
शहडोल
11 फरवरी शहडोल के धनपुरी क्षेत्र में 7 युवाओं की लासे निकलने के बाद जिला खनिज विभाग नींद से जागा है और अपने प्रेस विज्ञप्ति के जरिए तथाकथित चिन्हित 14 कोयला निकालने वाले अवैध क्षेत्रों पर पैकिंग किया है .इस आशय की जानकारी आज दी गई है किंतु जिन बंद खदानों की सूचना एसईसीएल द्वारा उसे दी गई है अथवा नहीं दी गई है दोनों ही मामलों में खनिज अधिकारी की कोई प्रेस विज्ञप्ति 7 युवाओं की लाशों के बाद भी नहीं आई है और यह बताने के लिए भी उन्होंने कोई प्रयास नहीं किया है कि बंद खदानों में आखिर किस प्रक्रिया के अधीन कैसी कार्यप्रणाली अपनाई जाती है… खान सुरक्षा जबलपुर हो अथवा जिला खनिज अधिकारी शहडोल, उमरिया अथवा अनूपपुर इस बड़ी दुर्घटना के बावजूद भी शहडोल क्षेत्र में बंद खदानों के मामले में वर्तमान हालात क्या है और किस प्रणाली के तहत उसे आम आदमी अथवा जानवरों के लिए सुरक्षित बनाया जाएगा इस पर शायद इनके मुंह सिले हुए हैं.. अथवा यह अधिकारी किसी नई बड़ी मौत की सूचना के इंतजार में है अन्यथा अब तक शहडोल क्षेत्र में फैले 50 से अधिक सिर्फ कोयला खदान के मामले में आदमियों की सूचना के लिए और सुरक्षा के लिए जानकारी उपलब्ध कराया जाना चाहिए बहरहाल जो प्रेस विज्ञप्ति आई है वह ऊंट के मुंह में जीरा के समान है 2022- जिला खनिज अधिकारी ने जानकारी दी है कि कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्रीमती वंदना वैद्य के निर्देशानुसार कोयले के अवैध खनन की रोकथाम एवं कोयले के अवैध खनन के गड्ढों को भरने हेतु गत दिवस बुढार तहसील के अमलाई थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बटुरा में स्थित सोन नदी के किनारे एवं नदी के अंदर पथरीले भागों पर कोयला अवैध खनन के असुरक्षित गड्ढों को भरने का कार्य खनिज अधिकारी, खनिज अमला, तहसीलदार बुढार, थाना प्रभारी अमलाई एवं एसईसीएल प्रबंधन द्वारा किया गया। उन्होंने भी जानकारी दी है कि क्षेत्र में 14 गड्ढों को जेसीबी मशीनों द्वारा पत्थर एवं मिट्टी से भरा गया तथा स्थानीय ग्राम वासियों को कोयले के अवैध खनन हेतु आवश्यक समझाइश एवं जानकारी दी गई।

