
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने आज जानकारी दी कि कुनो राष्ट्रीय उद्यान में चीते के तीन शावकों का जन्म हुआ है। भूपेन्द्र यादव ने एक्स पोस्ट में बताया कि ये शावक दक्षिण अफ्रीका की चीता गामिनी के हैं, जो दूसरी बार मां बनी है। इन शावकों का जन्म दक्षिण अफ्रीका से भारत में चीतों के आगमन के तीन वर्ष पूरे होने पर हुआ है।
मप्र बजट: 4.38 लाख करोड़ रुपये का परिव्यय, महिलाओं की योजनाओं के लिए 1.27 लाख करोड़ रुपये
भोपाल: 18 फरवरी (भाषा) मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का 4,38,317 करोड़ रुपये के परिव्यय का महिला केंद्रित बजट बुधवार को पेश किया। साथ ही कोई नया कर नहीं लगाए जाने की घोषणा की।
भाई-भतीजावाद और खुदगर्जी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अभिशाप हैं : न्यायालय
नयी दिल्ली: 18 फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने भाई-भतीजावाद और खुदगर्जी को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अभिशाप बताते हुए हरियाणा सरकार की एक आवासीय समिति द्वारा शासी निकाय के एक सदस्य और उनके अधीनस्थ को किये गये दो फ्लैटों का आवंटन रद्द कर दिया है।न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें आवंटन प्रक्रिया में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया गया था।
देवड़ा ने विधानसभा में तीसरे दिन पेपरलेस बजट पेश किया
भोपाल,(ईएमएस)।
मध्य प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश कर दिया हैं। खास बात ये रही कि इस बार वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में तीसरे दिन पेपरलेस बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रजा के सुख में राजा का सुख है। प्रजा के हित में राजा का हित है। महिला, युवा, किसान और गरीबों के लिए बजट है। कृषि वर्ष होने से बजट किसानों को समर्पित रहेगा। प्रदेश में 28 प्रतिशत युवा हैं। युवाओं के लिहाज से भी बजट है। बजट में तीन साल की प्लानिंग की झलक है।सदन में उन्होंने बताया कि गरीबी को आय से नहीं स्वास्थ्य, स्वच्छता से भी आंका गया है। ऋण प्रबंधन और अर्थ प्रबंधन में पारदर्शिता है। वहीं डिप्टी सीएम ने बताया कि 2 साल में 33 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए हैं। 8 लाख करोड़ के काम शुरू हो चुके हैं। बजट की प्रमुख और बड़ी बातें लाडली बहना योजना के 23 हजार 882 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सिंचाई परियोजनाओं के लिए 14 हजार 742 करोड़। श्रम विभाग के लिए 1 हजार 335 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। किसानों को 3000 करोड़ से 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना के लिए 21630 करोड़ की मंजूरी दी गई है। मत्स्य उत्पादन के लिए 412 करोड़ का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत अब तक 4 करोड़ 61 लाख खाते खोले जा चुके हैं। जनजातीय क्षेत्रों के 11,277 गांवों के विकास के लिए 793 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना में 1 करोड़ 54 लाख पंजीयन प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 3 करोड़ 64 लाख पंजीयन अटल पेंशन योजना में 46 लाख पंजीयन हैं। प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 23 हजार 747 करोड़ का प्रवधान किया है। सिंहस्थ के लिए 21 हजार 561 करोड़, अभी 13 हजार के काम चल रहे हैं। भोपाल और इंदौर को 972 इलेक्ट्रिक बस मिलेंगी। बुंदेलखंड के सागर में 1500 एकड़ जमीन पर इंडस्ट्रियल पैकेज की घोषणा। 12 हजार करोड़ रुपये सड़क-पुलिया के लिए।
राज्यपाल को अधूरा छोड़ना पड़ा अभिभाषण
भोपाल,(ईएमएस)। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में आज पहले दिन विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। वजह ये थी कि राज्यपाल मंगुभाई के अभिभाषण में इंदौर के प्रदूषित जल से हुई मौतों का कोई जिक्र नहीं था, इसका विरोध करते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि राज्यपाल महोदय के अभिभाषण में इंदौर के प्रदूषित जल से हुई मौतों का जिक्र क्यों नहीं किया गया। इस पर कांग्रेस के सचिन यादव, जयवर्धन सिंह आदि सदस्य खड़े हो गए और नारेबाजी के साथ हंगामा करने लगे। इसी शोरगुल के बीच राज्यपाल पटेल ने अपना अभिभाषण जारी रखा। हंगामा इतना ज्यादा हुआ कि राज्यपाल ने अपना अभिभाषण पूरा नहीं किया और बीच में ही छोड़कर चले गए। मात्र 18 मिनट में ही उन्होंने जय हिंद कहकर इतिश्री कर दी। अध्यक्ष ने कुछ ही देर में सदन की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थिगित कर दी। सोमवार को सदन की कार्यवाही के प्रारंभ में संपूर्ण छह छंदों में वंदे मातरम् का गायन हुआ, जिसके बाद राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अपना अभिभाषण दिया। राज्यपाल पटेल ने अपने संबोधन में सरकार की विकास उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं से आए बदलावों का उल्लेख किया। साथ ही संकल्प पत्र 2023 में किए गए वादों पर अब तक हुए कार्य और आगामी लक्ष्यों की जानकारी भी दी। इससे पहले विधानसभा पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यपाल का स्वागत किया। राज्यपाल ने अभिभाषण की शुरुआत करते हुए कहा कि देश ऐसी दहलीज पर खड़ा है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत काल की संज्ञा दी है। उन्होंने उद्योगों के अनुकूल वातावरण, भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य, 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने, पीएम जनमन योजना के तहत 1.35 लाख आवास निर्माण, उज्जैन में शिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त करने और नई शिक्षा नीति के तहत किए गए कार्यों का उल्लेख किया। इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए आरोप लगाया कि नल-जल योजना और इंदौर में दूषित पानी से हुई 40 मौतों का मुद्दा भाषण में शामिल नहीं किया गया। इसके बाद विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी, हालांकि हंगामे के बीच राज्यपाल ने अपना अभिभाषण जारी रखा।

