
जिससे जवाब चाहिए था, वही सबूत मिटा रहा है: राहुल गांधी
नई दिल्ली, 21 जून। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘इलेक्ट्रानिक डेटा’ से संबंधित निर्वाचन आयोग के निर्देश का हवाला देते हुए शनिवार को आरोप लगाया कि साफ दिख रहा है कि ‘मैच फिक्स’ है जो लोकतंत्र के लिए जहर है।
आयोग ने अपने ‘इलेक्ट्रानिक डेटा’ का उपयोग ‘दुर्भावनापूर्ण विमर्श’ गढ़ने के लिए किए जाने की आशंका के मद्देनजर अपने राज्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि यदि 45 दिन में चुनाव को अदालत में चुनौती नहीं दी जाती तो वे सीसीटीवी कैमरा, ‘वेबकास्टिंग’ और चुनाव प्रक्रिया के ‘वीडियो फुटेज’ नष्ट कर दें।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को 30 मई को लिखे पत्र में आयोग ने कहा कि उसने चुनाव प्रक्रिया के दौरान कई रिकार्डिंग उपकरणों के साथ ही फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, सीसीटीवी और वेबकास्टिंग के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया केविभिन्न चरणों को रिकार्ड करने के निर्देश जारी किए हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया किवोटर लिस्ट ? ‘ मशीन रीडेबल फार्मेट’ नहीं देंगे। सीसीटीवी फुटेज ? कानून बदलकर छिपा दी ।चुनाव की फोटो-वीडियो ? अब एक साल नहीं, 45 दिनों में ही मिटा देंगे। उन्होंने दावा किया कि जिससे जवाब चाहिए था, वही सबूत मिटा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘साफ दिख रहा है मैच फिक्स है। और फिक्स किया गया चुनावलोकतंत्र के लिए जहर है। (साभार-जनसत्ता )
–

