टीएमसी सांसद अभिषेक पर जानलेवा हमला
कोलकाता,(ईएमएस)।
पश्चिम बंगाल के सोनारपुर इलाके में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर अंडे फेके जाने और हमला करने से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। आरोप है कि टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक पर जानलेवा हमला किया गया, वे चुनावी हिंसा में घायल पार्टी कार्यकर्ताओं का हाल जानने पहुंचे थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सांसद अभिषेक बनर्जी सोनारपुर में हाल ही में हुई चुनावी हिंसा में घायल हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने और उनका हालचाल जानने पहुंचे हुए थे। इसी बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया और देखते ही देखते हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है, जैसे ही अभिषेक का काफिला सोनारपुर पहुंचा, वहां पहले से ही मौजूद बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उन्हें घेर लिया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी शुरू कर दी, और देखते ही देखते हिंसक झड़प शुरु हो गई। भीड़ में से ही कुछ ने सांसद पर अंडे फेंके और उनके साथ धक्का-मुक्की भी की, जिससे अभिषेक की शर्ट फट गई। हेलमेट पहना सुरक्षित बाहर निकाला बताया जा रहा है कि स्थिति बेकाबू होती देख सुरक्षाकर्मियों ने अभिषेक बनर्जी को हेलमेट पहनाया और सिर को सुरक्षित रखने की कोशिश की। आनन-फानन में हेलमेट पहना कर किसी तरह उन्हें उग्र भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला गया।
एक जून से “खेत बचाओ अभियान” 1600 से अधिक टीमें गठित की गई
एक जून से शुरू हो रहे महीनेभर चलने वाले “खेत बचाओ अभियान” को प्रभावी और परिणामकारी बनाने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान का फोकस खेत को बचाने, लागत को संतुलित करने और किसान को सही समय पर सही मार्गदर्शन देने पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अभियान ऊपर से नीचे तक नहीं, बल्कि पंचायत से लेकर राज्य और केंद्र तक साझी भागीदारी के मॉडल पर चलेगा।बैठक में केंद्रीय मंत्री ने सबसे महत्वपूर्ण बिंदु के रूप में इस बात पर बल दिया कि रासायनिक उर्वरकों, विशेषकर असंतुलित उपयोग को कम करना अभियान का प्रमुख उद्देश्य होगा। किसानों को मृदा परीक्षण आधारित, संतुलित और सही मात्रा में खाद तथा अन्य कृषि इनपुट के उपयोग के बारे में जागरूक करने, हरी खाद, जैविक और जैव-उत्पादों के उपयोग को बढ़ाने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (INM) के प्रदर्शन आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है।कृषि मंत्री श्री चौहान ने कहा कि आने वाले समय को लेकर जो मौसम संबंधी चिंता जताई जा रही है, उसके मद्देनजर किसानों को व्यावहारिक सलाह दी जाएगी कि वे क्या करें, क्या न करें, कौन-सी फसल लें, कहाँ फसल विविधीकरण अपनाएं और कम पानी या जोखिम की स्थिति में कौन-से विकल्प बेहतर रहेंगे। अभियान का उद्देश्य केवल संदेश देना नहीं, बल्कि खेत-स्तर पर किसान को स्थिति-विशेष के अनुरूप सलाह देना होगा।
ठक में यह भी कहा कि पंचायत स्तर पर इस अभियान को मजबूत आधार दिया जाएगा। पंचायत स्तर पर मैकेनाइजेशन की मशीनों का वितरण, योजनाओं का लाभ और जहां संभव हो वहां सरकारी कार्यक्रमों का प्रत्यक्ष लाभ भी बताया गया कि अभियान के लिए KVKs को सभी सहभागी संस्थानों के लिए प्रमुख समन्वयक की भूमिका दी गई है, साढ़े 1600 से अधिक टीमें बनाई गई हैं। अधिक उर्वरक उपयोग वाले 100 जिलों के लिए 500 टीमें गठित की गई हैं, जिनमें KVK, ICAR संस्थान, AICRP केंद्रों के वैज्ञानिक और कृषि विभाग के अधिकारी शामिल होंगे, जबकि ICAR संस्थानों और KVKs की 1150 से अधिक बहुविषयक टीमें भी समानांतर रूप से काम करेंगी।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) पहला ग्राउंड कैंपेन
इंटरनेट पर तेजी से फैला -पार्टी का दावा- वीडियो और तस्वीरों को अम्प्लिफाई कर प्रशासन पर बनाया जाएगा दबाव
देश के युवाओं ने अब जर्जर बुनियादी ढांचे और नागरिक समस्याओं के खिलाफ अपना रोष प्रकट करने का अनोखा और व्यंग्यात्मक तरीका ढूंढ लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) अब सड़कों पर उतर आई है। उनका पहला ग्राउंड कैंपेन इंटरनेट पर तेजी से फैल रहा है और नगर निगमों की कार्यप्रणाली पर सीधा प्रहार कर रहा है। इस कैंपेन के तहत कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक देशभर में पोटहोल्स, कूड़े के ढेर, टूटे स्ट्रीटलाइट्स, सरकारी दफ्तरों में लापरवाही और अन्य नागरिक समस्याओं को रिकॉर्ड करके पार्टी को टैग कर रहे हैं। पार्टी का दावा है कि ये वीडियो और तस्वीरों को अम्प्लिफाई करके प्रशासन पर दबाव बनाया जाएगा। अभिजीत दीपके नामक व्यक्ति द्वारा शुरू की गई इस ऑनलाइन कॉकरोच जनता पार्टी ने एक वीडियो शेयर किया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस तीन मिनट के वीडियो में एक व्यक्ति कॉकरोच के आकार का मुखौटा पहनकर शहर की सड़कों और नालियों के आसपास दिखाई देता है। वीडियो का मुख्य संदेश गंदगी, खुले नालों और खराब स्वच्छता व्यवस्था के खिलाफ जागरूकता फैलाना है। स्थानीय पार्षदों और अधिकारियों को टैग करते हुए उनके इलाकों की सबसे खराब सड़कों और जलभराव वाले क्षेत्रों के लिए व्यंग्यात्मक डिजिटल सर्टिफिकेट बांटे जा रहे हैं। इंस्टाग्राम और एक्स पर कॉकरोच फिल्टर का इस्तेमाल करते हुए युवा दूषित पानी, ट्रैफिक जाम, और टूटी सड़कें पर व्यंग्यात्मक रील्स बना रहे हैं। यह सब शुरू हुआ 15 मई 2026 को, जब भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कुछ बेरोजगार युवाओं को “कॉकरोच” और “परजीवी” कहकर संबोधित किया था। सीजेआई ने बाद में स्पष्टीकरण दिया कि उनका इशारा फर्जी डिग्री वाले लोगों की ओर था, न कि पूरे युवा वर्ग की ओर। लेकिन इस टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर तूफान खड़ा कर दिया
