
आरोपों का खंडन कर कहा, एक दिन सच्चाई सामने आएगी-शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
वाराणसी-
समाचार एजेंसी ईएमएस के अनुसारयौन शोषण के आरोपों में घिरे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गिरफ्तारी की आशंका के बीच सोमवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करती है, तब वे इसका विरोध नहीं करते हुए, पुलिस को पूरा सहयोग करूंगा। उनका मानना है कि जनता सब देख रही है और सच्चाई समय के साथ सामने आ जाएगी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को झूठा बताकर कहा कि मीडिया के कैमरों और प्रयागराज में लगे सीसीटीवी में घटना रिकॉर्ड हो चुकी होगी। अविमुक्तेश्वरानंद ने दावा किया कि जिन लड़कों का नाम मामले में लिया जा रहा है, वे उनके गुरुकुल में कभी पढ़े नहीं और न ही वहां आए है। उनका कहना है कि छात्र हरदोई के एक स्कूल से जुड़ा हैं, और उनकी मार्कशीट भी केस में जमा की गई है, जिसमें छात्र के गुरुकुल से संबंध का कोई प्रमाण नहीं मिलता। स्वामी ने सवाल उठाया कि यदि किसी कथित सीडी का जिक्र है, तब उस सीडी को सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग सनातन धर्म को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं और जनता से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें।
नहीं कमाने वाली पत्नी खाली बैठी नहीं होती, उसके श्रम की उपेक्षा करना अन्याय : दिल्ली उच्च न्यायालय
नयी दिल्ली: 23 फरवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने ‘घर पर खाली बैठी पत्नी’ की धारणा को खारिज करते हुए कहा है कि एक गृहिणी का श्रम कमाने वाले जीवनसाथी को प्रभावी ढंग से कार्य करने में सक्षम बनाता है, और भरण-पोषण की राशि तय करते समय उसके योगदान को नजरअंदाज करना ‘अन्यायपूर्ण’ है।न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने टिप्पणी की कि पत्नी के रोजगार में नहीं होने को खाली बैठे होने या जानबूझकर निर्भरता के समकक्ष नहीं माना जा सकता है, और भरण-पोषण का निर्धारण करते समय, कानून को न केवल वित्तीय आय को बल्कि विवाह के अस्तित्व में रहने के दौरान घर और घरेलू संबंधों में उसके योगदान के आर्थिक मूल्य को भी मान्यता देनी चाहिए।
भाजपा ने एआई समिट के दौरान किये गए प्रदर्शन को लेकर राहुल से माफी की मांग की..
नयी दिल्ली: 23 फरवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पिछले हफ्ते ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में किये गए शर्ट उतार कर किए गए विरोध प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी से माफी की मांग की और कहा कि न केवल कांग्रेस के सहयोगी, बल्कि उनकी अपनी पार्टी के नेताओं ने भी इसकी आलोचना शुरू कर दी है।भाजपा की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मार्गरेट अल्वा की टिप्पणी के बाद आई है, जिन्होंने एआई समिट में युवा कांग्रेस द्वारा किये गए विरोध प्रदर्शन की आलोचना करते हुए कहा था कि एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन में ‘‘गरिमा, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना’’ होनी चाहिए।
जेएनयू एक बार फिर हिंसा
नई दिल्ली,समाचार एजेंसी ईएमएस के अनुसारजवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) एक बार फिर हिंसा और वैचारिक टकराव के अखाड़े में तब्दील हो गई है। रविवार देर रात विश्वविद्यालय परिसर में लेफ्ट और राइट विंग के छात्र समूहों के बीच जबरदस्त भिड़ंत हुई, जिसमें पत्थरबाजी और मारपीट की घटनाओं ने कैंपस में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। छात्रों के अनुसार, यह तनाव सोमवार तड़के करीब 1.30 बजे उस समय चरम पर पहुँच गया जब एक विरोध मार्च के दौरान दोनों गुटों के बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई। इस घटना में कई छात्रों के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन ने कुलपति शांतिश्री धुलीपुडी पंडित के इस्तीफे और कुछ छात्रों के रस्टिकेशन ऑर्डर को रद्द करने की मांग को लेकर ईस्ट गेट की ओर समता जुलूस निकाला था। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनके मार्च को गंभीरता से नहीं लिया और उल्टा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों को उनके साथ उलझने की छूट दे दी। लेफ्ट समर्थित संगठनों, जिनमें ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन भी शामिल है, ने दावा किया कि एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने निहत्थे छात्रों पर पत्थरों से हमला किया और उनके कैंप को निशाना बनाया। दूसरी ओर, एबीवीपी ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे लेफ्ट समर्थित गुटों की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। एबीवीपी का आरोप है कि लेफ्ट विंग के सदस्यों ने उनके कार्यकर्ताओं पर घात लगाकर जानलेवा हमला किया। सोशल मीडिया पर साझा किए गए विवरण के अनुसार, स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के छात्र प्रतीक भारद्वाज को स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के पास घेर लिया गया। उन पर फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशमन यंत्र) के पाउडर का इस्तेमाल कर उन्हें अस्थायी रूप से अंधा कर दिया गया और फिर बेरहमी से पीटा गया। यह भी आरोप लगाया गया है कि हमले के दौरान गैस सिलेंडर का इस्तेमाल किया गया, जिससे प्रतीक की हालत गंभीर हो गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुखौटे पहनकर सांकेतिक विरोध
भोपाल(ईएमएस)।
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन भारत-अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील को लेकर विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायकों ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायकों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुखौटे पहनकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस दौरान कहा कि अमेरिका से हुई ट्रेड डील अमेरिका के किसानों के हित में है, जबकि भारत के किसानों को इससे काफी नुकसान होगा। यही कारण है कि हम लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कल राहुल गांधी भी भोपाल पहुंचेंगे। किसानों के हित की लड़ाई पूरे देश में लड़ी जाएगी और इसमें हमारे शीर्ष नेता भी शामिल होंगे।

