ऑपरेशन सिंदूर का समग्र राजनीतिक-सैन्य उद्देश्य पाकिस्तान को उसके छद्म युद्ध के लिए दंडित करना था-रक्षा मंत्री

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‘अगर मैं न होता, तो पाकिस्तान से युद्ध कर रहा होता भारत’: ट्रंप

लंदन: 28 जुलाई (भाषा) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक बार फिर दावा किया कि यदि उन्होंने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया होता और सभी व्यापार वार्ता रोकने की धमकी नहीं दी होती, तो भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध छिड़ गया होता।

PIB DelhiRajnath Singh Live: Ceasefire पर राजनाथ सिंह का बड़ा ऐलान |Rajnath Singh On  Operation Sindoor Live - YouTube

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 28 जुलाई, 2025 को लोकसभा में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य सीमा पार करना या शत्रु क्षेत्र पर कब्जा करना नहीं था, बल्कि पाकिस्तान द्वारा वर्षों से पोषित आतंकी ढांचे को नष्ट करना और सीमा पार से किये गये हमलों में अपने प्रियजनों को खोने वाले निर्दोष परिवारों को न्याय दिलाना था। श्री सिंह ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को अचानक आवेश से भरा पागलपन नहीं, बल्कि एक सुनियोजित रणनीति और पुरानी कुंठा बताया और इस बात पर जोर दिया कि ऑपरेशन सिंदूर का समग्र राजनीतिक-सैन्य उद्देश्य आतंकवाद के छद्म युद्ध लड़ने वाले पाकिस्तान को दंडित करना था। उन्होंने कहा कि भारत किसी भी तरह के परमाणु ब्लैकमेलिंग या अन्य दबावों के आगे झुकने वाला नहीं है।श्री सिंह ने 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले को, अमानवीयता का सबसे घिनौना उदाहरण बताया, जिसमें एक नेपाली नागरिक सहित 26 निर्दोष लोगों को धर्म के आधार पर मार डाला गया। कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने 6 और 7 मई, 2025 को ऑपरेशन सिंदूर आरंभ किया, रक्षा मंत्री ने कहा कि सशस्त्र बलों ने हर पहलू का गहराई से अध्ययन के बाद ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि कई विकल्प मौजूद थे, लेकिन हमने वह विकल्प चुना जिसमें आतंकवादियों और उनके ठिकानों का अधिकतम नुकसान हो, पर आम पाकिस्तानी नागरिकों को कोई क्षति न पहुंचे। उन्होंने कहा कि अनुमान के अनुसार हमारे बलों द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ढांचों पर किए गए सुनियोजित हमलों में 100 से अधिक आतंकवादी, उनके प्रशिक्षक, आका और सहयोगी मारे गए। अधिकतर आतंकवादी जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज़्बुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों से जुड़े थे, जिन्हें पाकिस्तानी सेना और वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई का खुला समर्थन मिला हुआ है।

श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 10 मई, 2025 को पाकिस्तान ने भारत पर मिसाइलों, ड्रोनों, रॉकेटों और लंबी दूरी के अन्य हथियारों से हमले किये, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक युद्ध तकनीकों का भी व्यापक इस्तेमाल किया रक्षा मंत्री ने सैनिकों की बहादुरी और दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि हमारी अचूक सुरक्षा प्रणाली ने दुश्मन के हर हमले को नाकाम कर दिया, जिससे पाकिस्तान किसी भी भारतीय लक्ष्य को नहीं भेद सका और हमारे किसी महत्वपूर्ण सैन्य संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचा।श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 10 मई को पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस ने भारत के डीजीएमओ से संपर्क कर सैन्य अभियान रोकने का आग्रह किया। इसके बाद 12 मई को दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच औपचारिक बातचीत के बाद अभियान रोकने का फैसला किया गया।ऑपरेशन सिंदूर दबाव में रोके जाने के दावों को खारिज करते हुए  इन्हें निराधार और गलत बताया। उन्होंने कहा कि भारत ने कार्रवाई तभी रोकी जब सभी राजनीतिक और सैन्य उद्देश्य पूरी तरह से हासिल हो गए। उन्होंने फिर दोहराया कि ऑपरेशन सिंदूर केवल रोका गया है, समाप्त नहीं हुआ है और अगर पाकिस्तान फिर कोई नापाक हरकत की कोशिश करता है, तो हम और ज़्यादा कड़ी और निर्णायक कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”रक्षा मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि पाकिस्तान के साथ भारत का संघर्ष कोई सीमा संघर्ष नहीं, बल्कि सभ्यता बनाम बर्बरता का संघर्ष है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी हुकूमत जानती है कि उसके सैनिक युद्ध में भारत को नहीं हरा सकते, इसलिए पूरी दुनिया के सामने खुद को निर्दोष बताने का ढोंग करते हुए आतंकवाद को बढ़ावा देती है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद को एक ऐसे हथियार के रूप में इस्तेमाल करता है जो बाकी दुनिया की सभ्य आचार संहिता के बिल्कुल उलट है।

