
एक पाखंडी राष्ट्रपति…का 2026 में नया छिछोरापन ( त्रिलोकीनाथ )
अब तक अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप करीब 60 बार बोल चुके हैं कि भारत पाकिस्तान के मध्य हुए युद्ध ऑपरेशन सिंदूर को उन्होंने अपने धंधे की धमकी से धमका कर रुकवा दिया था और उसके लिए उनको नोबेल प्राइज भी मिलना चाहिए… भारत ने इससे हालांकि खारिज नहीं किया है. किंतु इससे सहमति भी नहीं जताई है .स्पष्ट है कि भारत की नजर में वह झूठ बोल रहे हैं। भारतीय प्रवासियों को बाहर निकालने के लिए जिस अपमानजनक तरीके से पूरी दुनिया में हल्ला मचा कर उन्होंने हथकड़ी डालकर भारत में अपने युद्ध जहाज से उतारा है उसे भी नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। वह भी प्रचार का एक सस्ता तरीका है। एक ब्लैकमेलर राष्ट्रपति की तरह ट्रंप जिसके लिए भारत में कुछ तथा कथित राष्ट्रवादियों ने कुछ भारतीयों ने यज्ञ हवन आदि भी किए थे मनमानी तरीके से भारत में आपदा लाने के लिए 50% तक टैरिफ चार्ज का उपयोग किया। राष्ट्रपति ट्रंप भारत को ब्लैकमेल करने में सफल नहीं हुये। हालांकि ब्लैकमेलिंग की कॉर्पोरेट पॉलीटिकल सिस्टम का पत्ता उन्होंने अभी उसे अंदाज में नहीं खोला है जिस अंदाज में भारतीय नागरिकों को कीड़े मकोड़े की तरह इस्तेमाल करते हुए उन्हें अपमानित कर रहे हैं। क्योंकि उस सिस्टम में उसके पूंजीपतियों का पैसा धंधे में लगा हुआ है ।जिस धंधे में उद्योगपति अडानी का नाम 2000 करोड रुपए घूस देने के मामले में अमेरिका में कोई मुकदमा चल रहा है।
कई प्रकार से डराने धमकाने और ब्लैकमेलिंग करने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप सफल ब्लैकमेलर सिद्ध नहीं हो पा रहे हैं अब उन्होंने अपने सत्ता का उपयोग करते हुए अपने जुंए के धंधे में नया पाखंडी ताश का पत्ता फेंका है
दैनिक जनसत्ता ने अपने पेज 18 में सिंगल कॉलम की खबर बनाई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की सूची में भारत का नाम नहीं
न्यूयॉर्क/वाशिंगटन 4 जनवरी खबर के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को एक नई सूची सार्वजनिक की है इस सूची में उन देशों का जिक्र किया है जिसे अमेरिका आने वाले प्रवासियों को सरकारी कल्याण और सहायता योजनाओं का लाभ मिलता है खास बात यह रही की सूची में पाकिस्तान बांग्लादेश चीन नेपाल और भूटान जैसे देशों का नाम तो शामिल है लेकिन भारत का जिक्र नहीं है इमीग्रेंट्स वेलफेयर रिसिपिएन्ट रेट्स बाय कंट्री ऑफ ओरिजिन नाम से जारी इस सूची में दुनिया के करीब 120 देश और क्षेत्रों को शामिल किया गया है ट्रंप ने यह आंकड़े टुथ सोशल पर साझा किए हैं।
अपनी इस नई हरकत से नए वर्ष 2026 में राष्ट्रपति ट्रंप की यह छिछोरी ब्लैकमेलिंग भारत को कितना दबाव दे पाएगी यह तो बताना मुश्किल है लेकिन जिस तर्ज पर उन्होंने पड़ोसी राष्ट्र वेनेजुएला पर हमला करके उनके राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को अमेरिकी जेल में डाला है यह साफ संदेश है दुनिया भर के उनसे ना डरने वाले देश के अति महत्वाकांक्षी लोगों के लिए कि यह ब्लैकमेलर किसी भी हद तक अपनी धंधे के लाभ के लिए कोई भी कार्यवाही कर सकता है। इस तरह उन्होंने एक पाखंड का उपयोग किया जो अक्सर भारत में पाखंडी करते रहते हैं। किसी भी लोकतंत्र में इस प्रकार की छिछोरी हरकतें लोकतंत्र को सत्यानाश करने का टूलकिट के अलावा कुछ नहीं है। ( त्रिलोकीनाथ )

