
भविष्य का लोकसभा में होगा आर या पार
पत्रकार चाहे कितना भी कमजोर है उससे पंगा नहीं लेना चाहिए और अगर वह चिट्ठी बांटने से लेकर पत्रकारिता की ऊंचाई में पहुंचने वाला रवीश कुमार हो जिसने अपनी मेहनत से एक मुकाम पत्रकारिता का तैयार किया हो, उससे तो पंगा नहीं ही लेना चाहिए..। क्योंकि कोई मायने नहीं रखता की आप आप अदानी हो या नरेंद्र मोदी, वक्त बदलते ही यह पत्रकार अपनी पत्रकारिता की धार में वह कर दिखाता है जिससे आपके पूरे अस्त्र-शस्त्र, धरे के धरे रह जाते हैं।और हो भी क्यों ना अगर लोकतंत्र की वर्तमान स्थिति में अपराध को कानून का नकाब पहनकर “इलेक्टोरल बांड” के सहारे पारदर्शी तरीके से मनी-लॉन्ड्रिंग की गई हो, जिसमें हजारों करोड़ों रुपए यानी करीब 160 अरब रुपए में बहुत सा काला धन से सफेद धन बनाने का रास्ता तैयार किया गया हो.. यानी हराम के धन की बहुतायत हो, भयानक संपत्ति हो.. राजनीति के पायदान शराब घोटाले कर रहे हो, ऐसे में शवाब यानी अश्लीलता, सेक्स-स्कैंडल उसमें चार चांद ना लगाये.. तो ऐसी राजनीति परिणाम दायी न हो, हो ही नहीं सकता…।
—————-( त्रिलोकी नाथ )—————
भारतीय लोकतंत्र का 21वीं सदी में राजनीति का कड़वा सच, काला चेहरा अब उनकी वाशिंग-मशीन से अब सुंदरचेहरे के रूप में एक पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा और एक वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ऐसी राजनीति के पोशाक के रूप में उसे संरक्षण देते हुए नजर आ रहे हैं..और यह दिखाने का काम रवीश कुमार ने किया । इसीलिए कहा गया है कि पत्रकारों से कभी पंगा नहीं लेना चाहिए..सुप्रीम कोर्ट के आदेश की न्यायिक मंसा को धता बता कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से अपने चुनाव आयुक्त नियुक्त किए हैं और सात चरण में लोकसभा के मतदान, अपनी योजना के अनुसार चुनाव आयुक्त ने तय किया , अब वही योजना क्या नरेंद्र मोदी और उनके समर्थकों के लिए भारी पड़ने वाला है…?
अभी दो चरण के मतदान ही हुए हैं 180 लोकसभा क्षेत्र में वोटिंग हुई है करीब 370 संसदीय क्षेत्र में वोटिंग होने बाकी है इसी दौरान संपत्ति, शराब के बाद अब शवाब ने पारदर्शी तरीके से लोकतंत्र में अपनी भूमिका दिखाता हुआ नजर आ रहा है।
रवीश कुमार की माने तो भारतीय संसद में गुजरात मॉडल का सूरत से पहले सदस्य मिस्टर दलाल निर्वाचित घोषित हुए उसके पहले मध्य प्रदेश में खजुराहो से इंडिया गठबंधन का यानी समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी मीना सिंह का नामांकन पत्र रद्द कर दिया गया अब गुजरात के सूरत मॉडल के तरह ही मध्य प्रदेश की औद्योगिक राजधानी इंदौर लोकसभा क्षेत्र में बड़ा बम फोड़ा गया है। यहां भी भारतीय जनता पार्टी के साथ आए कांग्रेस के प्रत्याशी बम ने अपना नामांकन पर्चा वापस ले लिया इसके बारे में कहा जाता है उनके एक पुराने मुकदमे में हत्या के प्रयास की धारा 307 कुछ दिन पहले ही जोड़ी गई थी. प्रत्यक्ष रूप से धारा 307 के तहत ब्लैकमेल करते हुए अप्रत्यक्ष रूप से अज्ञात कर्म से कांग्रेस प्रत्याशी ने अपना नामांकन पर्चा वापस ले लिया
इसी बीच पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के परंपरागत लोकसभा क्षेत्र हसन से उनके उत्तराधिकारी के रूप में युवा उम्मीदवार के पक्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रचार प्रसार किया औरउनकी जीत को अपनी ताकत बताया वह युवा उम्मीदवार हजारों लड़कियों के साथ सेक्स स्कैंडल में तमाम वीडियो में दिखाया गया है कहा तो यह जाता है कि उसे क्षेत्र की महिलाओं के साथ व्यभिचार और बलात्कार करने के बाद यह भाजपा के समर्थन सेहोने वाला सांसद प्रज्वल रमन्ना स्वयं वीडियो बनाता था और महिलाओं को ब्लैकमेल करता था वही वीडियो अब कर्नाटक में मतदाताओं के बीच में उसकी सार्वजनिक निंदा का बड़ा कारण बन गया है।
कर्नाटक सरकार ने जांच कमेटी गठित कर दी है अब यह कहा जा रहा है पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा अपने पोते प्रज्वल रमन्ना के सेक्स स्कैंडल को लेकर कहा है की इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, तो क्या देवगौड़ा के इस कथित पोते रमन्ना जो वीडियो के सामने आते ही देश छोड़कर भाग गया है उसके काली करतूत की जानकारी पूर्व प्रधानमंत्री को नहीं थी…? अथवा वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नहीं थी…?
