राज्य में एक बार फिर अशांति/33 दिनों में 11 बाघों की मौत

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राज्य में एक बार फिर अशांति

चुराचांदपुर(ईएमएस)। म

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णिपुर में नई सरकार के गठन और शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही राज्य में एक बार फिर अशांति का माहौल पैदा हो गया है। विशेष रूप से चुराचांदपुर जिले में गुरुवार को स्थिति उस समय अनियंत्रित हो गई, जब नए उपमुख्यमंत्रियों के रूप में नेमचा किपगेन और एल दिखो के शपथ ग्रहण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हिंसक संघर्ष में बदल गया। पूरे क्षेत्र में व्याप्त भारी तनाव को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं। हिंसा की शुरुआत गुरुवार शाम करीब 6 बजे तुइबोंग मेन मार्केट इलाके में हुई। यहां सैकड़ों की संख्या में युवा प्रदर्शनकारी सड़क पर उतर आए और सुरक्षा बलों को पीछे धकेलने की कोशिश करने लगे। जब सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, तो भीड़ उग्र हो गई और पत्थरबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बीचों-बीच टायर जलाकर आवागमन बाधित कर दिया। युवाओं का यह आक्रोश उस समय चरम पर पहुंच गया, जब उन्हें सूचना मिली कि कुकी-जोमी समुदाय के तीन विधायक सरकार का हिस्सा बनने जा रहे हैं। इनमें नेमचा किपगेन ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है, जबकि एलएम खाउते और नगुरसंगलुर के भी सरकार में शामिल होने की खबरें हैं। स्थानीय कुकी संगठनों ने पहले ही अपने समुदाय के विधायकों को स्पष्ट चेतावनी दी थी कि वे वर्तमान परिस्थितियों में सरकार में शामिल न हों। समुदाय का एक बड़ा धड़ा इस बात से आहत है कि इंफाल में हुई पिछली हिंसा के दौरान जान-माल और धार्मिक स्थलों का भारी नुकसान हुआ था, जिसकी टीस अभी भी बरकरार है। समुदाय का मानना है कि ऐसे समय में सत्ता में साझेदारी करना उनके हितों और भावनाओं के खिलाफ है। इसी नाराजगी के चलते चुराचांदपुर में विरोध प्रदर्शन और बंद का आह्वान किया गया।

टाइगर स्टेट मप्र में 33 दिनों में 11 बाघों की मौत शहडोल

(ईएमएस)।...   शहडोल जिले के जयसिंहनगर वन परिक्षेत्र में करंट लगने से रविवार रात एक नर और एक मादा बाघ की मौत हो गई। करपा बीट क्षेत्र में हुई इस घटना से वन विभाग में सकते हैं। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और तत्काल जांच शुरू की गई। वन विभाग को रविवार रात सर्किल मसिरा के आरएफ 382 क्षेत्र के पास एक बाघ का शव मिलने की सूचना मिली थी। प्रारंभिक जांच के दौरान सोमवार तडक़े उसी क्षेत्र में एक बाघिन का शव भी बरामद हुआ। दोनों शव राजस्व क्षेत्र में एक-दूसरे के नजदीक पाए गए, जिससे यह पुष्टि हुई कि उनकी मौत एक ही घटना में हुई है। वहीं इस मामले में राज्य सरकार ने शहडोल के सीसीएफ से जवाब तलब किया है। मामले में लापरवाह वन अफसरों पर कार्रवाई के लिए कहा है। चीफ वाइल्डलाइफ शुभ रंजन सेन ने इस मामले में जांच रिपोर्ट मांगे जाने की पुष्टि की है। दूसरी ओर बाघों की लगातार हो रही मौत के मामले में वाइल्डलाइफ चीफ को हटाने की मांग की जाने लगी है। दूसरी ओर यह भी कहा जा रहा है कि 2026 में 33 दिनों में 11 बाघों की मौत हो चुकी है। प्रारंभिक जांच और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर दोनों बाघों की मौत बिजली के करंट से होने की पुष्टि हुई है। जांच में यह सामने आया है कि एक किसान ने अपनी फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए खेत में अवैध रूप से बिजली का तार बिछाया था। इसी तार की चपेट में आने से दोनों बाघों की जान चली गई। डीएफओ तरुणा वर्मा ने बताया कि दो बाघों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। यह मामला वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत एक गंभीर अपराध है। नियमानुसार पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी की जा रही है और जांच के सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। वन्य प्राणी विशेषज्ञों का कहना है कि मप्र में बाघों के मामले में जिस तरह से लापरवाही की जा रही है, वह गंभीर और चिंतनीय है। खासतौर पर शहडोल संभाग में भारी लापरवाही हो रही है। बाघों के शिकार पर शहडोल के सीसीएफ से पीसीसीएफ (हॉफ) द्वारा जवाब-तलब कर लापरवाह वन अफसरों पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन स्थिति पर नियंत्रण के लिए रेंजर, एसडीओ, फॉरेस्टर को सस्पेंड किया जाना चाहिए।

सैकड़ों कौवे अचानक मृत

चेन्नई,(ईएमएस)। ...चेन्नई में शुक्रवार को शहर के कई हिस्सों में सैकड़ों कौवे अचानक मृत पाए गए। लैब रिपोर्ट में एच5एन1 वायरस की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने हाई अलर्ट जारी किया है। पक्षियों की इस रहस्यमयी मौत ने पूरे इलाके में बर्ड फ्लू के संक्रमण का बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। शुक्रवार को चेन्नई में सैकड़ों कौवे मरे हुए पाए गए। स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए आम जनता के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। अधिकारियों ने निर्देश दिया है कि आगे संक्रमण को रोकने के लिए कौवों और पोल्ट्री के सभी शवों को बायोसिक्योरिटी प्रोटोकॉल के मुताबिक या तो जला दिया जाए या गहरे गड्ढे में दफना दिया जाए। लोगों को मरे हुए पक्षियों को छूने या संभालने से बचने की सख्त सलाह दी है और किसी भी नए मामले की जानकारी तुरंत स्थानीय अधिकारियों को देने का आग्रह किया है। इन नतीजों के बाद, केंद्रीय पशुपालन मंत्रालय ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए तत्काल और व्यापक फील्ड निगरानी करने को कहा है। एच5एन1 इन्फ्लूएंजा ए वायरस का एक प्रकार है, जिसे आमतौर पर बर्ड फ्लू या एवियन इन्फ्लूएंजा कहा जाता

 


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