शहडोल जेल बिल्डिंग के पास तालाब की बदहाल स्थिति: गंभीर पर्यावरणीय समस्या/बीमारी को निमंत्रण

शहडोल नगर के जेल बिल्डिंग के पास तालाब की बदहाल स्थिति: एक गंभीर सामाजिक और पर्यावरणीय समस्या
शहडोल नगर का सर्वाधिक बदबूदार तालाब और नाला आखिर जेल बिल्डिंग के बगल का तालाब कैसे बन गया करीब 1 महीने से यह तालाब का पानी अत्यंत बदबूदार प्रदूषित नाली के रूप में खुले में बह रहा है जिसका प्रभाव वहां पर बाइक से और साइकिल से तथा पैदल चल निकलने वाले आम विद्यार्थियों पर नागरिकों पर पड़ता है जिससे बीमारियां होने की संभावना बरकरार हैं बावजूद इसके ना तो प्रदूषण नियंत्रण विभाग और ना ही नगर पालिका ना ही प्रशासन इस मामले में जागना चाहता है रही राजनेताओं की बात तो वह तो एक परजीवी प्राणी की तरह है शहडोल की राजनीति में अपनी आजीविका की तलाश में घूमता रहता है बेहतर होता कि तत्काल जिम्मेदार नगर पालिका प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग इस समस्या का निराकरण करें
शहडोल नगर, मध्य प्रदेश का एक महत्वपूर्ण जिला और संभागीय मुख्यालय, अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर के लिए जाना जाता है। लेकिन शहर के मध्य में जेल बिल्डिंग के पास स्थित तालाब की दयनीय स्थिति ने स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर स्वास्थ्य और पर्यावरणीय संकट पैदा कर दिया है। यह तालाब, जो कभी शहर की शोभा बढ़ाता था, अब एक बदबूदार नाले का रूप ले चुका है, जिसकी दुर्गंध और प्रदूषण स्थानीय लोगों के लिए खतरा बन गए हैं। इस तालाब की उपेक्षा और प्रशासनिक निष्क्रियता ने न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि सामाजिक उदासीनता को भी उजागर किया है।
तालाब की वर्तमान स्थिति
जेल बिल्डिंग के समीप यह तालाब, सरकारी रिकॉर्ड में भले ही प्लॉटिंग के लिए परिवर्तित कर दिया गया हो, लेकिन इसका भौतिक स्वरूप आज भी तालाब का ही है। 21वीं सदी की शुरुआत में सरकारी धन से इस तालाब का गहरीकरण किया गया था, जिसका उद्देश्य इसे संरक्षित करना और जल संरक्षण को बढ़ावा देना था। लेकिन इसके बाद कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, जिसके परिणामस्वरूप यह तालाब आज प्रदूषण और उपेक्षा का शिकार है।
प्रदूषण और दुर्गंध: बरसात के मौसम में तालाब का पानी गंदा होकर सड़ रहा है, जिससे असहनीय दुर्गंध फैल रही है। यह दुर्गंध इतनी तीव्र है कि स्थानीय लोगों को सांस लेने में तकलीफ और फेफड़ों से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।सड़क क्षति और दुर्घटनाएं: तालाब का गंदा पानी मुख्य सड़क को काट रहा है, जिससे गहरे गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों में आए दिन छुटपुट दुर्घटनाएं हो रही हैं, जो राहगीरों के लिए खतरा बन रही हैं।
स्वास्थ्य जोखिम: तालाब के प्रदूषित पानी में वायरस और बैक्टीरिया के पनपने की आशंका है, जो स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है।
प्रशासनिक निष्क्रियता
इस तालाब की बदहाल स्थिति के बावजूद, जिला प्रशासन और नगर पालिका की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। यह तालाब उस मुख्य मार्ग पर स्थित है, जहां से कलेक्टर, कमिश्नर, और न्यायाधीश जैसे वरिष्ठ अधिकारी प्रतिदिन गुजरते हैं। फिर भी, प्रशासन की उदासीनता चौंकाने वाली है।
नगर पालिका की लापरवाही: तालाब से मात्र 500 मीटर की दूरी पर स्थित नगर पालिका कार्यालय के बावजूद, पिछले एक महीने से कोई कर्मचारी या अधिकारी इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
राजनीतिक उदासीनता: तालाब के निकट जिला कांग्रेस अध्यक्ष और जिला भाजपा अध्यक्ष का निवास होने के साथ-साथ भाजपा का चुनाव कार्यालय भी मौजूद है। इसके बावजूद, कोई भी राजनीतिक दल या नेता इस समस्या के समाधान के लिए आगे नहीं आया है।
सामाजिक प्रभाव और नागरिकों की भूमिका
शहडोल के नागरिकों की इस समस्या के प्रति उदासीनता भी चिंताजनक है। यह तालाब न केवल पर्यावरणीय, बल्कि सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी संकट का प्रतीक बन गया है। स्थानीय लोग इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और किसी बड़ी अनहोनी के इंतजार में चुप्पी साधे हुए हैं। यह स्थिति न केवल प्रशासन की नाकामी को दर्शाती है, बल्कि सामुदायिक जिम्मेदारी की कमी को भी उजागर करती है।
समाधान
इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जाने चाहिए: तालाब की नियमित सफाई और गहरीकरण के लिए एक दीर्घकालिक योजना बनाई जाए।प्रदूषण नियंत्रण: तालाब में गंदा पानी और कचरा डालने पर सख्त रोक लगाई जाए। इसके लिए निगरानी समिति गठित की जाए।
सड़क मरम्मत: तालाब के गंदे पानी से क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत की जाए ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
स्थानीय निवासियों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाएं ताकि प्रदूषण से होने वाली बीमारियों का पता लगाया जा सके।प्रशासनिक जवाबदेही: नगर पालिका और जिला प्रशासन को इस समस्या के त्वरित समाधान के लिए जवाबदेह बनाया जाए।
शहडोल नगर के जेल बिल्डिंग के पास स्थित तालाब की बदहाल स्थिति न केवल पर्यावरणीय उपेक्षा का परिणाम है, बल्कि प्रशासनिक और सामाजिक उदासीनता का भी द्योतक है। यह तालाब, आज एक बदबूदार नाले में तब्दील हो चुका है, जो स्वास्थ्य, सुरक्षा और पर्यावरण के लिए खतरा बन गया है। इस समस्या का समाधान तभी संभव है जब प्रशासन, स्थानीय नेता और नागरिक मिलकर इस दिशा में ठोस कदम उठाएं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह तालाब और इसके आसपास का क्षेत्र और भी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।
इस अत्यंत खुले बदबूदार नाले के प्रवाह क्षेत्र में फल वाले फल बेच रहे हैं जब यहां से राहगीर के निकलने पर उसका दम घुटने लगता है जो निश्चय ही घातक बैक्टीरिया संक्रमण के कारण होता होगा ऐसे में यह इन सब्जियों में या फल में क्या प्रभाव नहीं डालते होंगे आखिर आंख मूंद कर बैठा नगर पालिका शहडोल का अध्यक्ष अथवा सीएमओ या अन्य पदाधिकारी शहडोल में किस प्रकार की बीमारी को निमंत्रण दे रहे हैं
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