
माओवादी नंबाला केशव राव, “बसव राजू” की मुठभेड़ ;27-31 माओवादी मारे गए
नंबाला केशव राव, जिन्हें बसव राजू (या बसवराजू) के नाम से भी जाना जाता था, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के शीर्ष नेता और महासचिव था 21 मई 2025 को छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ जंगल में सुरक्षाबलों के साथ एक बड़े ऑपरेशन में उनकी मृत्यु हो गई। इस मुठभेड़ में कुल 27-31 माओवादी मारे गए, जिनमें बसव राजू भी शामिल था ऑपरेशन के दौरान जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) का एक जवान शहीद हुआ, और एक अन्य घायल हुआ। मुठभेड़ में भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए गए।
बसव राजू क्यों था खतरनाक:शीर्ष नेतृत्व और रणनीतिकार: बसव राजू सीपीआई (माओवादी) का सुप्रीम कमांडर और पोलित ब्यूरो सदस्य था। 2018 में गणपति (मुप्पला लक्ष्मण राव) के इस्तीफे के बाद उन्होंने संगठन के महासचिव का पद संभालाइनामी नक्सली: बसव राजू पर 1.5 करोड़ रुपये का इनाम था, और वह एनआईए, तेलंगाना, और आंध्र प्रदेश पुलिस की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल था। उसकी तकनीकी विशेषज्ञता, गुरिल्ला युद्ध में कौशल, और संगठन के लिए अपरिहार्य भूमिका ने उसे अत्यंत खतरनाक बना दिया था . ग्राेक
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की है।प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा:‘‘मैं हमारे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी को आज उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।’’PIB Delhi
पार्टी, राहुल को ‘बदनाम करने’ के लिए मालवीय और गोस्वामी के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो: कांग्रेस
नयी दिल्ली: 21 मई (भाषा) कांग्रेस ने पार्टी और उसके नेता राहुल गांधी के खिलाफ कथित अपमानजनक पोस्ट के लिए शिकायत दर्ज कराये जाने के बाद बुधवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आईटी प्रकोष्ठ प्रमुख अमित मालवीय और पत्रकार अर्णब गोस्वामी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि दोनों के खिलाफ दिल्ली और कर्नाटक सहित देश के विभिन्न हिस्सों में कई शिकायतें दर्ज की गई हैं।
मानवाधिकार आयोग ने अशोका विश्वविद्यालय, हरियाणा के प्रोफेसर की गिरफ्तारी और हिरासत के संबंध में एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को हरियाणा के अशोका विश्वविद्यालय (एक डीम्ड यूनिवर्सिटी) के एक प्रोफेसर की गिरफ्तारी और हिरासत के संबंध में 20 मई, 2025 की एक समाचार रिपोर्ट मिली है।राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पाया है कि रिपोर्ट, जिसमें उन आरोपों का सार है जिनके आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया है, प्रथम दृष्टया यह खुलासा करती है कि उक्त प्रोफेसर के मानवाधिकारों और स्वतंत्रता का उल्लंघन किया गया है। इसलिए, आयोग ने रिपोर्ट की घटना का स्वतः संज्ञान लेने के लिए इसे उपयुक्त मामला माना है।आयोग ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के अंदर मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।PIB Delhi
न्यायालय ने महमूदाबाद को अंतरिम जमानत दी, मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने को कहा
नयी दिल्ली: 21 मई (भाषा)
उच्चतम न्यायालय ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के संबंध में सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार ‘अशोका यूनिवर्सिटी’ के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को बुधवार को अंतरिम जमानत दे दी, लेकिन उनके खिलाफ जांच पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को निर्देश दिया कि वह मामले की जांच के लिए 24 घंटे के भीतर महानिरीक्षक (आईजी) रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में तीन-सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करें, जिसमें पुलिस अधीक्षक (एसपी) रैंक की एक महिला अधिकारी भी शामिल हो।कौन हैं प्रोफेसर अली खान साल 1982 में अली खान महमूदाबाद उत्तर प्रदेश के महमूदाबाद रियासत के शाही खानदान से आते हैं. वर्तमान में हरियाणा के सोनीपत में अशोका यूनिवर्सिटी में पॉलिटिकल साइंस डिपार्टमेंट के चीफ हैं. वह शाही और राजनीतिक परिवार से आते हैं. उनके दिवंगत पिता को मोहम्मद आमिर मोहम्मद खान को महमूदाबाद के राजा साहेब के नाम से जाना जाता है. उन्होंने दशकों तक शत्रु संपत्ति अधिनियम के तहत जब्त हुई कई संपत्तियों पर कानूनी लड़ाई लड़ी थी. प्रोफेसर अली खान के दादा मोहम्मद आमिर अहमद खान महमूदाबाद के आखिरी शासक थे.

