नायर ने एक समाचार चैनल से कहा, “मैंने लिफ्ट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। जब मैंने दरवाजा खोला तो मुझे सिर्फ दीवारें ही दिखाई दीं। मैं हताश होकर लिफ्ट की दीवार को टक्कर मारने लगा।”नायर ने बताया कि उन्होंने अपने मोबाइल फोन की टॉर्च की मदद से एक संदेश लिखा। उन्होंने कहा, “मैं हिल-डुल नहीं पा रहा था, मेरे हाथ-पैर सुन्न पड़ने लगे थे…।”उन्होंने समाचार चैनल से कहा, “मुझे चिंता थी कि अगर मुझे कुछ हो गया तो मेरे बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी।”उन्होंने कहा, “मेरे पास पीने के लिए पानी नहीं था लेकिन मेरे पास मेरी लिखी कुछ कविताएं थीं, जो मेरे बैग में रखी हुई थीं।”नायर ने मीडिया को बताया कि जब लिफ्ट संचालक ने सोमवार को काम पर वापस आकर लिफ्ट के दरवाजे खोले तो उन्हें अस्पताल का वह कर्मचारी भगवान का दूत लगा।केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने मंगलवार को नायर से मुलाकात की। नायर का यहां एक अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।मंत्री ने मरीज और उनके परिवार को आश्वस्त किया कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।।जॉर्ज ने इस घटना के सामने आने के बाद तुरंत इसकी जांच के आदेश दिए थे।