
भारत दौरे पर आईं सुनीता विलियम्स ने दिल्ली में कल्पना चावला की मां और बहन से मुलाकात की
नयी दिल्ली, 20 जनवरी (भाषा) भारत यात्रा पर आईं वरिष्ठ अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने दिवंगत कल्पना चावला की 90 वर्षीय मां से दिल्ली में मंगलवार को मुलाकात की। दोनों के बीच यह मुलाकात बेहद भावुक और गर्मजोशी से भरी रही। दोनों ने एक-दूसरे का गले लगकर स्वागत किया जिसने पुरानी यादें ताजा कर दीं।भारत में जन्मीं अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री चावला चालक दल के उन सात सदस्यों में से एक थीं, जिनकी फरवरी 2003 में अंतरिक्ष शटल कोलंबिया के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के कारण मृत्यु हो गई थी। दुर्घटना उस वक्त हुई थी जब अंतरिक्ष यान पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश के दौरान टूटकर नष्ट हो गया था।वह अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की पहली महिला थीं और उनकी मृत्यु पर भारत में गहरा शोक व्यक्त किया गया।विलियम्स (60) ने मंगलवार को दिल्ली स्थित ‘अमेरिकन सेंटर’ में आयोजित ‘आंखें सितारों पर, पैर जमीं पर’ नामक एक संवाद सत्र में भाग लिया।लगभग एक घंटे के इस कार्यक्रम के समाप्त होते ही विलियम्स मंच से नीचे उतरीं और सभागार में पहली पंक्ति में बैठी चावला की मां संयोगिता चावला की ओर बढ़ीं तथा उन्हें गर्मजोशी से गले लगाया। विलियम्स इस दौरान अपने चिरपरिचित अंतरिक्ष यात्री के लिबास में थीं।दोनों की मुलाकात ने पुरानी यादों को ताजा कर दिया और विलियम्स ने जाने से पहले संपर्क में बने रहने की इच्छा व्यक्त की।उन्होंने कल्पना चावला की बहन दीपा से भी मुलाकात की, जो इस कार्यक्रम में अपनी मां के साथ आई थीं.
PM मोदी ने ट्रंप-डील के सामने ‘सरेंडर’ कर दिया, US ट्रेड किसानों की रोजी-रोटी बर्बाद कर देगी: कांग्रेस
नई दिल्ली: (16 फरवरी) कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-US अंतरिम ट्रेड डील पर सहमति जताकर US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के सामने “सरेंडर” कर दिया है, जिसके बारे में उसने दावा किया कि इससे राज्यों के करोड़ों किसानों की रोजी-रोटी “बर्बाद” हो जाएगी।केंद्र पर निशाना साधते हुए, कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि ट्रेड एग्रीमेंट “किसी देश की सॉवरेनिटी की कुर्बानी” देकर गुलामी का रास्ता नहीं बनना चाहिए।
सुरजेवाला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “ट्रेड एग्रीमेंट आर्थिक तरक्की का रास्ता हैं। ट्रेड एग्रीमेंट की बुनियाद ही बराबर शर्तों पर आपसी पब्लिक इंटरेस्ट है। ट्रेड एग्रीमेंट किसी देश की सॉवरेनिटी की कुर्बानी देकर गुलामी का रास्ता नहीं बनना चाहिए। ट्रेड एग्रीमेंट की आड़ में देश और पब्लिक इंटरेस्ट की कुर्बानी नहीं दी जा सकती।” प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुरजेवाला के बयान को टैग करते हुए, कांग्रेस के कम्युनिकेशंस के इंचार्ज जनरल सेक्रेटरी जयराम रमेश ने कहा कि सुरजेवाला ने बताया कि यह ट्रेड डील कैसे राज्यों के लाखों किसानों की रोजी-रोटी को “तबाह” कर देगी।रमेश ने X पर कहा, “प्रधानमंत्री ने प्रेसिडेंट ट्रंप के सामने पूरी तरह से सरेंडर कर दिया है – ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने 10 मई, 2025 को किया था, जब उन्होंने अचानक और उम्मीद के बिना ऑपरेशन सिंदूर रोक दिया था।”सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि US-इंडिया ट्रेड एग्रीमेंट के ज़रिए मोदी सरकार ने भारत के किसानों और खेतों के हितों की कुर्बानी दी है।उन्होंने दावा किया, “भारत की एनर्जी सिक्योरिटी से खुलेआम समझौता किया गया। भारत की डिजिटल ऑटोनॉमी और डेटा प्राइवेसी पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। भारत के हितों की रक्षा में मजबूती से खड़े होने के बजाय, एक लाचार सरकार ने भारत की सॉवरेनिटी और आत्मनिर्भरता से समझौता किया।” उन्होंने दावा किया कि लोग पूछ रहे हैं कि यह “मज़बूत सरकार” है या “मज़बूर सरकार”, “आत्मनिर्भर भारत” है या “अमेरिका-निर्भर भारत”।सुरजेवाला ने यह भी कहा कि भारत के कृषि बाज़ार में अमेरिकी कृषि और खाद्य उत्पादों का आयात करना किसानों की रोज़ी-रोटी पर “सीधा हमला” है।
