
रुपया 76 पैसे टूटकर अब तक के सबसे निचले स्तर 91.73 प्रति डॉलर पर बंद
मुंबई: 21 जनवरी (भाषा) रुपया बुधवार को 76 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर 91.73 (अस्थायी) पर बंद हुआ। वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता एवं जोखिम से बचने की धारणा के बीच विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी से घरेलू मुद्रा पर दबाव रहा।विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि रुपये 16 दिसंबर 2025 को 91.14 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था। इस महीने अब तक स्थानीय मुद्रा में 1.50 प्रतिशत की गिरावट आई है। इस गिरावट का कारण भू-राजनीतिक अनिश्चितता में वृद्धि है।इस तरह रुपया दिसंबर में बने अपने पिछले सबसे निचले स्तर से भी नीचे आ गया। यह लगातार छठा कारोबारी दिन है जब रुपए में इतनी गिरावट दिखी है। रुपए पर दबाव का मुख्य कारण डॉलर का मजबूत होना रहा। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी से भी रुपया कमजोर हुआ। भू-राजनीतिक अनिश्चितता और अमेरिका से मिले संकेतों से भी वैश्विक बाजारों में अस्थिरता आई है, जिससे निवेशकों ने उभरते बाजारों से पैसा निकल लिया। फॉरेक्स बाजार के जानकारों के मुताबिक, विदेशी पूंजी के बाहर जाने और घरेलू शेयर बाजार में सुस्ती ने निवेशकों की भावना को और प्रभावित किया है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का बेंचमार्क फरवरी अनुबंध 1,010 रुपये उछलकर 1,51,575 रुपये के स्तर पर खुला। इसका पिछला बंद भाव 1,50,565 रुपये पर बना हुआ था। एक समय ये अनुबंध 3,792 रुपये बढ़कर 1,54,357 रुपये के भाव पर कामकाज कर रहा था। एक समय इसने 1,54,594 रुपये के भाव पर दिन का उच्च और 1,51,575 रुपये के भाव पर दिन का निचला स्तर हासिल किया। सोने के वायदा भाव 1,54,594 रुपये के सर्वोच्च स्तर पर पहुंचे। दूसरी ओर चांदी के वायदा भाव की शुरुआत कमजोर रह। एमसीएक्सपर चांदी का बेंचमार्क मार्च अनुबंध 1,106 रुपये फिसलकर 3,22,566 रुपये पर खुला। पिछला बंद भाव 3,23,672 रुपये था। इसने 3,26,487 रुपये के भाव पर दिन का उच्च और 3,20,007 रुपये के भाव पर दिन का निचला स्तर छू किया। चांदी के वायदा भाव इसी सप्ताह 3,27,998 रुपये किलो के अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंचे।
–मेला प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम प्रयागराज,अगर 24 घंटे में मेला प्रशासन ने नोटिस वापस नहीं लेता है तो कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट और शंकराचार्य
समाचार एजेंसी ईएमएस के अनुसार स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को प्रयागराज मेला प्राधिकरण द्वारा नोटिस दिए जाने के बाद विवाद और गहरा गया है। अब इस मामले में सियासत भी शुरू हो गई है, वहीं अब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सुप्रीम कोर्ट के वकील के जरिए प्राधिकरण को आठ पन्नों का जवाब भेजा है। अपने जवाब में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मेला प्राधिकरण के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि वे शंकराचार्य हैं। जवाब में कहा गया है कि ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने अपने जीवनकाल में ही उन्हें उत्तराधिकारी नियुक्त किया था। बताया गया है 11 सितंबर 2022 को शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ब्रह्मलीन हुए थे और 12 सितंबर 2022 को वैदिक विधि-विधान के साथ स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का विधिवत अभिषेक किया गया था। सार्वजनिक समारोह में उनका शंकराचार्य पद पर प्रतिष्ठापन किया गया। यह बात सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में भी लाया गया कि अभिषेक पहले ही हो चुका था। 14 अक्टूबर 2022 के आदेश में यह तथ्य दर्ज है। इतना ही नहीं शंकराचार्य पद पर बने रहने को लेकर किसी भी कोर्ट से कोई स्थगन आदेश नहीं है। साथ ही श्रृंगेरी, द्वारका और पुरी पीठ के शंकराचार्यों का समर्थन होने का दावा भी जवाब में किया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जवाब में भारत धर्म महामंडल द्वारा भी मान्यता का उल्लेख किया गया है और कहा गया है कि ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की पंजीकृत वसीयत भी वैध है। गुजरात हाईकोर्ट ने वसीयत को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की थी। यह जानकारी नोटिस के जवाब में दी गई है। इतना ही नहीं विरोधी पक्ष के बयानों को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में मानहानि वाद दायर किया गया था, जिसके बाद विरोधी द्वारा दायर आवेदन बाद में वापस लिया गया। जवाब में प्रयागराज मेला प्राधिकरण के पत्र को अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया गया है। इस प्रशासनिक हस्तक्षेप को असंवैधानिक करार दिया है। मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन और तीसरे पक्ष के बयान को सब-ज्यूडिस बताया गया है। नोटिस के जवाब में यह कहा गया है कि अगर 24 घंटे में मेला प्रशासन ने नोटिस वापस नहीं लेता है तो कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट और शंकराचार्य परंपरा व स्वामी की छवि धूमिल करने के लिए विधिक कार्यवाही की जाएगी। नोटिस का जवाब प्राधिकरण उपाध्यक्ष को मेल के जरिए भेजा गया है।
जवाब में प्रयागराज मेला प्राधिकरण के पत्र को अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया गया है। इस प्रशासनिक हस्तक्षेप को असंवैधानिक करार दिया है। मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन और तीसरे पक्ष के बयान को सब-ज्यूडिस बताया गया है। नोटिस के जवाब में यह कहा गया है कि अगर 24 घंटे में मेला प्रशासन ने नोटिस वापस नहीं लेता है तो कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट और शंकराचार्य परंपरा व स्वामी की छवि धूमिल करने के लिए विधिक कार्यवाही की जाएगी। नोटिस का जवाब प्राधिकरण उपाध्यक्ष को मेल के जरिए भेजा गया है।
अंतरिक्ष से दुनिया को देखकर नजरिया बदल जाता, बहस बेकार लगती है: सुनीता विलियम्स
नई दिल्ली: 21 जनवरी (भाषा) अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने कहा कि अंतरिक्ष में जाने से जीवन को देखने का उनका नजरिया बदल गया है और जब वहां से पृथ्वी को एक ही ग्रह के रूप में देखा जाता है, तो इंसानों का आपस में बहस करना या अलग-अलग मुद्दों पर मतभेद रखना बहुत ही व्यर्थ लगता है।
लालच की महामारी फैल चुकी है, ‘शहरी सड़न’ को ‘न्यू नॉर्मल’ मान लिया गया है: राहुल
नयी दिल्ली: 21 जनवरी (भाषा) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शहरी इलाकों में बुनियादी ढांचे की स्थिति को लेकर बुधवार को दावा किया कि देश में लालच की महामारी फैल चुकी है और समाज मर रहा है क्योंकि ‘‘शहरी सड़न’’ को “न्यू नॉर्मल (अब सामान्य बात)” मान लिया गया है।उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पत्रकार का वीडियो का साझा किया जिसमें दिल्ली के किराड़ी इलाके में में कई घरों के सामने पानी और कचरा जमा होने का उल्लेख किया गया है।

