रुपया 92.28 प्रति डॉलर/ कोलकाता में ज्ञानेश को काले झंडे/प्रधानमंत्री संसद से भाग गए-राहुल//कौन किसका अपमान कर रहा-ममता/

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पिछले बंद स्तर से 46 पैसे की बड़ी गिरावट मुंबई (ईएमएस)। सोमवार को रुपया शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 46 पैसे गिरकर अपने रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब 92.28 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 92.22 प्रति डॉलर पर खुला और आगे भी गिरावट जारी रखते हुए 92.28 प्रति डॉलर पर आ गया। यह पिछले बंद स्तर से 46 पैसे की बड़ी गिरावट है। चार मार्च को रुपया 92.35 प्रति डॉलर के अपने अब तक के सबसे निचले इंट्रा-डे स्तर तक पहुंच गया

सरकार पश्चिम एशिया मामले पर चर्चा नहीं चाहती: राहुल

नयी दिल्ली: नौ मार्च (भाषा) लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को आरोप लगाया कि सरकार संसद में पश्चिम एशिया मामले पर चर्चा नहीं करना चाहती क्योंकि यह बात सामने आएगी कि ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ब्लैकमेल किया जा रहा है और वह ‘कम्प्रोमाइज्ड’ हो चुके हैं।’’राहुल गांधी ने यह दावा भी किया, ‘‘आपने देखा कि प्रधानमंत्री संसद से भाग गए हैं। अब वह सदन के अंदर नहीं आ पाएंगे।’’

ममता ने इस सबूत बताकर पूछा कि कौन किसका अपमान कर रहा

कोलकाता,समाचार एजेंसी ईएमएस के अनुसार। ...पश्चिम बंगाल की सियासत में सम्मान और अपमान की एक नई जंग छिड़ गई है। मुद्दा है देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रोटोकॉल से जुड़ा हुआ है। एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तृणमूल सरकार पर राष्ट्रपति के घोर अपमान का आरोप लगाया है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुरानी तस्वीर दिखाकर प्रधानमंत्री मोदी पर ही पलटवार किया। सीएम ममता ने तस्वीर को सबूत बताकर दावा किया प्रधानमंत्री राष्ट्रपति पद का सम्मान करने के बड़े-बड़े दावे करते रहते हैं। आइए इस तस्वीर को गौर से देख लें। देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति खड़ी हैं, जबकि प्रधानमंत्री मोदी आराम से अपनी कुर्सी पर बैठे हैं। राष्ट्रपति के प्रति सम्मान के सभी दावे खोखले लगते हैं जब प्रत्यक्ष प्रमाण उनके पद के प्रति लापरवाही को दर्शाता है। वीडियो में तृणमूल के दो नेता राष्ट्रपति मुर्मू, प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी की 2024 की तस्वीर पकड़े दिख रहे हैं। यह तस्वीर 31 मार्च, 2024 को खींची गई थी, जब राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने आडवाणी से मुलाकात की थी और उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया था।बता दें राष्ट्रपति मुर्मू ने बागडोगरा हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री और किसी भी मंत्री के ना मिलने पर अपनी नाराजगी व्यक्त की थी। राष्ट्रपति मुर्मू एक अंतरराष्ट्रीय आदिवासी सम्मेलन में भाग लेने के लिए वहां पहुंची थी। मुर्मू ने सिलीगुड़ी के पास अपने कार्यक्रम के स्थान में बदलाव पर भी असंतोष जाहिर किया था। लेकिन मैं बहुत दुखी हूं। क्योंकि हमेशा देखा गया हैं कि प्रेसिडेंट आते हैं, तब मुख्यमंत्री को भी आना चाहिए। मंत्री भी आना चाहिए। लेकिन चीफ मिनिस्टर मैडम भी आए नहीं और गवर्नर का तबादला हो गया है। क्योंकि डेट पहले से फिक्स था इसीलिए मैं आ गई मैं भी बंगाल की ही बेटी हूं बंगाल में बहुत क्यों आने ही नहीं देते ममता दी जी मेरे बहन भी है छोटे बहन है पता नहीं मुझे कोई गुस्सा किए, इसीलिए वहां जाकर प्रोग्राम कराया कोई बात नहीं कोई गिला नहीं कोई शिकवा नहीं लेकिन ममता बनर्जी चुप बैठने वालों में से नहीं थी। कोलकाता में धरना स्थल से उन्होंने एक ऐसी तस्वीर दिखाई, इस तस्वीर ने दिल्ली तक हलचल मचा दी है। तस्वीर में पीएम मोदी भाजपा नेता आडवाणी के साथ बैठे नजर आ रहे हैं और राष्ट्रपति उनके बगल में खड़ी हैं। ममता ने इस सबूत बताकर पूछा कि कौन किसका अपमान कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पद का सम्मान करती हैं। लेकिन बंगाल को बार-बार निशाना बनाना बंद होना चाहिए।

कोलकाता के कालीघाट मंदिर के बाहर मुख्य निर्वाचन आयुक्त को दिखाए गए काले झंडे

कोलकाता: नौ मार्च (भाषा) Kolkata: कालीघाट मंदिर पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त को दिखाए गए काले झंडे,  'वापस जाओ' के नारों से गूंजा परिसरदक्षिण कोलकाता के प्रतिष्ठित कालीघाट मंदिर में सोमवार सुबह दर्शन करने पहुंचे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को “वापस जाओ” के नारों और काले झंडों के साथ विरोध का सामना करना पड़ा।हालांकि, वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित किया जिसके बाद कुमार मंदिर में दर्शन के लिए आगे बढ़ पाये।इससे पहले रविवार रात कुमार के कोलकाता पहुंचने पर भी हवाई अड्डे के पास इसी तरह का विरोध प्रदर्शन देखा गया था।जब उनका काफिला हवाई अड्डे से बाहर निकल रहा था, तब तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विरोधस्वरूप “वापस जाओ” के नारे लगाए और काले झंडे दिखाये।

लालगंज/रायबरेली समाचार एजेंसी ईएमएस के अनुसार।...ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती रविवार को लालगंज पहुंचे। यहां उनका भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने मीडिया और अनुयायियों को संबोधित किया। बृजेंद्र नगर के दुर्गा माता मंदिर परिसर में शंकराचार्य ने कहा कि जो व्यक्ति गौ माता को मानता है वह उस पर अत्याचार नहीं कर सकता। जो ऐसा करता है, वह किसी भी दशा में हिंदू नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि गाय के मांस से आय करने वालों को सनातन समाज कभी माफ नहीं करेगा। उन्होंने प्रयागराज में बटुकों के साथ हुई मारपीट और उनकी चोटी खींचने की घटना पर भी प्रतिक्रिया दी। कहा कि बटुकों के साथ दुव्र्यवहार करने वाले दोषियों के खिलाफ सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कोई विधर्मी करता तो समझ में आता, लेकिन जो खुद को हिंदू कहते हैं और हिंदुओं के वोट से सत्ता में आते हैं, उन्हीं के शासन में ऐसी घटनाएं होना चिंताजनक है। शंकराचार्य ने कहा कि चोटी सनातन धर्म की ध्वजा के समान है। चोटी खींचना सनातन धर्म की ध्वजा पर प्रहार करने जैसा है।


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