
अमरकंटक विवि में मारपीट का मामला
जब से अमरकंटक विश्वविद्यालय बना है वह अपने उद्देश्य पूर्ति से ज्यादा विवादों के लिए चर्चित रहा है राजनीति का अखाड़ा बनता जा रहा है और इस बार वह चर्चा में है छात्रों के साथ मारपीट के लिए जबकि प्रबंधन का कहना है कि छात्रों ने मारपीट की है चुकी केंद्रीय विश्वविद्यालय है इसलिए केंद्रीय स्तर के नेता भी इसमें सीधे हस्तक्षेप कर रहे हैं और छात्रों के साथ क्षेत्रवाद की लड़ाई को मुद्दा बना रहे हैं
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय में हुए केरल के 4 छात्रों के साथ मारपीट का मामला बढ़ते ही जा रहा है। इस मामले पर कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी समेत बड़े पदाधिकारियों ने भी ट्वीट कर कार्रवाई की मांग की हैं। कड़ी में एनएसीआई ने रजिस्टर को ज्ञापन सौंपकर छात्रों के साथ हुई मारपीट पर कार्रवाई की मांग की है। 24 घंटे के अंदर मारपीट करने वाले तीनों सुरक्षाकर्मियों को नहीं हटाया जाता तो एनएसयूआई पूरे प्रशासनिक भवन में ताला लगाने का भी चेतावनी विश्वविद्यालय प्रशासन को दी है।
उन्होंने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया कि 10 मार्च को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय के परिषद के पानी टैंक के पास क्रूरता पूर्ण तरीके से केरला के छात्रों पर हमला किया। सुरक्षाकर्मियों के क्रूर हमले के कारण छात्र घायल हो गया और अस्पताल में भर्ती है। साथ ही, छात्र को उनकी भाषा और नैतिक परंपराओं और उनके छात्र अधिकारों के उल्लंघन के लिए निशाना बनाया गया है। छात्र के प्रति इस क्रूर मानसिकता वाले ऐसे लोगों की हमें जरूरत नहीं है। विवि प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ कोई उचित कार्रवाई नहीं की है। इसके अलावा, यह IGNTU परिसर की प्रतिष्ठा के लिए अच्छा नहीं है। छात्र के लिए सम्मान, गरिमा, अनुशासन और शांतिपूर्ण, स्वस्थ वातावरण बनाए रखना परिसर के अंदर जरूरी है। इसलिए, हम सभी IGNTU, अमरकंटक के छात्र आपसे अनुरोध करते हैं कि कृपया उस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करें, जो ऐसी चीज के लिए जिम्मेदार हैं।
केरल के 5 सांसदों ने जताया ऐतराज हमला किया और पीटा। छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। गौरतलब है कि इन छात्रों को कैंपस के अंदर लगातार भेदभाव और तरह-तरह के हमलों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों को उनकी क्षेत्रीय, भाषाई और जातीय पृष्ठभूमि के लिए लक्षित किए जाने की घटनाएं भी हुई। इसके बावजूद संस्था ने दोषियों के खिलाफकोई उचित कार्रवाई नहीं की है। केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर के अंदर शांतिपूर्ण और छात्रों के अनुकूल माहौल बनाए रखने की जिम्मेदारी इग्नटू के प्रशासन और केंद्र सरकार की है।
कैंपस के अंदर काम कर रहे छात्रों को अटैच करने वाले अपराधियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफकड़ी कार्रवाई की जाए। मैं गंभीर मुद्दे पर आपके व्यक्तिगत हस्तक्षेप का अनुरोध करता हूं। इग्नू प्रशासन को मामले की जांच करने और सुरक्षा कर्मचारियों के अंदर अपराधियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करनेका निर्देश दे सकते हैं। मैं परिसर के अंदर सभी
प्रकार के भेदभाव को समाप्त करने के उपायों कोअपनाने के लिए आपके हस्तक्षेप का भी अनुरोधकरता हूँ। जल्द से जल्द अनुकूल कार्रवाई कीउम्मीद है। केरली छात्रों के खिलाफ ठोस हमले-तत्काल हस्तक्षेप की मांग- सांसद जॉन ब्रिटासराज्य सभा सांसद जॉन ब्रिटास ने पत्र में कहा हैं संज्ञान में लाने के लिए लिख रहा हूं कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक, मध्य प्रदेश के परिसर में
10.03.2023 की शाम को केरल के चार छात्रों केखिलाफ बेहद निंदनीय हमला हुआ परिसर के अंदर एक पानी की टंकी के ऊपर से सेल्फी लेने के मामूली मुद्दे पर इन चार असहाय छात्रों को विश्वविद्यालय के तथाकथित सुरक्षा गार्डों बेरहमी से पीटा जाना सौखा गया था। छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुझे यह समझा दिया गया है कि केरल के छात्रों के साथ हुई भयानक हिंसा वास्तव में एक संयोग घटना के बजाय एक पूर्व नियोजित योजना का परिणाम थी। यह भी पता चला है कि केरल के छात्रों के खिलाफ यह नवीनतम शातिर हमला केरल के छात्रों के खिलाफ शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयों की एक और स्पष्ट कड़ी है, जिन्हें उनकी क्षेत्रीय भाषाई और जातीय पृष्ठभूमि के लिए लक्षित किया जा रहा है। आतंकित केरल के छात्रों की बिरादरी दहशत में है। यह अनुमान लगाया गया है कि इग्नटू में केरल के छात्र बिरादरी के खिलाफ उत्पीड़न के कई उदाहरण थे और अपराधी कैंपस में खुलेआम घूमते थे जैसे कि उन्हें दंड से मुक्ति का आश्वासन दिया गया हो।