और अगर नहीं थी तो इस देश में ऐसे प्रधानमंत्री के हाथों देश कैसे सुरक्षित है…? यह बड़ा प्रश्न है. और यह प्रश्न पांच चरणों में होने वाले शेष सभी मतदान केंद्रों पर इंडिया गठबंधन जोर-जोर से उठाने जा रही है । तो क्या मानकर चलें कि भाजपा का 400 पर का नारा दम तोड़ चुका है…? अथवा उसे सत्ता में आने के भी लाले पड़ सकते हैं और इसके बाद स्वाभाविक है अगर विपक्षी पार्टी यानी इंडिया गठबंधन सत्ता में आता है तो जो गुजरात-मॉडल से न्याय व्यवस्था चल रही है अगर इस न्याय प्रणाली में न्याय प्रक्रिया प्रारंभ हुई तो क्या भारतीय जनता पार्टी के और उनके समर्थक तमाम अन्य विवादित लोग इस देश को छोड़कर भाग चुके होंगे..?
क्योंकि जांच कमेटियों से बहुत कुछ पारदर्शी हो जाने की संभावना बढ़ गई है, और यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी लोकप्रियता अथवा वाशिंग मशीन के जरिए पुन: सत्ता में आते हैं तो ऐसे लोकतंत्र का भविष्य 140 करोड़ की जनता के ऊपर किस प्रकार का होगा अनुमान लगाया जा सकता है…?
फिलहाल इतना ही कहना चाहिए कि नई संसद भवन में नई लोकसभा परिषद के गठन में “पूत के पांव पालने में” ही दिख रहे हैं। मोदी का 400 पार हो या ना हो, लेकिन आने वाले लोकसभा में आर या पार होना तय है। तीसरा मतदान का चरण 7 को है इस एक हफ्ते में भारतीय लोकतांत्रिक चुनाव प्रणाली किस तरफ करवट लेगी यह रोचक होगा .
क्योंकि पारदर्शी अवैध संपत्ति, पारदर्शी अवैध शराब के बाद पारदर्शी तरीके से सेक्स स्कैंडल का जिसमें कहा जाता है कथित तौर पर 2800 से ज्यादा महिलाओं के साथ होने वाले सांसद ने बलात्कार किया और भारतीय राजनीति में जिसका कोहराम मचा हुआ है. यह अलग बात है कि देश के शीर्ष में बिक चुका रवीश कुमार के शब्दों में “गोदी मीडिया” आखिर कितने दिन इस पारदर्शी सेक्स स्कैंडल को अपने आका के लिए छुपा कर रख पाएगा…?यह भी बड़ी चुनौती है.
क्योंकि एक पत्रकार अपनी एक करोड़ के करीब सबसे सब्सक्राइबर के साथ रोज इस पर चर्चा करेगा.. इसमें कोई शक नहीं इसलिए गोदी मीडिया को भी इस पर चर्चा करना ही पड़ेगा… यही पत्रकारिता की ताकत है इसीलिए कहते हैं ईमानदार पत्रकारों से पंगा नहीं लेना चाहिए… अदानी और मोदी ने जो पारदर्शी पंगा लिया था अब उसके नतीजे पारदर्शी तरीके से आते दिखाई दे रहे हैं… तो देखते चलिए लोकतंत्र का संपत्ति ,शराब और शबाब का पांच चरणों का मतदान इस प्रकार के मुद्दे लेकर आता है….
शुक्र है हमारा शहडोल संसदीय क्षेत्र वन-वे-ट्रैफिक से ही सही चुपचाप निकल गया और मोदी के 400 पर में अब 396 पर का लक्ष्य कहां तक पहुंच पाता है क्योंकि कर में लगभग चुनाव हो चुका है गुजरात मॉडल के सूरत की तरह दो निर्विरोध, खजुराहो का नामांकन रद्द और कर्नाटक का प्रज्वल रमन्ना सेक्स स्कैंडल का तथाकथित बलात्कारी भारतीय लोकसभा के नई संसद भवन की शोभा आखिर बन ही गए होंगे… तो 396 पर का हमें भी है इंतजार, हम भी हैं तैयार…

