कोयला खदानों के लिए राजस्व शेयर का फ्लोर प्रतिशत 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। यह लक्षित कमी पर्याप्त राजकोषीय सहायता प्रदान करती है और भूमिगत परियोजनाओं की वित्तीय व्यवहार्यता को बढ़ाती है।अग्रिम भुगतान की छूट: भूमिगत खनन उपक्रमों के लिए अनिवार्य अग्रिम भुगतान की आवश्यकता को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। यह उपाय एक महत्वपूर्ण वित्तीय बाधा को दूर करता है, निजी क्षेत्र से व्यापक भागीदारी को प्रोत्साहित करता है और परियोजना के त्वरित कार्यान्वयन की सुविधा प्रदान करता है।इन प्रोत्साहनों को भूमिगत कोयला ब्लॉकों के लिए प्रदर्शन सुरक्षा पर वर्तमान 50 प्रतिशत छूट द्वारा और अधिक संपूरित किया गया है, जिससे सामूहिक रूप से प्रवेश सीमा कम हो गई है और परियोजना का सुचारू कार्यान्वयन संभव हो गया है।मंत्रालय का सुधारोन्मुखी दृष्टिकोण भविष्य के लिए तैयार, निवेश-अनुकूल और नवाचार-संचालित कोयला क्षेत्र को बढ़ावा देने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भूमिगत खनन को प्रोत्साहित करके, सरकार न केवल आर्थिक विकास को उत्प्रेरित कर रही है, बल्कि उद्योग को अधिक दक्षता, सुरक्षा और रोजगार सृजन की ओर भी ले जा रही है भूमिगत कोयला खनन स्वाभाविक रूप से अधिक पर्यावरण अनुकूल है, क्योंकि यह ओपनकास्ट संचालन की तुलना में सतह के स्तर पर काफी कम व्यवधान पैदा करता है। इन नीतिगत उपायों से उन्नत तकनीकों को अपनाने को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है- जैसे कि निरंतर खननकर्ता, लॉन्गवॉल सिस्टम, रिमोट सेंसिंग उपकरण और एआई-आधारित सुरक्षा तंत्र- जो पारिस्थितिक संतुलन सुनिश्चित करते हुए उत्पादकता को बढ़ाएंगे।ये दूरगामी सुधार स्वच्छ और अधिक स्थायी कोयला निष्कर्षण कार्य प्रणालियों की ओर एक रणनीतिक बदलाव को दर्शाते हैं। वे भारत में भूमिगत खनन की विशाल अप्रयुक्त क्षमता को अनलॉक करने, नवाचार को बढ़ावा देने, कार्बन उत्सर्जन को कम करने और देश की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्यों में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार हैं।इस दूरदर्शी रोडमैप के साथ, कोयला मंत्रालय न केवल कोयला खनन के भविष्य को नया आकार दे रहा है, बल्कि आत्मनिर्भर और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार औद्योगिक विकास की दिशा में भारत की यात्रा में उत्प्रेरक के रूप में अपनी भूमिका की भी पुष्टि कर रहा है।
बरकानी गाँव में 19 अप्रैल घटना पर स्वत संज्ञान लिया
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के बरकानी गाँव में 19 अप्रैल 2025 को हुई घटना को लेकर समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार पर स्वत संज्ञान लिया। राउरकेला स्टील प्लांट द्वारा दुमेरता तक प्रस्तावित रेलवे लाइन के निर्माण के विरोध में स्थानीय आदिवासी समुदाय के प्रदर्शन के दौरान दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई थी। इस घटना में एक आदिवासी ग्रामीण की कथित रूप से जेसीबी मशीन की चपेट में आने से मृत्यु होने के बाद हिंसक घटनाएं हुई थीं। आयोग ने इस घटना के संबंध में जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक, सुंदरगढ़ और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया के संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर तथ्यात्मक विवरण और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट माँगी है। आयोग का एक दल शीघ्र ही घटना स्थल का दौरा करेगा।
महबूबा मुफ्ती ने शाह से कश्मीरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह
श्रीनगर: 24 अप्रैल (भाषा) पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष और जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बृहस्पतिवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से अपील की कि पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद दक्षिणपंथी संगठनों की धमकियों को देखते हुए देश के अन्य हिस्सों में रह रहे कश्मीरियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने पहलगाम हमले को लेकर अमित शाह से बातचीत की और अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।उन्होंने लिखा, ‘‘गृहमंत्री अमित शाह जी से बात कर मैंने पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की और शोकसंतप्त परिवारों के प्रति एकजुटता जाहिर की। हम दुख की घड़ी में देश के साथ खड़े हैं।’’महबूबा ने आगे लिखा, ‘‘साथ ही मैंने उनसे उन तत्वों के खिलाफ तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध किया है जो देश के विभिन्न हिस्सों में कश्मीरी छात्रों और व्यापारियों को खुली धमकियां दे रहे हैं। उनसे आग्रह किया कि जहां भी ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, वहां कश्मीरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अविलंब हस्तक्षेप किया जाए।’’सूत्रों के अनुसार, ‘हिंदू रक्षा दल’ संगठन ने देहरादून में पढ़ाई कर रहे या काम करने वाले कश्मीरी मुस्लिमों को कथित तौर पर एक दिन के भीतर शहर छोड़ने या नतीजे भुगतने की धमकी दी है।

