
हिब्रू विश्वविद्यालय ने प्रधानमंत्री मोदी के ‘साहसिक’ शब्दों के लिए उनका धन्यवाद किया
यरुशलम: 26 फरवरी (भाषा)
यरुशलम के हिब्रू विश्वविद्यालय ने इजराइल की संसद (नेसेट) में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘‘साहसिक संबोधन’’ के लिए बृहस्पतिवार को उन्हें धन्यवाद दिया और इस बात पर जोर दिया कि उनका यह संबोधन ‘‘राजनयिक उपलब्धियों को गहन शैक्षणिक सहयोग में परिवर्तित कर सकता है।’’इजराइली विश्वविद्यालय ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, आज शाम आपने नेसेट के मंच से जो गर्मजोशी भरे और साहसिक शब्द कहे, उसके लिए आपका धन्यवाद।’’मोदी ‘मित्र से बढ़कर’ हैं : नेतन्याहू इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘एक मित्र से कहीं अधिक’ बताते हुए उनकी सराहना की और सात अक्टूबर 2023 के भीषण हमले के बाद इजराइल के साथ खड़े रहने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।बेंजामिन नेतन्याहू अपने संबोधन की शुरुआत में भावुक दिखे। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री और राष्ट्राध्यक्ष नेसेट आते हैं और यह हम सभी के लिए हमेशा उत्साह का क्षण होता है, लेकिन मेरे प्रिय मित्र नरेन्द्र, आपकी यात्रा से मैं विशेष रूप से भावुक हूं। आप इज़राइल के महान मित्र हैं और विश्व मंच पर एक महान नेता हैं…. नरेन्द्र, आप केवल मित्र नहीं हैं। आप भाई हैं।’
शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट डेमोक्रेसी की आत्मा है, क्राइम नहीं:राहुल गांधी
‘यह इंडिया है, नॉर्थ कोरिया नहीं’: यूथ कांग्रेस मेंबर्स के खिलाफ एक्शन पर राहुल ने PM की आलोचना की
नई दिल्ली: (26 फरवरी) कांग्रेस लीडर राहुल गांधी ने गुरुवार को अपनी पार्टी के यूथ विंग के एक्टिविस्ट्स के खिलाफ “शर्टलेस प्रोटेस्ट” को लेकर पुलिस एक्शन की कड़ी आलोचना की, और प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी की सरकार और नॉर्थ कोरिया के तानाशाही शासन के बीच एक गहरी तुलना की।लोकसभा में विपक्ष के लीडर गांधी ने X पर हिंदी में एक पोस्ट में कहा, “यह इंडिया है, नॉर्थ कोरिया नहीं,” और कहा कि शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट डेमोक्रेसी की आत्मा है, क्राइम नहीं।उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी डेमोक्रेसी को धीरे-धीरे उस दिशा में धकेला जा रहा है जहां असहमति को देशद्रोह और सवाल पूछने को साज़िश कहा जाता है।
इज़राइल के प्रधानमंत्री के साथ जॉइंट प्रेस स्टेटमेंट
प्रधानमंत्री और मेरे मित्र नेतन्याहू,दोनों देशों के delegates,मीडिया के साथियों,नमस्कार!“शालोम”!
