
शहडोल के डॉ. उमाकांत शर्मा को दिल्ली में मिला प्रतिष्ठित “डॉक्टर ऑफ लॉ एंड सोशल सर्विस” पुरस्कार
नई दिल्ली, जुलाई 2025:
मध्य प्रदेश के आदिवासी विशेष क्षेत्र शहडोल के निवासी डॉ. उमाकांत शर्मा को रविवार, 27 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में “डॉक्टर ऑफ लॉ एंड सोशल सर्विस” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें विधि और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया। इस उपलब्धि के साथ डॉ. शर्मा शहडोल के पहले व्यक्ति बन गए हैं, जिन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया है।समारोह में भारत और विदेशों के कई गणमान्य व्यक्ति, साहित्यकार, प्रशासनिक अधिकारी और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रख्यात हस्तियां शामिल हुईं। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. दिनेश शर्मा, राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री, थीं, जबकि अध्यक्षता जेसन हॉल, जमैका के भारत में उच्चायुक्त, और महामहिम गेशान डिस्सानय
के, श्रीलंका उच्चायोग के वाणिज्यिक सलाहकार, ने की।
डॉ. उमाकांत शर्मा वर्तमान में जबलपुर हाईकोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके पिता, जो शहडोल लॉ कॉलेज के प्राचार्य और वरिष्ठ अधिवक्ता थे, ने भी अपने समय में ख्याति अर्जित की थी। अपने पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए डॉ. शर्मा ने न केवल राष्ट्रीय, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है।
इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में शहडोल के पूर्व आयुक्त राजीव शर्मा (आईएएस, सेवानिवृत्त), गृह मंत्रालय के उप सचिव सीबी तिवारी, इंदौर के सहायक पुलिस आयुक्त प्रमोद सोनकर, इंदौर केंद्रीय जेल की अधीक्षक सुश्री अलका सोनकर, काडिला फार्मा लिमिटेड के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. पीके राजपूत, भारतीय रूसी प्रवासी संघ की संस्थापक और अध्यक्ष श्रीमती एलेना बर्मन, ऑस्ट्रेलिया के विधि विद्वान डॉ. विक गैफ्नी, इंदौर/ऑक्सफोर्ड इंटरनेशनल कॉलेज के समूह निदेशक डॉ. पूनित कृ द्विवेदी, इंदौर ऑक्सफोर्ड इंटरनेशनल कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. नेहा शर्मा, और जिम्बाब्वे के एन्वायरप्लस प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक कागुना फिलिप शामिल थे।
यह समारोह न केवल डॉ. शर्मा के लिए, बल्कि पूरे शहडोल क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण रहा। उनके इस सम्मान ने शहडोल के लोगों को प्रेरणा दी है कि कठिन परिश्रम और समर्पण से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई जा सकती है।
डॉ. शर्मा ने इस अवसर पर अपने विचार सा
झा करते हुए कहा, “यह सम्मान मेरे लिए केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि मेरे क्षेत्र और समाज के प्रति मेरी जिम्मेदारी को और मजबूत करने का एक अवसर है। मैं अपने पिता के आदर्शों और शहडोल की मिट्टी से मिली प्रेरणा को समर्पित करता हूं।”
यह आयोजन नई दिल्ली में गरिमामय और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें सभी उपस्थित अतिथियों ने डॉ. शर्मा के योगदान की सराहना की और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

