
जम्मू: 14 सितंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद अंतिम सांस ले रहा है और उनकी सरकार ने “इस सुंदर क्षेत्र को नष्ट करने वाली” वंशवादी राजनीति का मुकाबला करने के लिए एक नया नेतृत्व पेश किया है । इस चरण में जम्मू के तीन जिलों-डोडा, किश्तवाड़ और रामबन तथा दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग, पुलवामा, शोपियां और कुलगाम जिलों की 24 सीट पर वोट डाले जाएंगे।पहले चरण के बाद 25 सितंबर को दूसरे चरण में 26 सीट पर मतदान होगा। आखिरी चरण में एक अक्टूबर को 40 सीटों पर वोट डाले जाएंगे।
कांग्रेस ने शनिवार को आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा नियंत्रित नौकरशाही की जागीर बन गया है।पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बताना चाहिए कि जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा कब बहाल होगा।
प्रयागराज (यूपी): इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि हिंदू विवाह को अनुबंध के रूप में भंग या समाप्त नहीं किया जा सकता।संस्कार आधारित हिंदू विवाह को (कानून के अनुसार) सीमित परिस्थितियों में और केवल पक्षों द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर भंग किया जा सकता है, न्यायालय ने कहा।विवाह विच्छेद के खिलाफ पत्नी द्वारा दायर अपील को स्वीकार करते हुए, न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति दोनादी रमेश की खंडपीठ का विचार था कि “आपसी सहमति के आधार पर तलाक देने में भी, निचली अदालत ने पक्षों के बीच विवाह को केवल तभी भंग किया होगा जब आदेश पारित किए जाने की तिथि पर वह सहमति बनी हुई हो”।
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पृथ्वी पर माँ नर्मदा स्वयंमेव अस्तित्व में है। मध्यप्रदेश के निवासी सौभाग्यशाली हैं, जो माँ नर्मदा से जीवन पाते हैं। उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा जहाँ लोगों की आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है, वहीं हमारी एग्रीकल्चर ग्रोथ की वृद्धि में बड़ी भूमिका माँ नर्मदा की जल धारा की है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रयास यह है कि माँ नर्मदा के दोनों किनारे में पवित्रता बनी रहे और जल धारा अविरल बहती रहे। पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचे। नजदीकी बस्तियों एवं कस्बे के सीवर से भी जल की शुद्धता का प्रयास होता रहे, इसके लिए सरकार के अलग-अलग विभाग समन्वित रूप से योजना बनाकर काम करेंगे। नर्मदा जी का जहाँ से उद्गम है, वहां एक सघन वन से ऐसा माना जाता है कि जल धारा के प्रवाह में मदद मिलती है, उस वन को भी हमें सुरक्षित रखना है और अमरकंटक में बढ़ती मानव बस्ती से उद्गम को कोई खतरा उत्पन्न नहीं हो, इसके लिए अथॉरिटी नर्मदा जी के उद्गम के संरक्षण का काम करेगी। आबादी के लिए माँ नर्मदा के उद्गम से दूर एक वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करेगी। मंडला, डिंडोरी, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, देवास, ओंकारेश्वर तीर्थ हैं, जिनके मार्ग का बेहतर प्रबंधन किया जाएगा। घाट पर सुरक्षित स्नान की पर्याप्त सुविधा हो। श्रद्धालु माँ नर्मदा की सहजता से परिक्रमा कर लें, इसके लिए परिक्रमा मार्ग पर संकेतक लगाए जाएंगे। जहां निर्जन क्षेत्र है, वहां आश्रम बनाए जाएंगे।
माँ नर्मदा का स्वरूप और पवित्रता बनी रहे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माँ नर्मदा की पवित्रता तथा अविरल जलधारा बनी रहे और सामान्य जीवन भी सहजता से चल सके, इसके लिए कई निर्णय किए गए हैं। मुझे इस बात का विश्वास है कि सरकार के सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करते हुए माँ नर्मदा का जो स्वरूप और पवित्रता है उसे बरकरार रखेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास होगा कि धार्मिक नगरों के आस-पास मांस-मदिरा को प्रतिबंधित किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में की गई कार्यवाही की नवम्बर में पुनः समीक्षा करेंगे। आने वाले समय में माँ नर्मदा की भक्त लोकमाता देवी अहिल्याबाई के 300वें जन्म-शताब्दी वर्ष पर महेश्वर में कैबिनेट बैठक करने का निर्णय लिया है।
शहडोल
वरिष्ठ नागरिक पेंसनर्स एसोसिएशन शहडोल द्वारा वरिष्ठ नागरिक पेंशनर एसोसिएशन की वर्षगांठ के अवसर पर संभागीय मुख्यालय शहडोल के मानस भवन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि सेवानिवृत्त होना सरकार की एक व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त अधिकारी, कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियां से कभी सेवानिवृत्त नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त अधिकारी, कर्मचारी अपने किए गए कार्यों को आने वाली पीढ़ियों के साथ साझा करें, जिससे उन्हें कार्य करने में सहायता मिल सके। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी संस्कार और सभ्यता को जीवित बनाए रखें इसके लिए भी किए गए कार्यों को भी साझा करें। उन्होंने कहा की लोगों के हित में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा निरंतर कार्य किए जा रहे हैं, चाहे शिक्षा का क्षेत्र हो, स्वास्थ्य का क्षेत्र हो या अन्य क्षेत्र हा,े हर क्षेत्र में बेहतर से बेहतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विश्व गुरु बनाने जा रहा है, विश्व गुरु तभी बनेगा जब सभी लोगों की भागीदारी सुनिश्चित होगी, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति लागू की गई है, जिसमे संस्कार, संस्कृति आदि विषयों को भी समाहित किया गया है। कार्यक्रम का संचालन जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक विवेक पांडे ने किया।

