
हरकी पैड़ी क्षेत्र में गैर-हिंदू पत्रकारों व सरकारी अधिकारियों की एंट्री पर भी रोक लगाने की मांग
हरिद्वार,
समाचार एजेंसी ईएमएस केउत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हरकी पैड़ी में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। घाटों की व्यवस्था देखने वाली संस्था गंगा सभा ने हरकी पैड़ी क्षेत्र में पोस्टर चस्पा कर दिए हैं, जिन पर साफ तौर पर लिखा है, कि ‘अहिंदू प्रवेश निषेध क्षेत्र’। ये पोस्टर अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन और समाज में नई बहस छिड़ गई है। गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने मीडिया के सामने पोस्टर लगाए जाने का बचाव करते हुए कहा कि कानून और नियमों की जानकारी होना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक, किस क्षेत्र में क्या नियम लागू हैं, यह स्पष्ट होना चाहिए। हरकी पैड़ी क्षेत्र में पोस्टर इसी उद्देश्य से लगाए गए हैं, ताकि किसी तरह का भ्रम न रहे और धार्मिक मर्यादाओं का उल्लंघन न हो। गंगा सभा ने प्रशासन से मांग की है कि हरकी पैड़ी को सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र मानते हुए यहां 1916 के म्यूनिसिपल बायलॉज का सख्ती से पालन कराया जाए। संस्था का दावा है कि इन बायलॉज के तहत हरकी पैड़ी क्षेत्र में गैर-हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंधित है
ओडिशा के अंगुल में संदिग्ध विस्फोटक सामग्री खाने के बाद एक जंगली हाथी की मौत
भुवनेश्वर: 16 जनवरी (भाषा) ओडिशा के अंगुल जिले में एक नर जंगली हाथी की संदिग्ध विस्फोटक सामग्री खाने के बाद मौत हो गई। एक वन अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।संदिग्ध विस्फोटक सामग्री खाने से हाथी के मुंह में गंभीर चोट आई थी। पांच साल के इस हाथी को पहली बार 13 जनवरी को अंगुल जिले के बंतला वन क्षेत्र में देखा गया था।
6 मार्च तक 19 दिनों का सत्र, होंगी 12 बैठकें
भोपाल
समाचार एजेंसी ईएमएस के अनुसारमध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र इस बार 19 दिनों का होगा। विधानसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर सत्र की तारीखें घोषित कर दी हैं। सत्र 16 फरवरी 2026 से शुरू होकर 6 मार्च 2026 तक चलेगा, जिसमें कुल 12 बैठकें प्रस्तावित हैं। इस बजट सत्र में राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेगी, जिसमें विकास योजनाओं, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस रहने की उम्मीद है। पिछले बजट (2025-26) में 4.21 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, और इस बार भी बड़े ऐलान होने की संभावना जताई जा रही है।
बीजेपी और चुनाव आयोग के कर्मचारियों के बीच बैठक हुई, क्यों? आचार संहिता अभी भी लागू है।
मुंबई सांसद संजय राउत के बयान ने मुंबई के राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है शहर में जो वोटिंग पैटर्न चल रहा है, वह एक गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि हजारों लोगों के नाम, जिन्होंने विधानसभा चुनावों में भी वोट दिया था, उन इलाकों से गायब हैं जहां शिवसेना (यूबीटी), मनसे या कांग्रेस हैं। ईवीएम मशीन ठीक से काम नहीं करती…चुनाव आयोग हमारी बात सुनने को तैयार नहीं है। कल, बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं और चुनाव आयोग के कर्मचारियों के बीच एक बैठक हुई, क्यों? आचार संहिता अभी भी लागू है।

