हिंसा के 864 दिनों बाद पहुंचे मणिपुर प्रधानमंत्री/ मणिपुर दौरा “आत्म-प्रशंसा स्टंट”: कांग्रेस /68,000 से अधिक तालाबों के निर्माण

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हिंसा के करीब ढाई साल बाद पहुंचे मणिपुर प्रधानमंत्री

मणिपुर की ये धरती, ये क्षेत्र, आशा और उम्मीद की भूमि है।प्रधानमंत्री ने कहा, “मणिपुर की धरती और क्षेत्र आशा और आकांक्षाओं की धरती है।” उन्होंने  कहा कि दुर्भाग्य से इस असाधारण क्षेत्र में हिंसा व्याप्त है। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले ही उन्होंने शिविरों में रह रहे प्रभावित लोगों से मुलाकात की थी। बातचीत के बाद, प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि मणिपुर में आशा और विश्वास का एक नया सवेरा आ रहा है।। करीब सात हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास हुआ बीते वर्षों में यहां National Highways पर 3700 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं, 8700 करोड़ की लागत से नए Highways पर काम बहुत तेज़ी से चल रहा है। जीरीबाम–इंफाल रेलवे लाइन, बहुत जल्द राजधानी इंफाल को national rail network से जोड़ देगी। इस पर सरकार 22 हज़ार करोड़ रुपए खर्च कर रही है। 400 करोड़ की लागत से बना नया इंफाल एयरपोर्ट, air connectivity को नई ऊँचाई दे रहा है।मणिपुर के भी करीब ढाई लाख मरीज़ों ने इस योजना के जरिए अपना मुफ्त इलाज कराया हैमणिपुर को peace, prosperity और progress का प्रतीक बनाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, मणिपुर के विकास के लिए, विस्थापितों को जल्द से जल्द उचित स्थान पर बसाने के लिए, शांति की स्थापना के लिए, भारत सरकार, यहां मणिपुर सरकार का ऐसे ही सहयोग करती रहेगी। मैं एक बार फिर आप सभी को विकास परियोजनाओं की बहुत-बहुत बधाई देता हूं.
सुशीला कार्की ने नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री .प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की को पदभार संभालने पर बधाई दी और उनकी नियुक्ति को ‘‘महिला सशक्तीकरण का एक शानदार उदाहरण’’ बताया।

प्रधानमंत्री का मणिपुर दौरा “आत्म-प्रशंसा का स्टंट”, राज्य के लोगों का अपमान : कांग्रेस

नयी दिल्ली: 13 सितंबर (भाषा  )कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मणिपुर दौरे को लेकर शनिवार को दावा किया कि हिंसा के 864 दिनों बाद “सिर्फ तीन घंटे” के लिए जाना “आत्म-प्रशंसा का स्टंट” और राज्य की पीड़ित जनता का घोर अपमान है।पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री पर संवैधानिक उत्तरदायित्व का परित्याग करने का भी आरोप लगाया और तंज कसते हुए यह सवाल किया कि “आपका राजधर्म कहां है?”
  •   सुरक्षित भारत की दिशा में प्रगति को तेज करने के लिए एक रणनीतिक कदम में, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने आई.सी.ए.आर. के एन.ए.एस.सी. कॉम्प्लेक्स, ए.पी. शिंदे संगोष्ठी हॉल में 68,000 से अधिक तालाबों के निर्माण पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया।मिशन अमृत सरोवर का दूसरा चरण जमीनी स्तर पर मिशन को लागू करने और तालाबों की परिणाम-आधारित निगरानी करने के लिए जमीनी प्रणालियों को मजबूत करने हेतु जनभागीदारी और तकनीकी नवाचारों पर केंद्रित है।कार्यशाला का एजेंडा मिशन की तकनीकी नींव को मजबूत करने और अमृत सरोवरों को टिकाऊ, समुदाय-संचालित केंद्रों में बदलने पर केंद्रित था। चर्चाएँ और सत्र प्रारंभिक लक्ष्यों से आगे बढ़ने पर केंद्रित थे, जिन्हें पहले ही 68,000 से अधिक तालाबों के निर्माण के साथ पार कर लिया

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