
लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार योजना को अधिसूचित
PIB Delhi प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग ने 1 जुलाई, 2025 को केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों, राज्यों और जिलों को लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार योजना 2025 अधिसूचित की है।2. प्रधानमंत्री पुरस्कारों के लिए पंजीकरण और नामांकन प्रस्तुत करने हेतु वेब पोर्टल औपचारिक रूप से 2 अक्टूबर, 2025 से शुरू किया जाएगा।3. पुरस्कार योजना को भारत के समग्र विकास के लिए अधिक प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए अधिसूचित किया गया है, जिसमें संतृप्ति दृष्टिकोण, डेटा/दस्तावेजी साक्ष्य के संकलन और 11 प्राथमिकता क्षेत्र योजनाओं के कार्यान्वयन के संबंध में सुशासन और गुणात्मक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिनका मूल्यांकन योजना के अंतर्गत सामूहिक रूप से किया जाएगा।4. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार योजना की संपूर्ण अवधारणा और प्रारूप का उद्देश्य रचनात्मक प्रतिस्पर्धा, नवाचार, प्रतिकृति और सर्वोत्तम विधियों के संस्थागतकरण को प्रोत्साहित करना है। इस दृष्टिकोण के अंतर्गत, मात्रात्मक लक्ष्यों की प्राप्ति के स्थान पर सुशासन, गुणात्मक उपलब्धि और व्यापक पहुंच पर जोर दिया जाएगा। इस वर्ष की प्रधानमंत्री पुरस्कार योजना का उद्देश्य लक्षित व्यक्तिगत लाभार्थियों और संतृप्ति दृष्टिकोण के साथ कार्यान्वयन के माध्यम से जिला कलेक्टर के प्रदर्शन को मान्यता देना है। इस उद्देश्य के साथ पुरस्कारों के लिए आवेदनों का मूल्यांकन, सुशासन, गुणात्मक और मात्रात्मक मापदंडों पर किया जाएगा।5. इस वर्ष सभी जिलों की लोक प्रशासन उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार की इस योजना में भाग लेने की उम्मीद है।6. वर्ष 2025 के लिए, लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार योजना का उद्देश्य इन तीन श्रेणियों के अंतर्गत लोक सेवकों के योगदान को मान्यता देना है:श्रेणी I- 11 प्राथमिकता क्षेत्र कार्यक्रमों के अंतर्गत जिलों का समग्र विकास। इस श्रेणी के अंतर्गत 5 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।श्रेणी II- आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम। इस श्रेणी के अंतर्गत 5 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।श्रेणी III- केन्द्रीय मंत्रालयों / विभागों , राज्यों और जिलों के लिए नवाचार। इस श्रेणी के अंतर्गत 6 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे ।श्रेणी-I (जिलों का समग्र विकास) के आवेदनों पर विचार की अवधि 1 अप्रैल, 2022 से 30 सितंबर, 2025 तक है और श्रेणी- II (आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम) और श्रेणी III (नवाचार) के लिए 01 अप्रैल, 2023 से 30 सितंबर, 2025 तक है।8. मूल्यांकन प्रक्रिया में (i) स्क्रीनिंग समिति द्वारा जिलों/संगठनों की शॉर्टलिस्टिंग (प्रथम और द्वितीय चरण), (ii) विशेषज्ञ समिति द्वारा मूल्यांकन और (iii) अधिकार प्राप्त समिति शामिल होगी। पुरस्कारों के लिए अधिकार प्राप्त समिति की सिफारिशों पर प्रधानमंत्री की मंजूरी ली जाएगी।9. प्रधानमंत्री पुरस्कार योजना, 2025 में (i) ट्रॉफी, (ii) स्क्रॉल और (iii) पुरस्कृत जिले/संगठन को 20 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि शामिल है, जिसका उपयोग परियोजना/कार्यक्रम के कार्यान्वयन या लोक कल्याण के किसी भी क्षेत्र में संसाधनों की कमी को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
रेलवन एप यात्रियों सेवाओं के लिए एक वन-स्टॉप सॉल्यूशन
केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में रेल सूचना प्रणाली केंद्र (क्रिस) के 40वें स्थापना दिवस पर एक नये एप, रेलवन का शुभारंभ किया। रेलवन, रेलवे के साथ यात्री संपर्क को बेहतर बनाने पर केंद्रित है।यह उपयोगकर्ता के अनुकूल इंटरफेस के साथ एक व्यापक, ऑल-इन-वन एप्लिकेशन है। यह एप एंड्रॉइड प्ले स्टोर और आईओएस एप स्टोर पर डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध है। यह सभी यात्री सेवाओं को एकीकृत करता है जैसे कि अनारक्षित एवं प्लेटफार्म टिकट पर 3 प्रतिशत छूट,लाइव ट्रेन ट्रैकिंग,शिकायत निवारणई-कैटरिंग, पोर्टर बुकिंग और लास्ट माइल टैक्सी.
मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना
भोपाल : मंगलवार, जुलाई 1,
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के ग्रामों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना का अनुमोदन किया गया। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक विधानसभा के एक ऐसे ग्राम का चयन किया जाएगा जिसकी वर्तमान जनसंख्या न्यूनतम 2000 हो एवं गौ-वंश की न्यूनतम संख्या 500 हो। ऐसे ग्रामों को मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम के रूप में विकसित कर आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। ये ग्राम आत्मनिर्भर होकर प्रदेश के अन्य ग्रामों के समक्ष विकास का आदर्श प्रस्तुत करेंगे। इस योजना के अंतर्गत गौ-पालन एवं डेयरी विकास, पर्यावरण संरक्षण, जैविक कृषि, जल संरक्षण, सौर ऊर्जा, चारागाह विकास, अधोसंरचना विकास, स्वरोजगार सहित ग्रामीण विकास के विषयगत दृष्टिकोणों से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों का क्रियान्वयन किये जाने का निर्णय लिया गया।
राज्य शासन की अवधारणा है कि प्रदेश में कुछ ग्राम इस प्रकार विकसित किये जायें ताकि वे आत्मनिर्भर होकर प्रदेश के समस्त ग्रामों के लिए उदाहरण बनें तथा अन्य ग्राम इन चयनित ग्रामों से प्रेरित होकर स्वयं भी आत्मनिर्भरता और चहुँमुखी विकास की ओर अग्रसर हों। इन चयनित ग्रामों में विभिन्न विभागों के अन्य विकास कार्यों के साथ मुख्य रूप से गौवंशीय एवं अन्य दुधारू पशुओं के पालन, दुग्ध-उत्पादन एवं डेयरी विकास पर ध्यान केन्द्रित किया जायेगा। जहां स्वच्छता एवं हरियाली के साथ-साथ गौसेवा और आध्यात्मिकता से समन्वित आर्थिक आत्मनिर्भरता प्रत्यक्षतः दृष्टिगोचर हो और ग्राम “वृन्दावन” के रूप में साकार हो सके।

