
शहडोल पुलिस लाइन में आरक्षक शिशिर सिंह राजपूत (29 वर्ष) की गोली से मौत: आत्महत्या की आशंका
शहडोल, 23 जनवरी 2026: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में पुलिस लाइन से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज घटना ने पूरे पुलिस विभाग को झकझोर दिया है। जानकारी के अनुसार, बुढ़ार थाने में पूर्व में तैनात और वर्तमान में पुलिस लाइन में अटैच आरक्षक शिशिर सिंह राजपूत (29 वर्ष) ने मंगलवार देर रात ड्यूटी पॉइंट पर कुर्सी पर बैठे-बैठे अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली। गोली इतनी करीब से चलाई गई कि वह सिर के आर-पार निकल गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।घटना का समय करीब रात 1:25 बजे बताया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि घटना से कुछ मिनट पहले शिशिर सिंह मोबाइल फोन पर किसी से बात कर रहे थे। बातचीत के दौरान तनाव बढ़ा और गुस्से में उन्होंने अपना मोबाइल फोन जमीन पर पटककर तोड़ दिया। इसके तुरंत बाद उन्होंने सर्विस राइफल उठाई, नली को गर्दन और दाढ़ी के पास रखकर ट्रिगर दबा दिया। इससे पूरे परिसर में तेज धमाका हुआ और आसपास मौजूद पुलिसकर्मी घटनास्थल की ओर दौड़े।आरक्षक शिशिर सिंह राजपूत मूल रूप से जबलपुर के निवासी थे। उन्होंने 2013 में बाल आरक्षक के रूप में अनुकंपा आधार पर नियुक्ति प्राप्त की थी।
2015 में 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर उन्हें नियमित आरक्षक के पद पर नियुक्त किया गया। उनके परिवार में मां और तीन बहनें हैं। घटना की रात उनकी ड्यूटी थी या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि विभाग की ओर से अभी नहीं हुई है।वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत सूचना मिलने के बाद आधी रात को ही शव को शहडोल मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी है। पुलिस ने परिजनों को सूचित कर दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
इस आत्महत्या की घटना से कई सवाल खड़े हो गए हैं.क्या कोई निजी विवाद इसका कारण था? क्या ड्यूटी के दौरान का तनाव या कार्यभार जिम्मेदार था? पुलिस इन सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। फिलहाल इस घटना से पूरा पुलिस विभाग सदमे में है। पुलिस लाइन के माहौल में शोक और दहशत का माहौल छाया हुआ है। विभागीय अधिकारी इस मामले को संवेदनशीलता से देख रहे हैं और पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने की बात कही जा रही है।

