‘उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट कहा फॉर्म-6 में बदलाव की अनुमति नही थी-आप/हर सड़क पर फुटपाथ सुनिश्चित करे केंद्र: न्यायालय

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हर सड़क पर फुटपाथ सुनिश्चित करने के लिए पांच शहर चुनकर प्रायोगिक परियोजना शुरू करे केंद्र: न्यायालय

नयी दिल्ली:  सड़क किसकी, पैदल चलने वाला जाए कहां? फुटपाथ पर नई बहस पांच अक्टूबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को केंद्र सरकार से कहा कि वह देश के पांच शहर चुनकर वहां प्रायोगिक परियोजना शुरू करे, जिसके तहत यह सुनिश्चित किया जाए कि हर सड़क पर फुटपाथ हो और उनपर कोई अतिक्रमण न हो।न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने केंद्र सरकार को ऐसी एजेंसी की पहचान करने का भी निर्देश दिया, जो इन निर्देशों को लागू करने की जिम्मेदारी संभालेगी।

आप ने फॉर्म-6 में बदलाव पर खड़े किए सवाल, कहा शीर्ष अदालत ने नहीं दी थी मंजूरी

नयी दिल्ली: पांच अक्टूबर (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मनीष सिसोदिया ने निर्वाचन आयोग द्वारा फॉर्म-6 में किए गए बदलावों पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने इन परिवर्तन के लिए उच्चतम न्यायालय से अनुमति नहीं ली थी और शीर्ष अदालत ने सोमवार को स्पष्ट कर दिया कि उसने ऐसे किसी बदलाव की मंजूरी नहीं दी है।सिसोदिया ने यहां कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट कहा है कि ज्ञानेश कुमार को फॉर्म-6 में बदलाव की अनुमति नहीं मिली थी।’’

फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया, इसके साथ संलग्न घोषणापत्र को न्यायालय की मंजूरी: आयोग

नयी दिल्ली: पांच अक्टूबर (भाषा) निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ा आदेश जारी करते समय उसके साथ एक घोषणापत्र संलग्न किया गया था, जिसे शीर्ष अदालत ने बरकरार रखा था।आयोग की यह टिप्पणी उच्चतम न्यायालय के यह कहने के कुछ घंटे बाद आई है कि उसने फॉर्म-6 में किसी भी बदलाव को मंजूरी नहीं दी है।

  सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के रूप में नियुक्ति

भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राष्ट्रपति ने निम्नलिखित उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के रूप में नियुक्ति की है:श्रीमती न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल, मुख्य न्यायाधीश, गुजरात उच्च न्यायालय (पीएचसी: इलाहाबाद) न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय, मुख्य न्यायाधीश, दिल्ली उच्च न्यायालय (पीएचसी: इलाहाबाद) न्यायमूर्ति अपारेश कुमार सिंह, मुख्य न्यायाधीश, तेलंगाना उच्च न्यायालय (पीएचसीः झारखंड)05 OCT 2026 PIB Delhi

भारत में चीतों की कुल आबादी 60 हो गई

प्रोजेक्ट चीता के लिए एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर पार करते हुए, 32 महीने की भारतीय मूल की मादा Press Release Page | Press Information Bureauचीता केजेपी21 ने आज कूनो राष्ट्रीय उद्यान में पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया, जिससे भारत में चीतों की कुल आबादी 60 हो गई है, जिसमें 41 भारतीय मूल के चीते शामिल हैं।केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री  भूपेंद्र यादव ने  साझा करते हुए कहा कि मुखी और केजीपी12 के बाद केजेपी21 भारत में जन्मी तीसरी मादा चीता है जिसने बच्चे को जन्म दिया है। उन्होंने कहा कि यह विकास भारत में चीते की आबादी की अगली पीढ़ी के उद्भव में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।05 OCT 2026 PIB Delhi

न्यायालय ‘‘एक राष्ट्र एक चुनाव’’ पर शुरू में जेपीसी के साथ बैठक के लिए सहमत हो गया था: समिति प्रमुख

नयी दिल्ली: पांच अक्टूबर (भाषा) देश में एक साथ चुनाव के लिए गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के अध्यक्ष पी. पी. चौधरी ने सोमवार को कहा कि समिति द्वारा न्यायाधीशों से मुलाकात का अनुरोध किए जाने के बाद उच्चतम न्यायालय ने शुरू में ‘‘अनौपचारिक बातचीत’’ का कार्यक्रम तय किया था, लेकिन बाद में यह कहते हुए इसे रद्द कर दिया कि ऐसा करना ‘‘उचित नहीं’’ होगा।सूत्रों के अनुसार, बैठक का सुझाव विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के एक सांसद ने दिया था। बैठक नहीं करने का फैसला इस आशंका के चलते लिया गया कि प्रस्तावित संविधान संशोधन उच्चतम न्यायालय के समक्ष न्यायिक समीक्षा का विषय बन सकता है और इसलिए प्रशासनिक स्तर पर इस मुद्दे पर चर्चा करना उचित नहीं माना गया।


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