एपस्टीन-मंत्री पुरी आवासीय संपत्ति दस मिनट की दूरी पर स्थित
नई दिल्ली (ईएमएस)। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के परिवार की स्विट्ज़रलैंड में स्थित आवासीय संपत्ति एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में है। यह संपत्ति उनकी पत्नी और पूर्व राजनयिक लक्ष्मी एम. पुरी के नाम पर दर्ज है, जिसे वर्ष 2006 में खरीदा गया था। यह जानकारी न केवल सार्वजनिक दस्तावेजों में उपलब्ध है, बल्कि राज्यसभा नामांकन के दौरान दाखिल किए गए उनके शपथपत्र में भी दर्ज की गई है। शपथपत्र में इस फ्लैट को परिवार की संपत्ति बताते हुए खरीद वर्ष 2006 स्पष्ट उल्लेखित है, इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए लक्ष्मी पुरी और उनकी कानूनी टीम ने स्पष्ट किया कि संपत्ति संयुक्त राष्ट्र में उनके कार्यकाल के दौरान प्राप्त कर-मुक्त वेतन, बैंक ऋण और पारिवारिक संसाधनों से खरीदी गई थी। ताजा विवाद तब उभरा जब कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि यह संपत्ति कुख्यात अमेरिकी अपराधी जेफ़्री एपस्टीन के बंगले से लगभग दस मिनट की दूरी पर स्थित है। विपक्षी दल कांग्रेस का दावा है, पुरी परिवार एपस्टीन के संपर्क लंबे समय से है।
26 मिनट के संबोधन में राज्यपाल ने मप्र को 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य
भोपाल (ईएमएस) ।
मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र पहले ही दिन शोर-शराबे और राजनीतिक टकराव के बीच शुरू हुआ। सत्र की औपचारिक शुरुआत राज्यपाल मंगू भाई पटेल के अभिभाषण से हुई। करीब 26 मिनट के संबोधन में उन्होंने सरकार की उपलब्धियों और आगामी लक्ष्यों का खाका पेश किया, लेकिन बीच-बीच में विपक्ष के विरोध और नारेबाजी से सदन का माहौल गरमाता रहा। राज्यपाल ने कहा कि सरकार वर्ष 2026 को समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश की थीम पर मना रही है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि क्षेत्र में सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। फसल विविधीकरण, सिंचाई विस्तार और समर्थन मूल्य व्यवस्था को मजबूत करने पर सरकार का विशेष ध्यान है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए नेशनल मिशन ऑफ नेचरल फॉर्मिग को प्रभावी तरीके से लागू किया है। राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार ने विरासत के साथ विकास के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए मध्य प्रदेश को देश के अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया है। हमारा अन्नदाता समृद्ध होगा, हमारी मातृशक्ति स्वावलंबी बनेगी और प्रदेश का युवा मात्र जॉब सीकर तक सीमित न रहकर वैश्विक स्तर का जॉब क्रिएटर बनकर उभरेगा। विपक्ष का विरोध अभिभाषण के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हस्तक्षेप करते हुए आरोप लगाया कि नल-जल योजना और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों जैसे गंभीर मुद्दों को भाषण में शामिल नहीं किया गया। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के बावजूद राज्यपाल ने अपना अभिभाषण पूरा किया। राज्यपाल के प्रस्थान के बाद सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई, जहां विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जो अंश पढ़ा नहीं जा सका, उसे पढ़ा हुआ माना जाएगा। इसके बाद सदन की कार्यवाही अगले दिन तक स्थगित कर दी गई।

