मुझे नहीं लगता कि प्रधानमंत्री मोदी में आज लोकसभा आने की हिम्मत होगी, राहुल / जाति आधारित जनगणना वर्ष 2027/सहकारिता क्षेत्र की “भारत टैक्सी” 

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मुझे नहीं लगता कि प्रधानमंत्री मोदी में आज लोकसभा आने की हिम्मत होगी, राहुल

नई दिल्ली,समाचार एजेंसी ईएमएस के अनुसार... लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चीन के साथ लद्दाख गतिरोध से निपटने के तरीके को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने एक नाजुक समय में जिम्मेदारी लेने में विफल रहे और सैन्य नेतृत्व को अकेला छोड़ दिया। राहुल गांधी ने कहा, जो उचित समझो वहां करो। संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए, राहुल गांधी ने जनरल नरवणे के अप्रकाशित संस्मरणों की एक प्रति दिखाकर कहा कि वहां लोकसभा में प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत रूप से यह पुस्तक सौंपने के लिए तैयार हैं। उन्होंने दावा किया कि पुस्तक की सामग्री लद्दाख संकट के दौरान मोदी सरकार की प्रतिक्रिया के बारे में सच्चाई दिखाती है। राहुल गांधी ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि प्रधानमंत्री मोदी में आज लोकसभा आने की हिम्मत होगी, क्योंकि अगर वह आते हैं, तब मैं उन्हें यह पुस्तक सौंपने जा रहा हूं। अगर प्रधानमंत्री आते हैं, तब मैं स्वयं जाकर उन्हें यह पुस्तक सौंपूंगा ताकि वे इस पुस्तक को पढ़ सकें और देश को सच्चाई पता चल सके। पूर्व सेना प्रमुख के वृत्तांत का हवाला देकर कांग्रेस नेता ने इस बात पर जोर दिया कि पुस्तक में लद्दाख की घटनाओं का विस्तृत वर्णन है और इस पुस्तक को व्यापक रूप से पढ़ा जाना चाहिए, विशेषकर भारत के युवाओं को ये पुस्तक पढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत के हर युवा को यह पुस्तक देखनी चाहिए।राहुल गांधी ने पुस्तक में वर्णित मुख्य घटना का वर्णन किया, जो कैलाश रिज क्षेत्र में चीनी सैनिकों और टैंकों की आवाजाही से जुड़ा है। राहुल गांधी ने कहा कि जब चीनी टैंक कैलाश रिज पर पहुंचे, तब जनरल नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से संपर्क कर जवाबी कार्रवाई के बारे में निर्देश मांगे। उन्होंने कहा कि मुख्य बात वही है जो प्रधानमंत्री ने कही थी, जो उचित समझो वहां करो। जब पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने राजनाथ जी को फोन कर कहा कि चीनी टैंक कैलाश रिज पपहुंच गए हैं, तब हमें क्या करना चाहिए? पहले रक्षा मंत्री सिंह ने उन्हें कोई जवाब नहीं दिया।

डील के तहत अमेरिका ने भारत को खरीद लिया-संजय राउत

नई दिल्ली,समाचार एजेंसी ईएमएस के अनुसारशिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस डील के तहत अमेरिका ने भारत को खरीद लिया है। साथ ही उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों पर झूठ बोलने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा है कि सरकार के लोगों को ब्लैकमेल किया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को भारत पर लगाए टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी करने का ऐलान किया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक संजय राउत ने बुधवार को कहा कि पीयूष गोयल समेत सरकार के सभी केंद्रीय मंत्री झूठ बोल रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप के साथ जो ट्रेड डील हुई है, वो हमारा देश लगभग अमेरिका के चरणों में डाल दिया है। अमेरिका ने हमको खरीद लिया है। बोलते हैं कि यह बहुत बड़ी हमारी विजय है। कौनसी विजय है भाई। आप बताइये। आप पूरे देश में जश्न मनाने की बात करते हो। उन्होंने कहा कि भारत को आज भी भारी टैरिफ देना पड़ रहा है। राउत ने कहा कि 18 फीसदी टैरिफ आज भी कायम है, जो पहले 3 फीसदी था। उसके बावजूद अमेरिका के जो कृषि उत्पाद हैं, वो जीरो टैरिफ पर भारत के बाजार में आ जाएंगे, जिसमें सभी धान, फल, फूल, दूध, डेयरी प्रोडक्ट्स होंगे। हमारे किसान खून पसीना बहाकर जो माल बनाते हैं, उससे सस्ते दामों में अमेरिका अपना माल बेचेगा। तो क्या हमारा किसान आत्महत्या करेगा। उन्होंने कहा कि कोई एक रहस्यमय तरीके से हमारे सरकार के तरीके से लोगों को ब्लैकमेल किया जा रहा है…।

