
सागर प्रीत हुड्डा को चंडीगढ़ का डीजीपी नियुक्त किया गया नयी दिल्ली: 15 जुलाई (भाषा) भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी सागर प्रीत हुड्डा को मंगलवार को केंद्र शासित क्षेत्र चंडीगढ़ का पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया गया। एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गई।केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश (एजीएमयूटी) कैडर के 1997 बैच के अधिकारी हुड्डा का दिल्ली से चंडीगढ़ स्थानांतरण कर दिया गया है और वह तत्काल प्रभाव से डीजीपी का पदभार ग्रहण करेंगे।
शुभांशु शुक्ला पृथ्वी पर लौटे, भारत के मानव अंतरिक्ष यान की नींव रखी
नई दिल्ली: (15 जुलाई) शुभांशु शुक्ला मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर 18 दिनों के प्रवास के बाद खुशी और मुस्कुराहट के साथ पृथ्वी पर लौट आए। यह एक ऐसी उपलब्धि है जो भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान की महत्वाकांक्षाओं को साकार करने का वादा करती है।लखनऊ में जन्मे शुक्ला और निजी एक्सिओम-4 मिशन के तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री प्रशांत समयानुसार सुबह 2:31 बजे (भारतीय समयानुसार दोपहर 3:01 बजे) भोर से पहले के अंधेरे में कैलिफ़ोर्निया के सैन डिएगो तट से प्रशांत महासागर में उतरे। इस दौरान दुनिया के दूसरे छोर पर बैठे भारत के नागरिकों ने तालियाँ बजाईंभारतीय वायु सेना में ग्रुप कैप्टन शुक्ला, राकेश शर्मा के 1984 में सोवियत रूस मिशन के तहत अंतरिक्ष की यात्रा के बाद अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय बने।उन्होंने पृथ्वी की कक्षा में सबसे लंबे समय तक – 20 दिन – रहकर अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा करने वाले पहले भारतीय बनकर इतिहास भी रचा।भारत, हंगरी और पोलैंड के लिए, इस मिशन ने मानव अंतरिक्ष उड़ान की वापसी को साकार किया है, क्योंकि इन देशों के अंतरिक्ष यात्री 40 से अधिक वर्षों में पहली बार अंतरिक्ष की यात्रा कर रहे हैं।ड्रैगन ग्रेस अंतरिक्ष यान 25 जून को फ्लोरिडा से रवाना हुआ और 28 घंटे की यात्रा के बाद 26 जून को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर डॉक किया।कक्षीय प्रयोग
शाला में, शुक्ला, कमांडर पैगी व्हिटसन और पोलैंड के मिशन विशेषज्ञ स्लावोज़ उज़्नान्स्की-विस्नीव्स्की और हंगरी के टिबोर कापू सहित एक्सिओम-4 मिशन दल ने अगले 18 दिनों में 60 प्रयोग और 20 आउटरीच सत्र आयोजित किए।28,000 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति से यात्रा करते हुए, एक्सिओम-4 चालक दल के सदस्यों को लेकर ड्रैगन अंतरिक्ष यान ने प्रशांत महासागर में उतरने से पहले तीव्र गर्मी का सामना करते हुए, धीरे-धीरे धीमा होने और पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने के लिए कई युद्धाभ्यास किए।
कुछ ही मिनटों बाद, ड्रैगन अंतरिक्ष यान को स्पेसएक्स के रिकवरी शिप ‘शैनन’ के ऊपर ले जाया गया, जहाँ शुक्ला और अन्य अंतरिक्ष यात्री मुस्कुराते हुए और कैमरों की ओर हाथ हिलाते हुए अंतरिक्ष यान से बाहर निकले।अपनी 20 दिनों की यात्रा के दौरान भारहीन परिस्थितियों का अनुभव करने के बाद, पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण के अनुकूल ढलने में अंतरिक्ष यात्रियों को ग्राउंड स्टाफ ने अपने पैरों पर खड़े होने में मदद की।
