स्मार्ट सिटी पर राहुल का चला हाइड्रोजन बम/23 लाशों पर भटकता दिखा मीडिया, बरैया की बदजुबानी को दिया ज्यादा महत्व।

Share

  Rahul Gandhi Indore Visit: इंदौर दौरे पर राहुल गांधी, मरीजों से मिले | Breaking | Madhya Pradesh - YouTube इंदौर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की इंदौर यात्रा ने एक बार फिर स्मार्ट सिटी के चमकदार प्रचार के पीछे छिपी कड़वी हकीकत को उजागर कर दिया। इंदौर, जिसे लगातार भारत का सबसे स्वच्छ शहर और स्मार्ट सिटी मॉडल के रूप में पेश किया जाता रहा है, वहां भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के कारण हुई मौतों ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी। राहुल गांधी ने इस संकट को नजरअंदाज करने के बजाय सीधे पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर उनका दर्द सुना, उन्हें सांत्वना दी और आर्थिक सहायता प्रदान की। यह यात्रा महज राजनीतिक दौरा नहीं थी, बल्कि एक संवैधानिक जिम्मेदारी का निर्वहन था। राहुल गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे राजनीति करने नहीं, बल्कि पीड़ितों के साथ खड़े होने आए हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में पूछा, “ये कैसा स्मार्ट सिटी मॉडल है जहां लोग पानी पीकर मर रहे हैं?” उन्होंने जोर देकर कहा कि साफ पानी उपलब्ध कराना और प्रदूषण रोकना सरकार की सबसे बुनियादी जिम्मेदारी है, लेकिन यहां तो मौतें हो रही हैं और लोग बीमार पड़ रहे हैं। राहुल ने इसे सिर्फ इंदौर की समस्या नहीं बताया, बल्कि देश के कई शहरों में फैली एक बड़ी विफलता करार दिया।
दुर्भाग्य से, कुछ मीडिया चैनलों ने इस गंभीर मुद्दे को भटकाने की कोशिश की। वे राहुल गांधी की यात्रा को राजनीतिक स्टंट बताने लगे और कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के हालिया विवादित बयान को प्रमुखता से उठाने में जुट गए। बरैया के बयान ने अलग से विवाद खड़ा किया था, लेकिन राहुल गांधी की मौजूदगी में मीडिया का फोकस उस पर शिफ्ट करने की कोशिश स्पष्ट रूप से दिखाई दी। यह एक तरह का डायवर्शन था, जिससे असली मुद्दा—दूषित पानी से हुई मौतें और स्मार्ट सिटी की असफलता—पीछे छूट जाए।
   राहुल गांधी ने इस प्रयास को नाकाम कर दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि पीड़ित परिवारों को साफ पानी चाहिए, उन्हें न्याय चाहिए, और सरकार को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने पीड़ितों के परिजनों को व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की, अस्पताल में मरीजों से मिले, और कई परिवारों को राहत राशि के चेक सौंपे। यह कदम दिखाता है कि विपक्ष का नेता होने के नाते वे सिर्फ सवाल नहीं उठाते, बल्कि पीड़ितों के साथ खड़े होकर समाधान की मांग भी करते हैं।
यह घटना हमें याद दिलाती है कि स्मार्ट सिटी का नाम कितना भी बड़ा क्यों न हो, अगर बुनियादी सुविधाएं जैसे स्वच्छ पेयजल नहीं मिलता, तो सारा प्रचार खोखला साबित होता है। इंदौर जैसे शहर में, जहां स्वच्छता का तमगा लगा है, दूषित पानी से दर्जनों मौतें होना शर्मनाक है। सरकार को अब जवाब देना होगा—कौन जिम्मेदार है? मुआवजा और इलाज के साथ-साथ दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
   राहुल गांधी की यह यात्रा न केवल पीड़ितों के लिए सहारा बनी, बल्कि सत्ता के प्रचार तंत्र को आईना भी दिखाया। जब मीडिया एजेंडा सेट करने की कोशिश करता है, तो जनता के दर्द को भुलाने की बजाय उसे प्रमुखता देना चाहिए। स्मार्ट सिटी का सपना तभी साकार होगा जब हर नागरिक को साफ पानी, सुरक्षित जीवन मिले—न कि सिर्फ बैनर और पुरस्कारों में। यह दौरा एक चेतावनी है: विकास का मॉडल अगर गरीबों की जान ले रहा है, तो उसे बदलना होगा। इस नाते स्मार्ट सिटी पर राहुल का चला हाइड्रोजन बम..

Share

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

राशिफल

- Advertisement -spot_img

Latest Articles