
राहुल गांधी ने कहा, PM मोदी को US के साथ ‘किसान विरोधी’ ट्रेड डील खत्म कर देनी चाहिए
भोपाल: (24 फरवरी) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत-US ट्रेड डील खत्म कर देनी चाहिए, जिसे उन्होंने भारतीय किसानों के हितों के खिलाफ बताया। भोपाल में ‘किसान महाचौपाल’ किसानों की रैली को संबोधित करते हुए, गांधी ने अंतरिम ट्रेड डील की तुलना भारतीय किसानों के दिल में चुभने वाले तीर से की।उन्होंने आरोप लगाया, “भारत-US ट्रेड डील हमारे किसानों के हितों के खिलाफ है और इसे PM मोदी ने US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में एपस्टीन फाइलों की वजह से और उद्योगपति अडानी को बचाने के लिए किया है।” कांग्रेस नेता ने PM मोदी पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों राजनाथ सिंह (डिफेंस), शिवराज सिंह चौहान (एग्रीकल्चर) और नितिन गडकरी (रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवे) को भरोसे में लिए बिना भारत-US ट्रेड डील पर साइन करने के लिए हाँ कर दी।गांधी ने कहा, “यह कोई डील नहीं है, बल्कि देश के किसानों के दिल में तीर घोंपने जैसा है।”उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ट्रेड डील के ज़रिए PM ने भारत के एग्रीकल्चर, डेटा, टेक्सटाइल और इंपोर्ट सेक्टर के हितों से समझौता किया है।कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, जो इस इवेंट में मौजूद थे, ने कहा कि PM कायर हैं, और कहा कि भारत-US ट्रेड डील सरकार के सरेंडर को दिखाती है।
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा कर पुलिस की कार्रवाई को तानाशाही प्रवृत्ति और कायरता का संकेत बताया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक पोस्ट में लिखा कि इस सच्चाई को देश के सामने लाने के लिए युवा कांग्रेस अध्यक्ष चिब और अन्य आईवाईसी साथियों की गिरफ्तारी तानाशाही प्रवृत्ति और कायरता का प्रमाण है। राहुल गांधी ने लिखा कि शांतिपूर्ण विरोध हमारी ऐतिहासिक धरोहर है। यह हमारे खून में है और हर भारतीय का लोकतांत्रिक अधिकार है। मुझे युवा कांग्रेस के अपने बब्बर शेर साथियों पर गर्व है, जिन्होंने कॉम्प्रोमाइज्ड पीएम के खिलाफ निडर होकर देश के हित में आवाज बुलंद की है। अमेरिका के साथ हुए फ्री ट्रेड समझौते में देश के हितों से समझौता हुआ है। यह समझौता हमारे किसानों और टेक्सटाइल उद्योग को नुकसान पहुंचाएगा तथा हमारे डेटा को अमेरिका के हाथों में सौंप देगा।
मंत्रिमंडल ने ‘केरल’ राज्य के नाम को बदलकर “केरलम” करने को मंजूरी दीPIB Delhi प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति के बाद, राष्ट्रपति द्वारा केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 को केरल राज्य विधानसभा को संविधान के अनुच्छेद 3 के प्रावधान के तहत विचार-विमर्श हेतु भेजा जाएगा। केरल राज्य विधानसभा की राय प्राप्त होने के बाद, भारत सरकार आगे की कार्रवाई करेगी और संसद में केरल राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने हेतु केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 को लागू करने के लिए राष्ट्रपति की अनुशंसा प्राप्त की जाएगी।केरल विधानसभा ने 24.06.2024 को एक प्रस्ताव पारित कर राज्य का नाम बदलकर “केरलम” करने का निर्णय लिया, जो इस प्रकार है:
“मलयालम भाषा में हमारे राज्य का नाम ‘केरलम‘ है। 1 नवंबर, 1956 को भाषा के आधार पर राज्यों का गठन हुआ था। केरल पिरवी दिवस भी 1 नवंबर को ही मनाया जाता है। राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही मलयालम भाषी लोगों के लिए संयुक्त केरल के गठन की प्रबल मांग रही है। लेकिन संविधान की पहली अनुसूची में हमारे राज्य का नाम ‘केरल‘ ही दर्ज है। यह विधानसभा सर्वसम्मति से केंद्र सरकार से संविधान के अनुच्छेद 3 के अनुसार तत्काल कदम उठाकर राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम‘ करने की अपील करती है।”इसके बाद, केरल सरकार ने भारत सरकार से संविधान के अनुच्छेद 3 के अनुसार ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के लिए संविधान की पहली अनुसूची में संशोधन करने हेतु आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है।संविधान के अनुच्छेद 3 में मौजूदा राज्यों के नाम परिवर्तन का प्रावधान है।
सड़क दुर्घटनाएं खामोश महामारी हैं: सड़क सुरक्षा मामलों के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत
नयी दिल्ली: 24 फरवरी (भाषा) संयुक्त राष्ट्र महासचिव के सड़क सुरक्षा मामलों के विशेष दूत ज्यां टॉड ने मंगलवार को कहा कि सड़क दुर्घटनाएं विश्व भर में एक खामोश महामारी हैं और इनमें होने वाली मौतों को कम करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।टॉड ने सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए एक वैश्विक जागरूकता अभियान भी शुरू किया।
रोड में गौवंश की मृत्यु मामला भी उठा
भोपाल,(ईएमएस)।
विधायक रीति पाठक ने अपने पूरक प्रश्न में गौवंश संरक्षण, रोड में गौवंश की मृत्यु और गौशालाओं की स्वीकृति से संबंधित मामला भी उठाया। इस पर मंत्री प्रहलाद सिंह ने सदन को बताया कि पशुपालन विभाग ने नई योजना प्रारंभ की हुई है, जिसके लिए 22 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 130 एकड़ जमीन पर गोवर्धन प्लांट विकसित किए जाने का प्रावधान है, जहां बिजली, खाद और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मंत्री प्रहलाद सिंह ने सदन को बताया, कि पहले से ही 1200 गौशालाएं थीं, जिनमें से कई का संचालन किसी समूह या व्यक्ति के पास नहीं था। वर्तमान में ऐसी 400 गौशालाएं हैं, जिन्हें किसी संस्था द्वारा नहीं लिया गया है। मंत्री ने बताया, 61 गोबर गैस प्लांट अब तक स्थापित किए जा चुके हैं। चूंकि प्लांट चलाने के लिए गौवंश की संख्या अधिक होनी चाहिए, ऐसे में अधिक गौवंश वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता प्रदान करते हुए योजना का लाभ दिया जाएगा। इस प्रकार गोवर्धन प्लांट उन्हें ही दिया जाएगा जिनके पास अधिक मात्रा में गौवंश होंगा।

