
मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में जिला विकास सलाहकार समिति का गठन
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प्रभारी मंत्री की अनुसंशा पर जिला विकास सलाहकार समिति में विभिन्न सेक्टर के 20 प्रतिनिधियों का किया गया नामांकन
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जिला विकास सलाहकार समिति जिले के विकास का रोडमैप तैयार करेगी
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शहडोल 30 अक्टूबर 2025- जिले के विकास की दीर्घकालिक रोड मैप तैयार करने हेतु जिला विकास सलाहकार समिति का गठन किया गया है। प्रदेश के सभी जिलों में मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में जिला विकास सलाहकार समिति गठित की गई है। इस समिति के उपाध्यक्ष जिला प्रभारी मंत्री तथा कलेक्टर सदस्य सचिव हैं। समिति में सांसद जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों के विधायक, जिला मुख्यालय शहडोल के नगर पालिका अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिले के समस्त जनपद पंचायत के अध्यक्षों को शामिल किया गया है। जिले के प्रभारी मंत्री की अनुसंशा पर जिले के उद्योग व्यापार, प्रगतिशील किसान, समाज सेवा चिकित्सा विधि, आदि क्षेत्रों से 20 प्रतिनिधियों को नामांकित किया गया है। नामांकित सदस्यों में विधि क्षेत्र से हर्षवर्धन सिंह, उद्योग क्षेत्र से जसवीर सिंह,समाज सेवा क्षेत्र से कैलाश तिवारी एवं राजेश्वर उदानिया, भारतीय प्रशानिक सेवा के सेवा निवृत्त अधिकारी अमरपाल सिंह, सेवा निवृत्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी, राजेश पाण्डेय, समाज सेवी इंन्द्रजीत सिंह छावड़ा, अमिता चपरा, रूपाली सिंघई, लघु एवं गृह उद्योग क्षेत्र से मनीषा माथनकर, समाज सेवी कैलाश विशनानी, उद्योग क्षेत्र से संजय मित्तल, प्रगतिशील किसान अशोक सिंह जोधावत, समाज सेवी जय प्रकाश गुप्ता, पत्रकार रविंन्द्र सिंह गिल, चार्टड अकाउन्टेंट अमित बजाज, चिकित्सक डॉ. अभिषेक गर्ग, सेवा निवृत्त उद्योग प्रबंधक अजय श्रीवास्तव, विधि क्षेत्र से रमेश त्रिपाठी तथा समाज सेवी श्री सौरभ कटारे शामिल हैं।
जिला विकास सलाहकार समिति जिले की जनता, जनप्रतिनिधियों एवं अन्य हितधारकों की जरूरतों और सुझावों के अनुसार जिले की दीर्घकालीन विकास की योजनाएं बनाने, जिले की परंपरागत कौशल को चिन्हित कर प्रधानमंत्री जी के लोकल फॉर वोकल के सिद्धांत को दृष्टिगत रखते हुए स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने हेतु, जिले की समृद्धि का रोडमैप तैयार करने, जिले की स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शासकीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन हेतु सुझाव एवं विचार विमर्श करने, जिले में स्थानीय प्रयासों से प्रचलित नवाचारों को योजना के रूप में मूर्त रूप देने, जिले में रोजगार श्रृजन एवं विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्यों के संबंध में सुझाव देने तथा उद्योग, व्यापार, जल संरचनाओं के संरक्षण, निर्यात, कृषि, खनिज, पर्यावरण आदि क्षेत्रों में जिले की कार्ययोजना में सुझाव देने का कार्य यह समिति करेगी।