लखनऊ में अंतरिक्ष यात्री के माता-पिता, जिन्होंने इस अंतरिक्ष यान को देखा, ने अपने बेटे के पृथ्वी पर लौटने पर राहत की साँस ली। शुक्ला के पिता शंभू दयाल शुक्ला और माँ आशा देवी ने जहाँ अपने आँसू पोंछे, वहीं उनकी बहन सुचि मिश्रा ने नम आँखों और हाथ जोड़कर अपने भाई के पृथ्वी पर उतरने का स्वागत किया।शंभू दयाल शुक्ला ने कहा, “वह अंतरिक्ष में गए और वापस आए, और हम बहुत खुश हैं क्योंकि इस मिशन का देश के गगनयान कार्यक्रम के लिए अपना महत्व है।”इसरो ने इस अंतरिक्ष उड़ान के लिए 550 करोड़ रुपये का निवेश किया था, और इस मिशन से मिली सीख से भारत को अपने मानव अंतरिक्ष उड़ान के सपने – गगनयान परियोजना – को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है, जिसके 2027 में प्रक्षेपण की योजना है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर अपने ऐतिहासिक मिशन से पृथ्वी पर लौटने पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की यात्रा करने वाले भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री के रूप में ग्रुप कैप्टन शुक्ला की यह उपलब्धि देश की अंतरिक्ष अन्वेषण यात्रा में एक निर्णायक क्षण है।उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा:”मैं समस्त देश के साथ ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का स्वागत करता हूं, जो अपने ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन से पृथ्वी पर लौट रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन का दौरा करने वाले भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री के रूप में उन्होंने अपने समर्पण, साहस और अग्रणी भावना से करोड़ों सपनों को प्रेरित किया है। यह हमारे अपने मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन – गगनयान – की दिशा में एक और बहुत बड़ी उपलब्धि है।”
पुनरीक्षण के नाम एनआरसी नहीं हो सकती, निर्वाचन आयोग ‘मुद्दा भटकाओ योजना’ में जुटा: कन्हैया कुमार
नयी दिल्ली: 15 जुलाई (भाषा) कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने मंगलवार को कहा कि नागरिकता प्रमाणित करना निर्वाचन आयोग का काम नहीं है तथा विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) शुरू नहीं होनी चाहिए।उन्होंने यह दावा भी किया कि अब आयोग अपने ही तर्कों में फंस गया है और ‘मुद्दा भटकाओ योजना’ के तहत नेपाल, म्यांमा और बांग्लादेश के लोगों के बिहार में होने की कहानी गढ़ रहा है।
एक जिला-एक उत्पाद मध्यप्रदेश को मिला रजत पदक
एक जिला-एक उत्पाद योजना में म.प्र. के उत्पादों को वैश्विक बाजार मिल रहा है। प्रदेश स्थानीय से ग्लोबल की ओर बढ़ रहा है। स्थानीय स्तर पर निर्यातकों का बड़ा समूह तैयार हो रहा है। कई उत्पादों को जी.आई. टैग मिला है जिसमें इन उत्पादों की वैश्विक मांग बढ़ी है। हस्तशिल्प एवं कृषि और खाद्य उत्पादों की पहचान बढ़ने के साथ कारीगरों और निर्माताओं के जीवन स्तर में भी सुधार हो रहा है।
ओडीओपी योजना में विशेष उत्पादों को उनके भौगोलिक, जैविकीय, प्राकृतिक या उत्पादन की विशेषताओं के कारण शामिल किया गया है। सभी जिलों में ओडीओपी योजना संचालित है, जिनमें हरी सब्जी, मोटे अनाज, क्राफ्टकला हथकरघा, हस्तशिल्प, उपकरण शामिल है। स्थानीय कलाकारों और उत्पादों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। अलग-अलग जिलों के 19 विशिष्ट उत्पादों को अब तक जीओ-ग्राफिकल इंडीकेशन्स (जीआई) टैग प्रदान किये गये है। इसमें चंदेरी साड़ी, बाग प्रिंट, नागपुरी संतरा, रतलामी सेंव, कड़कनाथ मुर्गा, चिन्नौर चावल, बुटिक प्रिंट, स्टोन क्राफ्ट, लेदर टॉय, बेल मेटल वेअर, महेश्वरी साड़ी, महोबा देशवारी पान, मुरैना गजक, सुंदरजा आम, शरबती गेहूँ, गोंड पेंटिंग, रॉट आयरन क्राफ्ट, हेन्डमेड कारपेट, वारासिवनी की हेंडलूम साड़ी शामिल है। इनमें से 7 उत्पाद ओडीओपी योजना में भी शामिल है।
मध्यप्रदेश ने “एक जिला-एक उत्पाद” के अंतर्गत विश्व के प्रमुख बाजारों में अपनी पहचान बनाई है।

