
एनसीएपी अब नाममात्र का स्वच्छ वायु कार्यक्रम बनकर रह गया है: कांग्रेस
नयी दिल्ली: 11 जनवरी (भाषा) कांग्रेस ने रविवार को एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि वायु गुणवत्ता एक राष्ट्रव्यापी, संरचनात्मक संकट है जिसके लिए सरकार की प्रतिक्रिया “अत्यंत अप्रभावी और अपर्याप्त” है। विपक्षी दल ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम में व्यापक सुधार की मांग की।कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि सरकार जिस एनसीएपी को ‘नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम’ (राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम) बताकर प्रचारित कर रही है, वह असल में एनसीएपी का ही एक और रूप यानी “नोशनल क्लीन एयर प्रोग्राम”
–150 तोते मृत मिले…
(ईएमएस sabhar) मध्य प्रदेश के खरगोन में नर्मदा नदी के किनारे करीब 150 तोते की मौत से हड़कंप मच गया। मौत का कारण फूड पॉइजनिंग बताया जा रहा। प्रशासनिक अमला जांच के लिए पहुंच गया है। पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने विसरा जांच के लिए भोपाल और जबलपुर लैब भेजा है। जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर बड़वाह का यह मामला है। इनकी मौत बर्ड फ्लू से नहीं, बल्कि फूड पॉइजनिंग और गलत खान-पान के कारण हुई है। पिछले 72 घंटों में पुल के पास करीब 150 तोते मृत मिले हैं, जो बेहद चिंताजनक है। रेस्क्यू के दौरान कुछ तोते जिंदा भी मिले थे, लेकिन फूड पॉइजनिंग का असर इतना था कि कुछ ही देर में उन्होंने भी दम तोड़ दिया।हमने तोतों का विसरा लिया है। ये विसरा जबलपुर और भोपाल ले भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद और भी अच्छे से स्पष्ट होगा कि इतनी संख्या में तोते की मौत का कारण क्या है?
अंबानी ने वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत के लचीलेपन के लिए मोदी को ‘अजेय दीवार’ बताया
अहमदाबाद: 11 जनवरी (भाषा) रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने रविवार को कहा कि वैश्विक अस्थिरता और भू-राजनीतिक स्थिति से उत्पन्न चुनौतियों के बीच भारत अडिग है।उन्होंने कहा कि ‘नरेन्द्र मोदी नाम की अजेय सुरक्षा दीवार’ के कारण ये चुनौतियां देश को प्रभावित नहीं कर सकती।
आरएसएस समय के साथ विकसित हो रहा है, नए रूप धारण कर रहा है: मोहन भागवत
नयी दिल्ली: 11 जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भगवत ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) बदल नहीं रहा है, बल्कि समय के साथ “धीरे-धीरे विकसित हो रहा है” और “बस सामने आ रहा है”।आरएसएस प्रमुख यहां संगठन के कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जो आगामी फिल्म ‘शतक’ के गीत संग्रह के विमोचन के लिए आयोजित किया गया था।
सोमनाथ पर्व के प्रधानमंत्री संबोधन
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व जैसे आयोजनों से प्रेरणा लेते हुए, विकसित होने के मार्ग पर तेजी से चलें। हर चुनौती को पार करते हुए, हम अपने लक्ष्य तक पहुंचें और ये कार्यक्रम आज तो शुरू हो रहा है, हमें हजार साल का स्मरण देश के कोन-कोने में करना है, दुनिया को हमारी विरासत का परिचय करवाना है, हमें 75 साल का ये नया पर्व भी मनाना है, और हम 2027 मई तक इसको मनाते रहें,ये समय चक्र है, कि सोमनाथ को ध्वस्त करने की मंशा लेकर आए मजहबी आततायी, आज इतिहास के कुछ पन्नों में सिमटकर रह गए हैं। और, सोमनाथ मंदिर उसी विशाल समंदर के किनारे गगनचुंबी धर्म-ध्वजा को थामे खड़ा है। सोमनाथ का ये शिखर मानो उद्घोष कर रहा है- चन्द्रशेखरम् आश्रये मम किं करिष्यति वै यमः