इन चिंताजनक परिस्थितियों में अत्यावश्यकता को देखते हुए, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि विश्वविद्यालय के अधिकारियों को अपराधियों के खिलाफ अनुकरणीय दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए तत्काल निर्देश दें। इस जघन्य अपराध को जल्द से जल्द और परिसर में केरल के छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के की बात कहीं। दोषियों के खिलाफ कोई उचित कार्रवाई हो सांसद डॉ. वी. शिवदासन राज्योसभा सांसद डॉ. बी. शिवदासन ने अपने पत्र में लिखा कि आपका ध्यान इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक, मध्य प्रदेश में छात्रों पर हुए हमले की ओर दिलाना चाहता हूं।
अमरकंटक के राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय में गत रात्रि सुरक्षाकर्मियों और छात्रों के बीच हाथापाई हो गई। इसमें चार छात्र व एक गार्ड घायल हो गए। विवाद 10 मार्च का बताया जा रहा हैं। विवि के चार छात्र नसील, अभिषेक, अदनान, आदिल यहां पानी की टंकी पर चढ़े थे। इससे विवि के हॉस्टल में पानी सप्लाई किया जाता है।गार्ड रामेश्वर ने युवकों को उतारकर उनसे आई कार्ड व नाम पूछा। छात्रों ने कुछ भी बताने से मना कर दिया। आईडी ना दे कर भागने की कोशिश करने लगे। पीने के पानी की टंकी में कोई जहरीला केमिकल मिलाने की आशंका को लेकर जब गार्ड ने सख्ती से पूछताछ की। इस पर छात्रों ने गार्ड को पीटना शुरू कर दिया रामेश्वर ने भी अपने अन्य साथियों को भी बुला लिया।
पूछताछ करने पर छात्रों ने गार्ड को पीटा जब अन्य गार्डों ने छात्रों से पूछताछ करने पर चारों ने अपनी पहचान नहीं बताई। सिर्फ इतना बताया कि वह फोटो खींचने के लिए गए थे। गार्ड ने कहा कि इस टंकी पर चढ़ने और फोटो खींचने पर रोक है। इस पर चारों विवाद करने लगे। गार्डों ने मिलकर चारों की पिटाई कर दी। इस हाथापाई में चारों छात्र व गार्ड रामेश्वर भी घायल हो गया। रामेश्वर के सिर और पैर में चोट आई है। छात्रों के भी पैर, कान, पीठ में चोट आई है। मारपीट के बाद वे मुख्य गेट के पास बनी पानी की टंकी पर तस्वीरें लेने गए थे। हम उतर रहे थे। सुरक्षाकर्मियों ने टैंक से उतरते समय छात्रों की तस्वीरें ली। टैंक पर जाने पर रोक है, इसकी हमें जानकारी नहीं थी। सुरक्षा कर्मचारियों ने हमसे उनकी जानकारी मांगी जब छात्रावास की ओर जाने लगे तो
सुरक्षाकर्मियों ने फोन कर अन्य लोगों को बुला लिया। एक सुरक्षा वाहन उनके लोगों पास आया, उसमें से उतरे ने चिल्लाना और पीटना शुरू कर दिया। मारपीट के कारण नसील, अभिषेक,अदनान चोट आहिल इन छात्रों को मारपीट के कारण आई है।
दो लोकसभा एवं तीन राज्य सभा सांसदों कुलपति को लिखा पत्र इस मामले में
केरल दो लोकसभा एवं तीन राज्यसभा के सांसदो ने राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय अमरकंटक के कुलपति प्रकाश मणि त्रिपाठी को पत्र लिख कर सुरक्षाकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। केरल के लोकसभा सदस्य पूर्व शिक्षा मंत्री रहने वाले छात्र नसील, अभिषेक, अदनान और विश्वविद्यालय के कुलपति प्रकाशमणि त्रिपाठी को मोहम्मद बशीर ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति सुरक्षाकर्मियों ने अमरकंटक थाने में छात्रों के कुलपति खिलाफ शिकायत की है।
छात्रों का दावा– गार्डों ने पीटा केरल के आदिल यहां पढ़ाई कर रहे हैं। नसीलएमएसडब्ल्यू, आदिल बीए, अभिषेक एमए और अदनान जूलाजी का छात्र है। नसील ने बताया कि पत्र लिखा कर उन्होंने सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। मोहम्मद बाशीर के पत्र में उल्लेख है कि मारपीट का मामला संज्ञान में ASTHANआया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मियों द्वारा छात्रों केसाथ मारपीट की गई है जिस पर कुलपति का ध्यान आकर्षित करते हुए सुरक्षाकर्मियों के खिलाफकार्रवाई करें।


