
राहुल गांधी ने स्मार्ट सिटी मिशन को लेकर मोदी सरकार को घेरा
नई दिल्ली,(ईएमएस)।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि बड़ी-बड़ी घोषणाएं करना और फिर जवाबदेही तय किए बिना ही उनका बढ़-चढ़कर प्रचार करना इस सरकार की कार्यशैली का हिस्सा है। यहां राहुल गांधी ने विशेष रूप से स्मार्ट सिटी मिशन का जिक्र किया और इसे इसी शैली का उदाहरण बताया। सांसद राहुल गांधी ने कहा कि कोई भी शहर स्मार्ट नहीं हो सकता अगर वह अपने नागरिकों को बुनियादी गरिमा आवश्यकताएं (साफ पानी, स्वच्छ हवा और सुरक्षा) प्रदान नहीं कर पाता। उन्होंने लोकसभा में सरकार से पूछे गए प्रश्नों के आधार पर दावा किया कि स्मार्ट सिटी मिशन धोखे के अलावा कुछ नहीं है लेकिन वास्तविकता में शहरों में दूषित पानी, खुले सीवर, गिरते पुल और धंसती सड़कें मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना मोदी सरकार की असली कार्यशैली का उदाहरण है – घोषणाएं बड़ी, प्रचार उससे बड़ा और जवाबदेही शून्य। उन्होंने कहा आपको मोदी सरकार का स्मार्ट सिटी मिशन याद होगा, जिसके तारीफों के पुल बांधते पीएम थकते नहीं थे। अब जबकि यह योजना अपने समापन की ओर अग्रसर है तब मैंने संसद में सरकार से इसके वास्तविक परिणामों का हिसाब मांगा। बतौर जवाब जो सच सामने आया उसे धोखे के अतिरिक्त कुछ और कहा नहीं नहीं जा सकता है, इस योजना का उद्देश्य कभी भी पूरे शहर का विकास करना था ही नहीं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि एक आधी-अधूरी योजना को पूरे बदलाव की कहानी बनाकर पूरे देश को बेचा गया। उन्होंने कहा, हमने सवाल किए कि कैसे होते हैं स्मार्ट शहर, सफलता किस आधार पर तय हुई, कितने शहर वाकई बदले, इससे लोगों के जीवन में क्या ठोस बदलाव आए? इनका कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इसी के साथ ही उन्होंने कहा, जवाब में सिर्फ यह बताया गया की करीब 48,000 करोड़ रुपये खर्च हुए, और 97 प्रतिशत प्रोजेक्ट पूरे बता दिए, लेकिन अगर सब पूरा है, तो आपके शहर में क्या बदला?यहां राहुल दावा करते हैं कि जमीनी हकीकत इससे अलग कहानी कहती है, दूषित पानी और खुले सीवर से मौतें हो रही हैं, पुल गिर रहे और सड़कें धंस रहीं ये घटनाएं भी विफलता को उजागर करती हैं। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा, कि दरअसल योजना मोदी सरकार की असली कार्यशैली का उदाहरण पेश करती है, घोषणाएं बड़ी, प्रचार उससे और बड़ा, और जवाबदेही शून्य।
युद्ध ; 28 तेल और गैस टैंकर फंसे
नई दिल्ली,(ईएमएस)।31 मार्च को लगातार चौथे दिन बढ़ीं। पश्चिम एशिया में युद्ध और तनाव के कारण सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे तेल की कीमतों में तेजी आई है। मई डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड 115.04 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि जून कॉन्ट्रैक्ट 108.96 डालर पर था। अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 105.96 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जो 9 मार्च के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ता दिख रहा है। फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास भारत आने वाले कुल 28 तेल और गैस टैंकर फंसे हुए हैं। इनमें 10 विदेशी झंडे वाले और 18 भारतीय झंडे वाले जहाज शामिल हैं, जो कच्चा तेल, एलपीजी और एलएनजी लेकर भारत की ओर आ रहे थे।
भारतीय रुपया 17 पैसे बढ़कर 94.68 रुपये पर बंद हुआ
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बिहार में भगदड़ की घटना को अत्यंत हृदयविदारक बताया
नयी दिल्ली: 31 मार्च (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को बिहार के एक मंदिर में भगदड़ मचने से हुई लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।नालंदा जिले के शीतला माता मंदिर में मंगलवार को भगदड़ मचने से कम से कम आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई जबकि पांच घायल हो गए। मृतकों में अधिकांश महिलाएं हैं।
नेपाल की बालेन सरकार ने शिक्षा के नाम पर चल रहे कोचिंग धंधे पर लगाम कसने के लिए बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने साफ कर दिया है कि अब एंट्रेंस एग्जाम की की तैयारी और ब्रिज कोर्स के नाम पर छात्रों और उनके माता-पिता को लूटना आसान नहीं होगा. शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक फरमान जारी

