
रायबरेली
समाचार एजेंसी ईएमएस के अनुसार राहुल गांधी ने रोहनिया ब्लॉक के ऊंचाहार क्षेत्र में मनरेगा बचाओ चौपाल की अध्यक्षता करते हुए ग्रामीणों और श्रमिकों से संवाद किया। राहुल ने कहा कि मनरेगा का जो कॉन्सेप्ट बना, उसके पीछे दो मुख्य लक्ष्य थे। पहला- सरकार की नीति के तहत ग्राम पंचायतों जैसी लोकल गवर्नमेंट को थोड़ी जिम्मेदारी देनी चाहिए और उन्हें फाइनेंशियल रिस्पांसिबिलिटी दी जाए। वहीं दूसरा लक्ष्य था कि हिंदुस्तान के गरीब लोग, खासकर कम उम्र के लोग, उनके लिए एक न्यूनतम वेतन बने जिससे उनका लाभ हो, लेकिन नरेंद्र मोदी ये नहीं चाहते। वह पावर को केंद्रित रखना चाहते हैं और गरीबों को भूखे मरते देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मामला सिर्फ नाम बदलने का नहीं है। राष्ट्रपति महात्मा गांधी का अपमान किया गया है, लेकिन उससे भी बड़ी बात है कि हमारे गरीब जनता का जो प्रोटेक्शन था, वह हटा दिया गया है। जो डेमोक्रेटिक जड़ है, एक प्रकार से उसको काटा गया है। कांग्रेस पार्टी पूरे देश में मनरेगा को बचाने का आंदोलन चला रही है जो मजदूरों की मजदूरी और उनके प्रोटेक्शन के लिए है।
पहले मुसलमानों से और अब शंकराचार्य से कागज दिखाने के लिए कह रहे हैं भाजपा के लोग: कांग्रेस
नयी दिल्ली: 20 जनवरी (भाषा) कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को नोटिस जारी किए जाने का हवाला देते हुए मंगलवार को राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा और कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लोग देश के मुसलमानों से नागरिकता का कागज मांगते-मांगते अब शंकराचार्य से भी कागज दिखाने के लिए कह रहे हैं।पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह भी कहा कि किसी मुख्यमंत्री या प्रशासन की यह तय करने की हैसियत नहीं है कि शंकराचार्य कौन हैं।
भाजपा के नए अध्यक्ष नितिन नवीन ने युवाओं से राजनीति में आने का आग्रह किया
नयी दिल्ली: 20 जनवरी (भाषा)
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, कि मैं एक कार्यकर्ता हूं और नितिन नबीन अब मेरे ‘बॉस’ हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनिर्वाचित अध्यक्ष नितिन नवीन ने लोगों, खासकर युवाओं से राजनीति में आने की मंगलवार को अपील की ताकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा किया जा सके। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को उनके काम का उचित सम्मान मिलने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि भाजपा में हर किसी के प्रयासों पर नजर है।
जिन मुसलमानों की आस्था गंगा और कुंभ में नहीं है, उन्हें वहां जाने से बचना चाहिए;वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष
देहरादून
समाचार एजेंसी ईएमएस के अनुसार उत्तराखंड के हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर चल रहे विवाद के बीच उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष हाजी शादाब शम्स का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन मुसलमानों की आस्था गंगा और कुंभ में नहीं है, उन्हें वहां जाने से बचना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब कई संतों और स्थानीय संगठनों द्वारा कुंभ क्षेत्र व गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं की नो एंट्री की मांग की जा रही है और हरिद्वार में दुकानदारों के पहचान पत्र जांचने के मामले भी सामने आए हैं। भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए शम्स ने सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के रुख का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ लगातार साजिशें रची जा रही हैं और ऐसे बड़े धार्मिक आयोजनों में कुछ तत्व नकारात्मक हरकतें कर सकते हैं।