मेरे और भारतीय delegation के गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं प्रधानमंत्री नेतन्याहू का एक बार फिर हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।नौ वर्ष पहले मुझे इजरायल की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनने का सौभाग्य मिला था। एक बार फिर इजरायल की ऐतिहासिक भूमि पर कदम रखना मेरे लिए गर्व और भावुकता का क्षण है।
हमारे संबंध गहरे विश्वास, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, और मानवीय संवेदनाओं की मजबूत आधारशिला पर स्थापित हैं। हमारे रिश्ते समय की हर कसौटी पर खरे उतरे हैं।आज हमने अपनी time tested साझेदारी को “Special Strategic Partnership” का दर्जा देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह निर्णय दोनों देशों के लोगों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है।
आज की बैठक में हमने अपने सहयोग को नई दिशा और तेज़ गति देने पर चर्चा की। हमारा आर्थिक सहयोग growth, innovation और shared prosperity का इंजन बना हुआ है।आपसी निवेश को बढ़ावा देने के लिए हमने पिछले वर्ष Bilateral Investment Agreement किया। हम शीघ्र ही एक mutually beneficial Free Trade Agreement को भी अंतिम रूप देंगे।टेक्नोलॉजी हमारी भावी साझेदारी का केंद्र है। आज हमने Critical and Emerging Technologies Partnership स्थापित करने का निर्णय लिया है। इससे AI, Quantum और Critical Minerals जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई गति मिलेगी।मुझे खुशी है कि इजरायल में UPI के इस्तेमाल के लिए समझौता किया गया है। Digital Health के क्षेत्र में भी हम अपने अनुभव साझा करते हुए लोगों के जीवन में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।रक्षा के क्षेत्र में हमारा दशकों पुराना विश्वसनीय सहयोग रहा है। पिछले वर्ष हुए MOU से इसमें नए आयाम जुड़ेंगे। हम मिलकर joint development, joint production, और transfer of technology की दिशा में आगे बढ़ेंगे।साथ ही हम civil nuclear energy और स्पेस जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग को आगे बढ़ाएंगे।
दोनों देशों के बीच कृषि सहयोग का लंबा और सफल इतिहास रहा है। आज हमने इस सहयोग को futuristic दिशा दिशा देने का संकल्प लिया है।इजरायल के सहयोग से भारत में स्थापित Centres of Excellence आज हमारी मित्रता के उत्तम उदाहरण हैं। इनकी सफलता देखते हुए, हमने इनकी संख्या 100 तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इस दिशा में एक कदम और बढ़ाते हुए हम Villages of Excellence बनाने पर काम कर रहे हैं। इससे इजरायली टेक्नॉलजी, भारत के गाँव गाँव तक पहुँचेगी, और लाखों किसानों की आय और उत्पादकता में बहुत बढ़ोतरी होगी।
हम मिलकर future-ready farming solutions भी विकसित करेंगे। भारत में “India-Israel Innovation Centre for Agriculture” की स्थापना इस सहयोग के लिए मजबूत आधार प्रदान करेगा।
हमारे people-to-people ties हमारे संबंधों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। 2023 में हुए Manpower mobility agreement के माध्यम से भारत ने इजरायल के construction और केयर-गिवर सेक्टर्स में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। भारतीय कामगारों ने अपनी मेहनत, प्रतिबद्धता और कौशल से विश्वास अर्जित किया है।मुझे खुशी है कि इस सहयोग का विस्तार commerce और services जैसे क्षेत्रों में भी किया जा रहा है। दोनों देशों के युवाओं, researchers और innovators को जोड़ना हमारी मुख्य प्राथमिकता रहा है। इस दिशा में आज हम India-Israel Academic Forum की स्थापना कर रहे हैं।आज हमने क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा की। क्षेत्रीय connectivity को बढ़ावा देते हुए, हम India Middle East Europe Economic Corridor “आई-मेक” और India Israel UAE USA यानी “आई-टू-यू-टू” पर नई गति से आगे बढ़ेंगे।
भारत और इजरायल पूरी तरह से स्पष्ट हैं कि-आतंकवाद का दुनिया में कोई स्थान नहीं है।किसी भी रूप में, किसी भी अभिव्यक्ति में,आतंकवाद को स्वीकार नहीं किया जा सकता।हम कंधे-से-कंधा मिलाकर आतंकवाद और उनके समर्थकों का विरोध करते रहे हैं, और आगे भी करते रहेंगे।पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता से भारत के सीधे सुरक्षा हित जुड़े हैं। इसलिए हमने शुरुआत से ही संवाद और शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन किया है। यही ग्लोबल साउथ और पूरी मानवता की पुकार है।भारत की सोच स्पष्ट है:Humanity must never become a victim of conflict. गाज़ा Peace Plan से शांति का एक रास्ता बना है। भारत ने इन प्रयासों का पूर्ण समर्थन किया है। भविष्य में भी हम सभी देशों के साथ संवाद और सहयोग जारी रखेंगे।
श्री जगन्नाथ मंदिर के भूमि पूजन समारोह जमशेदपुर में राष्ट्रपति
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (26 फरवरी, 2026) झारखंड में जमशेदपुर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर के भूमि पूजन समारोह में भाग लिया। इसका आयोजन श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धर्मार्थ केंद्र ट्रस्ट, जमशेदपुर ने किया था।राष्ट्रपति ने कहा कि विश्व भर में चल रहे युद्ध और संघर्ष उनके लिए चिंता और दुख का विषय हैं। साथ ही, विश्व समुदाय में महाप्रभु जगन्नाथ के प्रति श्रद्धा और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति सम्मान बढ़ रहा है। भक्ति और आध्यात्मिकता की ओर लोगों का झुकाव इस विश्वास को मजबूत करता है कि महाप्रभु जगन्नाथ विश्व समुदाय की रक्षा और कल्याण सुनिश्चित करेंगे।

