
शहडोल. एक तरफ प्रदेश स्तर पर शहडोल की जल संरक्षण योजना की तारीफ हो रही है की जल स्रोतों को बचाया जा रहा है दूसरी तरफ शहडोल मुख्यालय में कल 60 दिन हो जाएंगे जब एक जल बावड़ी को बचाने के लिए लोक जल आंदोलन के प्रमुख अंश के लिए कुछ और नागरिक आंदोलन में धरना देंगे आ
श्चर्य है कि प्रशासन इस बावड़ी पर एक-एक बूंद पानी क्यों नहीं बचना चाहता..?
किरन टॉकीज शहडोल स्थित दुर्गा पूजा की धार्मिक सामाजिक सरोकारों की जमीन व पौराणिक बावली के अतिक्रमण के सवाल पर आज आंदोलन के 58 वें दिन शासकीय महाविद्यालय शहडोल छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष संघर्षशील नेता राजीव उपाध्याय ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण अर्पित कर नौजवान सुभाष चंद्र सोनी, मनोज यादव तिलक लगा माला पहनकर अनशन संघर्ष के लिए बिताया ।
राजीव उपाध्याय ने कहा की किरन टॉकीज की यह जमीन हमेशा से दुर्गा पूजा व सामाजिक सरोकारों की भूमि रही है मैं तो चपरा परिवार के लोगों से यह आग्रह करना चाहता हूं कि जब सीमांकन हो चुका है और यह भूमि शासकीय निकली है तो उस जमीन का जनहित में मोह छोड़ देना चाहिए जो पर्दा खंभा लगाया है उसे हटाले इसी में बड़प्पन है ।जब किआंदोलन का 59 वां दिन राजेंद्र वर्मा जी ने अनशन का प्रारंभ राष्ट्र का महात्मा गांधी के माल्यार्पण से किया तत्पश्चात नौजवान संतोष चौधरी भैयालाल नापित को तिलक लगाकर माला पहनकर आगामी 24 घंटे के लिए बैठाया।
मध्यप्रदेश सरकार का प्रण : सुरक्षित भविष्य के लिए जल संवर्धन और संरक्षण
जल की एक-एक बूंद बचाने का दिया जा रहा संदेश
बन रहे नये खेत तालाब, पुराने कुओं, बावड़ियों और तालाबों का हो रहा जीर्णोद्धार
शहडोल जिले में आगामी तीन माह तक जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत नये तालाब बनाये जा रहे हैं, साथ ही तालाबों, बावड़ियों और कुँओं का जीर्णोद्धार भी किया जा रहा है। नदियों को साफ-स्वच्छ एवं प्रवाहमान बनाए रखने के लिए भी कार्य किए जा रहे हैं। अभियान के अंतर्गत जनपद पंचायत गोहपारू के ग्राम पंचायत पोड़ी, नवागांव, हर्री में नवीन खेत तालाब बनाए गए।
और उसके परिणाम भी सामने आने लगे हैं। पहली बारिश में ही अभियान में बनाए गए खेत तालाब लबालब हो गए। केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के “जल संचय, जनभागीदारी” अभियान में जल संचय के लिए खंडवा जिले को देश में प्रथम स्थान मिला है और राज्यों की श्रेणी में मध्यप्रदेश चौथे स्थान पर रहा है। खेत तालाबों में हो रहे जल संचय से किसानों को आवश्यकता के समय पर्याप्त जल उपलब्ध रहेगा, भूजल स्तर में वृद्धि होगी और खेत में मौसमी फसलों के साथ ही मछली पालन एवं तालाब के किनारों पर बागवानी का भी अवसर मिलेगा।वारा सिवनी में तुमाड़ी की श्रीमती सुनीता जैराम के खेत-तालाब बनाया था। करीब 6 फिट गहराई में बने खेत तालाब से सुनीता और उनके पति मिलकर मछली पालन के साथ ही खरीफ में गेहूं और रबी में धान की फसल ले रहे है। इससे उन्हें 1 लाख रुपये तक का मुनाफा हो रहा है।कटनी नदी के घाटों पर सफाई
जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत कटनी शहर की कटनी नदी के कटाए घाट में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जलकुंभी की सफाई का अभियान चलाया गया। जल संरक्षण के प्रति जन जागरूकता की अलख जगाने के लिए जल संरक्षण का प्रण लिया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्थानीय एनजीओ ने जन भागीदारी के साथ श्रमदान किया।
माँ नर्मदा के तटों पर बसे क्षेत्रों में नर्मदा सर्वेक्षण एवं जन जागरण यात्रा
मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की मंशानुसार नर्मदा जी के सीमावर्ती 16 जिलों, 51 विकासखंडों में जीवनदायनी माँ नर्मदा जी के जल को निर्मल तथा प्रवाह को अविरल बनाये रखने के लिए ‘माँ नर्मदा सर्वेक्षण एवं जन जागरण यात्रा’ का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 25 मई से प्रारंभ हुआ है और 05 जून 2025 तक चलेगा। डिंडोरी में यात्रा जिले के दक्षिण तट से 29 मई को भटनगर घाट पर माँ नर्मदा की स्वच्छता के लिए सामुदायिक श्रमदान और नर्मदा जी की आरती एवं नर्मदाष्टक के साथ ग्राम पंचायत मेड़ाखार विकासखण्ड करंजिया से प्रारंभ हुई है जो क्रमशः बरनई, रूसामाल, परसेलमाल, बुंदेला होते हुये गोरखपुर तक पहुंच गई है।पांढुर्णा जिले में विकासखंड सौंसर के घोगरीखापा में नवांकुर संस्था यूथ ऑफ सौंसर एसोसिएशन और म.प्र. जन अभियान ने स्थानीय निवासियों के सहयोग से साफ-सफाई कर जल संरक्षण के लिये ग्रामीणों को जागरूक किया।

