
एससीओ ने पहलगाम हमले की निंदा की; आतंकवाद से लड़ने में दोहरे मापदंडों को अस्वीकार्य कहा
तियानजिन (चीन):
एक सितंबर (भाषा) शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) ने पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हुए भारत के इस रुख से सोमवार को सहमति जताई कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में ‘‘दोहरे मानदंड’’ अस्वीकार्य हैं।इस प्रभावशाली समूह ने चीनी बंदरगाह शहर तियानजिन में आयोजित अपने दो दिवसीय वार्षिक शिखर सम्मेलन के अंत में जारी एक घोषणापत्र में आतंकवाद से लड़ने के अपने दृढ़ संकल्प को सूचीबद्ध किया। इस शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और विश्व के कई अन्य नेताओं ने भाग लिया।
‘वोट चोरी’ पर खुलासे का ‘हाइड्रोजन बम’ आ रहा है, मोदी चेहरा नहीं दिखा पाएंगे: राहुल
पटना: (1 सितंबर)
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी जल्द ही ‘वोट चोरी’ पर खुलासे का ‘हाइड्रोजन बम’ लेकर आएगी और उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को अपना चेहरा नहीं दिखा पाएंगे।अपनी ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ के समापन समारोह में बोलते हुए, गांधी ने कहा कि बिहार एक क्रांतिकारी राज्य है और इसने देश को एक संदेश दिया है।लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, “हम उन्हें (भाजपा को) संविधान की हत्या नहीं करने देंगे और इसीलिए हमने यह यात्रा निकाली। हमें जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। लोग बड़ी संख्या में बाहर आए और ‘वोट चोर, गड्डी छोड़’ का नारा लगाया।”गांधी ने कहा, “मैं भाजपा वालों से कहना चाहता हूँ। क्या आपने परमाणु बम से भी बड़ी किसी चीज़ के बारे में सुना है? वह हाइड्रोजन बम है। भाजपा वालों, तैयार रहो, हाइड्रोजन बम आ रहा है। लोगों को जल्द ही वोट चोरी की असलियत पता चल जाएगी।”
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “आने वाले समय में, मैं आपको गारंटी देता हूँ कि हाइड्रोजन बम आने के बाद, नरेंद्र मोदी जी देश को अपना चेहरा नहीं दिखा पाएँगे।”उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में वोट “चोरी” हुए और फिर सबूतों के साथ उनकी पार्टी ने दिखाया कि कैसे कर्नाटक के बेंगलुरु मध्य लोकसभा क्षेत्र के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में “वोट चोरी” की गई।उन्होंने आरोप लगाया, “मैं बिहार के युवाओं से कहना चाहता हूँ, वोट चोरी का मतलब है ‘अधिकारों की चोरी, लोकतंत्र की चोरी, रोज़गार की चोरी’। वे आपका राशन कार्ड और अन्य अधिकार छीन लेंगे।”उनकी यह टिप्पणी इंडिया ब्लॉक के सहयोगियों द्वारा गांधी और अन्य महागठबंधन नेताओं के नेतृत्व में ‘वोट अधिकार यात्रा’ के समापन के अवसर पर आयोजित मार्च के बाद आई है। यात्रा में 1,300 किलोमीटर की दूरी तय की गई और आगामी राज्य चुनावों से पहले 38 जिलों में से 25 जिलों के 110 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरी।
डॉलर के मुकाबले रुपया 10 पैसे टूटकर 88.19 के अबतक के सबसे निचले स्तर पर
मुंबई: एक सितंबर (भाषा)
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की अनिश्चितताओं और आयातकों की बढ़ती डॉलर मांग के बीच सोमवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 10 पैसे टूटकर 88.19 (अस्थायी) के अबतक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ।अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 88.18 पर खुला। कारोबार के दौरान नीचे गिरकर 88.33 के अबतक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। इसका कारण अमेरिका द्वारा भारत पर अतिरिक्त व्यापार शुल्क लगाने से भारत के व्यापार घाटे को लेकर चिंता का बढ़ना है।घरेलू मुद्रा अंततः डॉलर के मुकाबले 88.19 (अस्थायी) के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुई, जो पिछले बंद भाव से 10 पैसे की गिरावट है।
तृणमूल कांग्रेस के मंच को हटाने के लिए केंद्र ने सेना का दुरुपयोग किया: ममता
कोलकाता: एक सितंबर (भाषा)
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने सोमवार को केंद्र सरकार पर भाजपा शासित राज्यों में बांग्लाभाषी प्रवासी श्रमिकों पर कथित अत्याचार के विरोध में यहां बनाए गए मंच को हटाने के लिए सेना के “दुरुपयोग” का आरोप लगाया।सेना ने मध्य कोलकाता के मैदान क्षेत्र में गांधी प्रतिमा के पास बनाए गए तृणमूल कांग्रेस के मंच को हटाने का काम शुरू किया। मौके पर पहुंची ममता बनर्जी ने संवाददाताओं से कहा, “मैं सेना को दोष नहीं देती, लेकिन इसके पीछे भारतीय जनता पार्टी की प्रतिशोध की राजनीति है। भाजपा की डबल इंजन वाली सरकार दोषी है। वे सेना का दुरुपयोग कर रहे हैं। यह अनैतिक और अलोकतांत्रिक है।”उन्होंने कहा कि सेना को मंच हटाने से पहले कोलकाता पुलिस से परामर्श करना चाहिए था।उन्होंने कहा, “वे मुझे बुला सकते थे और मैं कुछ ही मिनटों में मंच हटवा देती।”बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं सेना को दोष नहीं देती, बस उनसे अपील करती हूं कि वे तटस्थ रहें और भाजपा के हाथों में न खेलें।”एक रक्षा अधिकारी ने बताया कि भारतीय सेना (स्थानीय सैन्य प्राधिकरण, कोलकाता) उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार मैदान क्षेत्र में दो दिनों की अवधि के लिए कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति देती है।रक्षा अधिकारी ने एक बयान में कहा, “तीन दिन से अधिक अवधि के आयोजनों के लिए रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार से अनुमति प्राप्त करना आवश्यक है।”उन्होंने कहा, “कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दो दिनों के लिए दी गई थी। हालांकि, मंच लगभग एक महीने से लगा हुआ है। आयोजकों को अस्थायी ढांचा हटाने के लिए कई बार सूचित किया जा चुका है। हालांकि इसे हटाया नहीं गया।”

