
उमरिया 5 जनवरी । कमिश्नर शहडोल संभाग अनिल सुचारी ने कलेक्टर जिला उमरिया द्वारा प्रेषित प्रस्ताव के आधार पर म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) अधिनियम मे प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये सुमिता दत्ता, जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा केन्द्र उमरिया (म.प्र.) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में श्रीमती दत्ता का मुख्यालय कार्यालय मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत उमरिया नियत किया गया है। निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। ज्ञातव्य हो कि कार्यालय कलेक्टर जिला उमरिया (म.प्र.) द्वारा प्राप्त निलंबन के प्रस्ताव मे बताया गया कि तहसील करकेली, जिला उमरिया (म.प्र.) अन्तर्गत ग्राम बेलसरा में स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका छात्रावास में छात्राओं के स्वास्थ्य खराब होने एवं बेहोश होने की खबर संज्ञान में आते ही तहसीलदार करकेली व स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों मौके पर तत्काल भेजे गये जहां पाया गया कि छात्रावास की अधीक्षिका केतकी सिंह धुर्वे अनुपस्थित थी एवं उनके द्वारा दूरभाष भी नहीं उठाया गया। सहायक अधीक्षिका द्वारा बताया गया कि अधीक्षिका छात्रावास में कभी-कभी ही रुकती है एवं छात्राओं को भोजन भी कम दिया जाता है । 18 दिसंबर 2023 को छात्राओं को रात्रि भोजन भी नहीं दिया गया जिससे छात्राओं को कमजोरी की वजह से चक्कर भी आ गया था, साथ ही अधीक्षिका द्वारा छात्रावास में अन्य लोगो को बुलाया जाता है एवं जादू-टोना कराया जाता है जिसकी सूचना जिला परियोजना समन्वयक को देने पर उनके द्वारा जिम्मेदारी का परिचय न देते हुये अधीक्षिका द्वारा मार्ग दर्शन चाहे जाने पर छात्राओं को घर जाने की अनुमति प्रदान कर दी गई वस्तुतः जिला परियोजना समन्वयक द्वारा व्यक्तिगत रूप से ऐसी गंभीर घटना का संज्ञान लिया जाकर बालिकाओं में विश्वास पैदा करने का कार्य किया जाना अपेक्षित था। उनके द्वारा बालिकाओं में छात्रावास में रहने के लिए प्रेरित करने, उनकी गलतफैमियों को दूर करना चाहिए था उनमें आत्मविश्वास पैदा करने का कार्य न तो स्वंय किया गया न ही अपने अधिनस्थों को निर्देश दिये गये और न ही वरिष्ठ अधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया। ऐसी घटनाओं के प्रचार से अभिभावकों के मन में भय एवं छात्रावास की व्यवस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा होता है। जिला परियोजना समन्वयक की लापरवाही पूर्ण व्यवहार से घटना का मीडिया के माध्यम से प्रचार हुआ। जानकारी प्राप्त होते ही राजस्व स्वास्थ्य शिक्षा विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण छात्रावास की व्यवस्थाओं तथा उन्हे समझाईस देकर छात्रावास का संचालन सुनिश्चित किया गया का लेख किया गया है।