जाति आधारित जनगणना वर्ष 2027

  गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि सरकार ने वर्ष 2027 की जनगणना कराने की योजना अधिसूचित कर दी है। जनगणना के दूसरे चरण में जातिवार गणना की जाएगी। भारत में जनगणना दो चरणों में संपन्न होती है। पहले चरण में गृह सूचीकरण अभियान-एचएलओ के तहत प्रत्येक परिवार की आवास स्थिति, संपत्ति, सुविधाओं आदि की जानकारी एकत्रित की जाती है। दूसरे चरण में देश की जनसंख्या गणना के तहत, प्रत्येक व्यक्ति की जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, सांस्कृतिक और अन्य जानकारी एकत्र की जाती है। भारत सरकार ने 22 जनवरी 2026 को पहले चरण के प्रश्नों को अधिसूचित कर दिया है। जाति संबंधी प्रश्न सहित दूसरे चरण के प्रश्नों को जनगणना अभियान के दूसरे चरण से पहले अधिसूचित किया जाएगा।04 FEB 2026 PIB Delhi

सहकारिता क्षेत्र की पहली टैक्सी सर्विस “भारत टैक्सी” 

 केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह 05 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में भारत के पहले सहकारिता-आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म “भारत टैक्सी” का शुभारंभ करेंगे। माननीय प्रधानमंत्री  के ‘सहकार से समृद्धि’ के विज़न के अनुरूप यह शुभारंभ सहकारिता क्षेत्र को सुदृढ़ करने और समावेशी, नागरिक-केंद्रित मोबिलिटी समाधानों को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार के निरंतर प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगा,।भारत टैक्सी को मोबिलिटी क्षेत्र में एक परिवर्तनकारी पहल के रूप में परिकल्पित किया गया है, जिसमें ड्राइवरों—जिन्हें सारथी कहा जाता है—को स्वामित्व, संचालन और मूल्य-निर्माण के केंद्र में रखा गया है, जिससे वे शोषणकारी एग्रीगेटर-आधारित मॉडलों से मुक्त हो सकें।कार्यक्रम के दौरान सहकारिता-आधारित मोबिलिटी इकोसिस्टम में उत्कृष्ट योगदान के लिए शीर्ष छह प्रदर्शन करने वाले सारथियों को सम्मानित किया जाएगा। माननीय मंत्री इन सारथियों को शेयर प्रमाणपत्र वितरित करेंगे, जिससे “सारथी ही मालिक” के मूल सिद्धांत को और अधिक मजबूती मिलेगी। प्रत्येक सम्मानित सारथी को ₹5 लाख का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा तथा ₹5 लाख का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाएगा, जो ड्राइवर कल्याण और दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा के प्रति भारत टैक्सी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।इस अवसर पर संचालनात्मक एकीकरण, डिजिटल सशक्तिकरण, सुरक्षा और सेवा वितरण को सुदृढ़ करने के लिए प्रमुख सार्वजनिक और निजी हितधारकों के साथ नौ समझौता ज्ञापन (MoU) किए जाएंगे।

कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) साझेदारी का सक्रिय रूप से विस्तार

राज्यसभा में आज एक अतारांकित प्रश्न का उत्तर देते हुए केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री  द्रुगदास उइके ने सूचित किया कि जनजातीय कार्य  मंत्रालय राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसटीएफडीसी) के माध्यम से जनजातीय लोगों और क्षेत्रों के समग्र कल्याण और विकास के लिए कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) साझेदारी का सक्रिय रूप से विस्तार कर रहा है। एनएसटीएफडीसी ने देश भर में एकलव्‍य आदर्श आवासीय विद्यालयों को सहायता प्रदान करने के लिए  कोल इंडिया लिमिटेड, नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल), ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) आदि सहित कई कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्‍ताक्षर किए हैं। इन पहलों के तहत अंतरिक्ष प्रयोगशालाओं की स्थापना, डिजिटल शिक्षा तथा छात्रों एवं शिक्षकों दोनों की क्षमता निर्माण जैसे कई कार्य किए जा रहे हैं।

 

 

 


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