
शहडोल पौराणिक बावली व दुर्गा पूजा की धार्मिक सार्वजनिक उपयोग की किरन टॉकीज शहडोल स्थित शासकीय जमीन को बचाने के क्रम में क्रमिक अनशन के 11 वें दिन अनशनकारियों प्रदीप कुमार लालवानी समीर खान का जत्था बैठा. अनशनकारियों को बिठाने पूर्व सरपंच किसान नेता रोहिणी प्रसाद जायसवाल जी मौजूद रहे जिन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर आंदोलनकारी नौजवानों को मस्तक पर तिलक लगाकर संघर्ष के संकल्प के साथ बैठाया।
पूर्व कोटमा के सरपंच किसान नेता रोहिणी प्रसाद जायसवाल ने नौजवानों को इस संकल्प के साथ तिलक लगाकर बैठा है कि वह जल स्रोत मां दुर्गा पूजा की जमीन के संघर्ष में अंतिम लड़ाई तक साथ रहेंगे। रानी प्रसाद ने कहा कि भाजपा के जिला अध्यक्ष को जो अभी-अभी जिनकी नियुक्ति हुई है उन्हें विवादों से बचना चाहिए और अपने परिवार को भी रोकना चाहिए कि वह जमीनों पर नजर गड़ाना बंद करें . चपरा परिवार की जमीनों की लूट नवनियुक्त जिला अध्यक्ष को कहीं का ना छोड़ेगी । जिला प्रशासन सीमांकन की जांच साधनी ग्रुप से प्रकाशित कर अतिक्रमण को हटाकर पौराणिक बावली की साफ सफाई कर मोहन यादव सरकार के मंसूबे को पूरा करें ।
ऐतिहासिक पौराणिक जल स्रोत सार्वजनिक धार्मिक उपयोग की किरण टॉकीज शहडोल स्थित जमीन को बचाने चल रहे क्रमिक अनशन संघर्ष के 10 में दिन अनशनकारियों का जत्था अनशन स्थल पर बड़े ही उत्साह के साथ बैठा आदर्श में दिन जिले के वरिष्ठ पत्रकार समाजसेवी त्रिलोकी नाथ गर्ग अंसारी नौजवानों को तिलक लगाकर बिताया वह महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर संविधान निर्माता बाबा भीमराव अंबेडकर को भी याद किया आज अंबेडकर जयंती है ।
त्रिलोकी नाथ गर्ग ने कहा जल स्रोत को पौराणिक बावली को बचाने आपका संघर्ष किसी दल किसी संस्था या किसी धनपति के सारे पर नहीं आंदोलन समाज की गर्व से पैदा हुआ है इसका प्रभाव व्यापक है इस आंदोलन की चर्चा शहडोल शहर नहीं पूरे जिले में संभाग भर में हो रही है उन्होंने भाजपा की जिला अध्यक्ष अमिताभ छपरा को धन्यवाद देते हुए यह कहा कि उनकी मांग पर जिले के कलेक्टर ने विवाह विधि जमीन का सीमांकन किया है जो जमीन पूरी तरह से शासकीय है पौराणिक बावली जिसे कोई भारत ही नहीं सकता देश का कानून और संविधान यह कहता है तब यह विवाद अब आगे और नहीं बढ़ना चाहिए जल्द से जल्द सीमांकन रिपोर्ट सामने का जो अतिक्रमण बढ़े हैं उसे हटा देना चाहिए ।
पौराणिक ऐतिहासिक बावली वह दुर्गा पूजा की किरन टॉकीज शहडोल स्थित जमीन को बचाने के संघर्ष में जिन महानुभावों मात्रशक्तियों की अग्रणी व सक्रिय भूमिका है उनमें वरिष्ठ समाजसेवी दादा रंजीत बसाक, शिवेंद्र प्रताप सिंह अधिवक्ता, राजेंद्र रजक बाबू भैया, दिनेश सिंह ,प्रदीप सोनी ,विनोद शर्मा ,रोहिणी प्रसाद लक्ष्यकार, संदीप सोनी ,मुकेश गुप्ता ,सोनू गुप्ता, गोवर्धन प्रसाद गुप्ता ,उपेंद्र जायसवाल, जयदीप रिछारिया ,मयंक गुप्ता, ध्रुव मोर, जय गुप्ता ,जलालुद्दीन खान, रोहित गुप्ता, प्रदीप साहू , झुमड़ामल ,राजू लालवानी , बॉबी गुप्ता ,छोटू जायसवाल, मनोज अग्रवाल, रोमी रजक, बबलू रजक, कृष्ण चंद सोनी ,अक्षत बडेरा, अजय बडेरा, धर्मेंद्र यादव ,अनीता गुप्ता , माधुरी ,गुप्ता ,शशि गुप्ता, रेनू गुप्ता, सुनीता गुप्ता, श्रीमती रीता शुक्ला, अहम भूमिका है ।