इंडिया नेताओं ने एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन किया

नयी दिल्ली: 28 जुलाई (भाषा) विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के कई घटक दलों के सांसदों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध करते हुए सोमवार को संसद भवन परिसर में प्रदर्शन किया।संसद के ‘मकर द्वार’ के निकट आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कई अन्य दलों के सांसद शामिल हुएविपक्षी सांसदों ने एक बड़ा बैनर भी ले रखा था, जिस पर ‘एसआईआर- अटैक ऑन डेमोक्रेसी’ (लोकतंत्र पर हमला) लिखा हुआ था।खरगे ने एसआईआर के खिलाफ ‘संविधान को बचाओ’ और ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’ के नारे लगाए।

 

नदी-संवेदनशील मास्टर प्लानिंग

PIB Delhiनदी शहर गठबंधन (आरसीए), जलशक्ति मंत्रालय और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा नवंबर, 2022 में शुरू की गई एक ऐसी अग्रणी पहल है, जो शहरी नदी प्रबंधन के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण को बढ़ावा देती है। यह संस्थागत क्षमता को मजबूत करती है, नदी घाटियों के अंतर-शहर सहयोग को बढ़ावा देती है और शहरी नदी प्रबंधन योजनाओं (यूआरएमपी) का समर्थन करती है।सतत शहरी नदी पुनरुद्धार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) ने वर्ष 2025 के लिए आरसीए हेतु एक कार्ययोजना को मंजूरी दी है, जिसमें वर्षभर की जाने वाली पहलों का एक जीवंत और कार्योन्मुख रोडमैप तैयार किया गया है। इस योजना में क्षमता निर्माण कार्यक्रमों, ज्ञान मंचों, तकनीकी उपकरणों के विकास, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और विषयगत केस स्टडीज की एक श्रृंखला शामिल है, जो भारत के ऐसे शहरों में नदी-संवेदनशील शहरी नियोजन को एकीकृत करने पर केंद्रित हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य विभिन्न राज्यों में नदी-संवेदनशील मास्टर प्लानिंग प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करके शहर के मास्टर प्लान में नदी संबंधी विचारों को बढ़ावा देना है।जलशक्ति मंत्रालय ने भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून के सहयोग से एनएमसीजी के वित्तपोषण से गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों- यमुना, घाघरा, रामगंगा, कोसी, गंडक, चंबल, सोन, गोमती, दामोदर, रूपनारायण (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल) और अजय (बिहार, झारखण्ड और पश्चिम बंगाल में बहने वाली नदी) का मूल्यांकन किया है। इसमें राष्ट्रीय नदी संरक्षण निदेशालय द्वारा वित्त पोषित परियोजना के तहत सात अन्य भारतीय नदियों, अर्थातबराक, नर्मदा, महानदी, गोदावरी, कावेरी, पेरियार और पंबा (केरल) का भी मूल्यांकन किया है।

मीठे जल जैव विविधता संरक्षण प्रयासों को उजागर करने के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून द्वारा एक सूचना डैशबोर्ड (www.rivres.in) विकसित किया गया है, जो नदियों की जैव विविधता प्रोफ़ाइल और चिन्हित प्रदूषण हॉटस्पॉट के संबंध में जानकारी प्रसारित करता है। यह गंगा नदी बेसिन और अन्य नदियों में सामुदायिक सहभागिता, क्षमता विकास, बचाव एवं पुनर्वास तथा संरक्षण शिक्षा के संदर्भ में संरक्षण प्रयासों की जानकारी भी प्रदान करता है।यह जानकारी जलशक्ति राज्य मंत्री श्री राज भूषण चौधरी ने राज्यसभा में दी।

 

 

 

 


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