
भागलपुर (बिहार)
, 10 फरवरी ।
“भगवान ने जातियां नहीं बनाई..” कहकर झूठ बोलने वाले संघ प्रमुख मोहन भागवत ने लोगों को हमेशा राच बोलने की सलाह दी शुक्रवार को कहा कि भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाने के लिए देश में सभी लोगों को सामूहिक रूप से काम करना होगा। भागलपुर में संत महर्षि में ही आश्रम में सभा को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि लोगों को अहंकार करने से बचना चाहिए और भौतिकवाद से दूर रहना चाहिए।भगवान श्रीकृष्ण ने खूद गीता मे कहा है :चातुर्वणर्यं मया सृष्टं गुणकर्मविभागशः। तस्य कर्तारमपि मां विद्धयकर्तारमव्ययम।। (4/13)(हे अर्जुन, ब्राह्मण,क्षत्रिय,वैश्य और शुद्र — इन चार वर्णो का समूह, गुण और कर्मो के विभागपूर्वक मेरे द्वारा रचे गए है।इस प्रकार इस सृष्टि — रचनादि कर्म का कर्ता होने पर भी मुझ अविनाशी परमेश्वर को तु वास्तव मे अकर्ता ही जान।) .
भागवत ने कहा संतों की प्राचीन शिक्षाओं का पहले घर मेंअनुसरण करना चाहिए और बाद में बाहर प्रचार करना चाहिए। हमारे संतों के उपदेशों को सबसे पहले अपने दैनिक जीवन में उतारना चाहिए, यही प्राथमिकता होनी चाहिए। भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाने के लिए साधु-संतों सहित हम सभी को सामूहिक रूप से काम भागलपुर में संत महर्षि में ही आश्रम में सभा को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि लोगों को अहंकार करने से बचना चाहिए और भौतिकवाद से दूर रहना चाहिए।

