
शहडोल 16 जून 2023-शहडोल संभाग राजीव शर्मा ने कहा है कि सिंधी भाषा भाषणों से नही बचेगी और न ही भाषा अकादमियों से बचेगी। उन्होंने कहा है कि भाषा माॅ बचाती, माॅ स्थानीय बोली में बच्चों से बात कर उन्हें अपने संस्कार सिखाती है, इस तरह माॅ भाषा, संस्कृति और संस्कार अपने बच्चों तक पहुंचाकर उनके संस्कृति का संवर्धन करती है। कमिश्नर ने कहा है कि हमें बचपन से अपनी सिंधी, गोंडी, बुंदेलखंडी, बघेली बोलियों का उपयोग आत्मविश्वास और गर्व से करना चाहिए। कमिश्नर शर्मा ने गुरूवार को सिंधी साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश परिषद द्वारा आयोजित सिंधी साहित्य अकादमी मस्तिआ जी पाठशाला को सम्बोधित कर रहे थें।
कमिश्नर ने कहा कि हम सांस्कृतिक प्रलय की ओर बढ़ रहे है, सांस्कृतिक प्रलय के शिकार है हमारे पुरखे जो व्यंजनो का रस लेते थे, कपड़े पहनते थें, जो गीत गाते थें उन्हें षड्यंत्र पूर्वक छीन लिया गया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक प्रलय को रोकने का काम हमारे घरों से होगा। कमिश्नर ने कहा कि हम उन महान तपस्यिों एवं मुनियों की संताने है जिन्होंने हर क्षेत्र में उत्कृष्टता के मापदंड स्थापित किये, हमारी युवा पीढ़ी में अखंड भारत का बीज बोना चाहिए, अखंड भारत हर भारतीय का सपना होना चाहिए। कमिश्नर ने कहा कि विभाजन की सबसे बडी कीमत सिंधी समाज से चुकाई है सिंध की नदियां वहां के फल सिंधु घाटी की सभ्यता, सिंधी समाज के लोगो को आज भी याद होगी। कमिश्नर ने कहा कि सिंधु घाटी सभ्यता एक महान सभ्यता थी। वहां के लोंगो ने हजारों साल पहले वाशवेशिन, सिवर सिस्टम, स्नानागारों सावर सिस्टम का उपयोग हजारों वर्ष पहले किया, दुनिया में सबसे पहले सीवर लाइन का उपयोग सिंधु घाटी के लोंगो ने किया। धौलाबीरा में 5 हजार साल पुराना फिल्टर प्लांट आज भी बढ़िया काम कर रहा है, दुनिया का पहला विज्ञापन पटल सिंधु घाटी की सभ्यता में मौजूद था। समारोह को झूलेलाल सेवा मंडल के अध्यक्ष चंदन बहरानी ने भी सम्बोधित किया।
शहडोल 15 जून 2023- कलेक्टर श्रीमती वंदना वैद्य ने म०प्र० नदीय नियम 1972 के नियम 3 उपधारा (2) के अन्तर्गत 16 जून से 15 अगस्त तक मत्स्य प्रजनन काल होने के कारण मछली मारना प्रतिबंधित किया है। जारी आदेश में कहा गया है किउक्त अवधि बंदऋतु रहती है। म०प्रo मत्स्योद्योग अधिनियम 1948 संबोधित 1981 की धारा 3 ( 3एच) व तथा म०प्र० नदीय नियम 1972 के नियम 14 के अन्तर्गत बंदऋतु में मछली मारना क्रय करना या इन्हें बेचना या उन्हें मारने, पकड़ने या बेचने की चेष्ठा करना, परिवहन करना या परिवहन का प्रयास करना संज्ञेय दंडनीय अपराध है। प्रतिबंध का उल्लंघन किए जाने पर एक वर्ष तक का कारावास या 5,000/- (अंकन रूपये पांच हजार) तक का जुर्माना या दोनों दंडनीय होगा। छोटे तालाब व अन्य स्त्रोत जिनका कोई संबंध किसी नदी से नहीं है और जिन्हें निर्दिष्ट जल की परिभाषा के अन्तर्गत नहीं लाया गया है, के लिए उक्त नियम लागू नहीं होगा, 16 जून से 15 अगस्त 2023 तक मछली मारना, पकड़ना, क्रय करना या बेचना परिवहन कराना या इसकी चेष्टा करना पूर्णतः निषिद्ध है एवं दंडनीय अपराध है।
शहडोल 16 जून विधायक जयसिंहनगर जयसिंह मरावी ने कहा है कि दिव्यांगों की सेवा करना ही सच्ची सेवा है। इस धरती पर उपलब्ध संसाधनों पर सभी का समान अधिकार है। बिना किसी भेदभाव के सबको एक जैसा वातावरण और एक जैसी सुविधाएँ मिलनी चाहिए। सच्ची सेवा वही है जो दिव्यांग, निराश्रित, वृद्धजन आदि को साथ लेकर चले और उनके कल्याण में कोई कसर न छोड़े। श्री मरावी आज एपीड योजना के अंतर्गत दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राई साइकिल वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उनका जीवन और ज्यादा सरल एवं सुगम बनेगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय सामाजिक समरसता हमारा मूल मंत्र है। केंद्र और राज्य सरकार दिव्यांग जनों को बेहतर जीवन जीने के लिए विभिन्न कार्यक्रम एवं योजनाओं का संचालन कर रही है। सभी योजनाओं का लाभ दिव्यांगजन ले। उप संचालक सामाजिक न्याय परिहार ने बताया कि एपिड योजना के अंतर्गत दिव्यांगजन आर्थिक, सामाजिक, मानसिक एवं शारीरिक रूप से बेहतर जीवन जी सके इस हेतु विभिन्न प्रकार के उपकरण मुहैया कराया जाता है। इस योजना का लाभ लेने हेतु 80% दिव्यांग ता ₹30000 की वार्षिक आय एवं बीपीएल कार्डधारी होना चाहिए।
जबलपुर एमपी ट्रांसको की एडवांस टेक्नोलॉजीशक्ति भवन जबलपुर में माउस क्लिक करते ही 350 किलोमीटर दूर विंध्य क्षेत्र में हुआ पावर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृतएमपी ट्रांसको ने इस माह सेवानिवृत्त हो रहे मुख्य अभियंता श्री दीपक जोशी को सम्मान दिया जिन्होंने बिजली कंपनियों के मुख्यालय शक्ति भवन से एच एम आई ( ह्यूमन मशीन इंटरफ़ेस) तकनीक का उपयोग करते हुए कंप्यूटर का माउस क्लिक कर 352 किलोमीटर दूर देवसर सिंगरौली में ट्रांसफॉर्मर को ऊर्जीकृत किया |विंध्य क्षेत्र में इस तकनीक का उपयोग पहली बार हुआ है |एम पी ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता सतना श्री सुनील वझे ने बताया कि इस तकनीक में मानव और कंप्यूटर मशीनों के तालमेल से उपकरणों को नियंत्रित और संचालित किया जाता है|

