
अवैध कॉलोनियों पर नकेल कसने के लिए बनाया जा रहा नया अधिनियम
भोपाल समाचार एजेंसी ईएमएस के अनुसार सरकार की कोशिशों के बावजूद मप्र में अवैध कॉलोनियों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अवैध कॉलोनियों की संख्या 8000 से अधिक हो चुकी है। ऐसे में अवैध कॉलोनी बसाने की प्रक्रिया पर नकेल कसने के लिए खिलाफ नया कानून तैयार किया जा रहा है, जो 2026 से लागू हो सकता है। नए अधिनियम में बिल्डरों को एक ही लाइसेंस से शहर और गांव में कॉलोनी बनाने की अनुमति मिलेगी। अवैध कॉलोनियों के खिलाफ 45 दिन के भीतर कार्रवाई की जाएगी और जमीन जब्त भी होगी। अवैध कॉलोनी बनाने वालों को 10 साल की सजा और एक करोड़ रूपए का जुर्माना लगाया जाएगा।वर्ष 2025 तक 16 नगर-निगमों के क्षेत्रों में ही लगभग 4,000 स्थानों पर अवैध प्लॉटिंग की पहचान की गई है। यदि सभी नगरीय निकायों (कुल 413) को शामिल किया जाए, तो यह आंकड़ा 8,000 पार होगा।
भारत में 80 प्रतिशत से अधिक मनोरोगियों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता: आईपीएस
नयी दिल्ली: चार जनवरी (भाषा) ‘इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी’ (आईपीएस) ने भारत में मानसिक स्वास्थ्य उपचार अंतराल के लगातार बहुत अधिक बने रहने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि मनोरोग से पीड़ित लगभग 80-85 प्रतिशत लोगों को समय पर या उचित देखभाल नहीं मिल पाती है।इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी के 77वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन (एएनसीआईपीएस 2026) के पूर्व एक कार्यक्रम के दौरान यह तथ्य उजागर किया। यह सम्मेलन 28 से 31 जनवरी तक दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित किया जाएगा।
– आपात स्थिति में तीन दिनों बिजली इस्तेमाल कर सकेंगे –
मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को बिजली कटने की समस्या से बचाना पटना,समाचार एजेंसी ईएमएस के अनुसार प्रीपेड स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ता, जिनका बिजली का बैलेंस समाप्त हो जाता है या माइनस में चला जाता है, उन्हें तुरंत रिचार्ज करने की चिंता करने की जरूरत नहीं होगी। सरकार और बिजली विभाग ने ऐसी नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत उपभोक्ताओं को अस्थायी राहत दी जा सकेगी और आकस्मिक परिस्थितियों में परेशानी से बचाया जा सकेगा। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को आकस्मिक स्थिति में बिजली कटने की समस्या से बचाना है। अब यदि किसी घर का स्मार्ट मीटर बैलेंस खत्म हो जाता है, तो भी बिजली तुरंत चालू रहेगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस सुविधा के तहत उपभोक्ताओं को लगातार 72 घंटे तक बिना रिचार्ज के बिजली मिलती रहेगी। इसका मतलब यह है कि आप किसी भी आपात स्थिति में तीन दिनों तक अपने घर की बिजली बिना रुकावट के इस्तेमाल कर सकते हैं।

