केसी त्यागी ने जदयू से नाता तोड़ा/ बेटी की सुनी गई गुहार, बचाई बाप एपिस्टन लिस्टेड मंत्री पुरी की इज्जत..

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केसी त्यागी ने जदयू से नाता तोड़ा; कहा, भविष्य को लेकर जल्द फैसला करेंगे

नयी दिल्ली: 17 मार्च (भाषा)Patrika - JDU से अलग हुए नीतीश के पुराने साथी केसी त्यागी, 22 मार्च को  करेंगे खास बैठक; क्या होगा कोई बड़ा ऐलान?...See more | Facebook बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता के.सी. त्यागी ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने पार्टी छोड़ दी है और अपने भविष्य के कदम को लेकर जल्द फैसला करेंगे।त्यागी समता पार्टी और जनता दल के विलय से अक्टूबर 2003 में अस्तित्व में आई पार्टी जदयू से जुड़े हुए थे।

नई दिल्ली समाचार एजेंसी ईएमएस के अनुसारदिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हिमायनी पुरी को बड़ी राहत देकर एपस्टीन फाइल्स से जुड़े विवादित कंटेंट पर तत्काल रोक लगा दी है। दिल्ली होईकोर्ट ने गूगल, मेटा और लिंक्डइन सहित सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को 24 घंटे के अंदर आपत्तिजनक सामग्री हटाने का आदेश दिया। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने सुनवाई के दौरान साफ कहा कि प्रथम दृष्टया मानहानि का मामला बनता है। अदालत ने कहा कि अगर विवादित कंटेंट पर रोक नहीं लगी, तब याचिकाकर्ता को अपूरणीय क्षति होगी। हिमायनी ने अपनी मानहानि याचिका में दावा किया कि एपस्टीन से जुड़े कुछ आरोपों को उनके नाम से गलत तरीके से जोड़ा गया है, इससे उनकी छवि गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। याचिका में 10 करोड़ रुपये के हर्जाने और सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से आपत्तिजनक कंटेंट हटाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि बयान गलत तरीके से जोड़े गए थे। आपत्ति दर्ज कराने के बाद भी कुछ कंटेंट नहीं हटाया। हिमायनी के वकील ने कहा कि निष्पक्ष रिपोर्टिंग की सुरक्षा जरूरी है, लेकिन किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को बिना सबूत के नुकसान पहुंचाना मानहानि है। दिल्ली होई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान साफ किया कि आरोपों की जांच करना एजेंसियों का काम है, अदालत इसका फैसला नहीं करेगी। लेकिन फिलहाल याचिकाकर्ता की प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए अंतरिम राहत देना जरूरी है। अदालत ने सभी संबंधित प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया कि हिमायनी से जुड़ा कोई भी विवादित कंटेंट, जिसमें एपस्टीन फाइल्स का जिक्र हो और उन्हें गलत तरीके से जोड़ा गया हो, 24 घंटे के अंदर हटा दिया जाए।

ज्ञातव्य है की स्वयं मंत्री पुरी ने भाजपा कार्यालय में इस बात को स्वीकार किया था कि वह सेक्स वर्कर सप्लायर जेफ्री एपिस्टिन से मिले थे बाद में कांग्रेस ने इस पर हंगामा भी किया और मंत्री पुरी विवाद के घेरे में आ गए थे। इस बदनाम फाइल में भारत के उद्योगपति अनिल अंबानी का भी नाम आया था उसके बाद अनिल अंबानी के घर कुर्क कर लिया गया व कई छापे पड़े। मंत्री पूरी और अनिल अंबानी दोनों ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नजदीकी माने जाते हैं राहुल गांधी ने राफेल विमान के संबंध में चौकीदार चोर है का आरोप भी लगाया था।

भीड़ के तमाम पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त

भीड़ इतनी अनियंत्रित थी कि लगभग 800 बसें रास्ते में ही फंसी रह गईं और हजारों लोगों को रैली स्थल तक पहुँचने के लिए 4 से 5 किलोमीटर का सफर पैदल ही तय करना पड़ा। रैली के लिए जुटाए गए संसाधनों में 1,484 बड़ी बसें, 2,309 मिनी बसें और 2,376 कारों सहित हजारों निजी वाहन शामिल थे। हालांकि, पार्टी ने एक लाख लोगों के लिए लंगर की व्यवस्था की थी, लेकिन उम्मीद से कहीं अधिक भीड़ उमड़ने के कारण भोजन की व्यवस्था समय से पहले ही समाप्त हो गई। पार्टी के प्रदेश महामंत्री अनिल सरीन ने रैली की सफलता पर धन्यवाद पंजाब कहते हुए दावा किया कि इस विशाल आयोजन में कुल 1,58,131 लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। भाजपा का कहना है कि वह देश की संभवतः पहली ऐसी पार्टी है जो डिजिटल प्रमाणों के साथ रैली में शामिल लोगों की सटीक संख्या सार्वजनिक करने का साहस दिखा रही है। भाजपा ने इस मोबिलाइजेशन के लिए राज्य के 23 जिलों के 13,000 गांवों, 160 शहरों और करीब 24,500 पोलिंग बूथों तक अपनी पहुंच बनाई थी।

14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत अब करीब 965 रुपए तक पहुंच गई

एलपीजी की कीमत, बुकिंग नियम और सप्लाई व्यवस्था में कई बदलाव किए गए हैं। केंद्र सरकार ने बीते 7 मार्च को घर में इस्तेमाल होने वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम करीब 7फीसदी तक बढ़ा दिए हैं। इस बढ़ोतरी के बाद 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत अब करीब 965 रुपए तक पहुंच गई है। करीब एक साल बाद गैस के दाम इस तरह बढ़े हैं और इसने आम परिवारों के महीनेभर के बजट पर थोड़ा असर डालने का काम किया है। एक तो पहले से ही महंगाई है, ऊपर से रसोई गैस के महंगे होने से गरीब परिवारों का हिसाब-किताब बिगड़ सकता है। हालांकि उज्ज्वला लाभार्थियों को 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर पर 300 रुपए की सब्सिडी सीधे बैंक खाते में मिलती है, यानी उन्हें सिलेंडर करीब 550 रुपए में पड़ता है। पात्र श्रेणियों में एससी/एसटी, पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थी, अति पिछड़ा वर्ग, अंत्योदय अन्न योजना, चाय बागान जनजातियां, वनवासी, द्वीपवासी, एसईसीसी परिवार और 14-सूत्री घोषणा के तहत गरीब परिवार शामिल हैं। सरकार ने गैस सिलेंडर बुक करने के तरीके में भी एक बड़ा बदलाव किया है। नए नियम के मुताबिक अब आप एक सिलेंडर बुक करने के तुरंत बाद दूसरा बुक नहीं कर सकते। दोनों बुकिंग के बीच एक तय समय का गैप रखना जरूरी होगा। पहले यह नियम था कि आप 25 दिनों के बाद ही दूसरा सिलेंडर ले सकते थे, लेकिन अब गांवों और कस्बों में इस गैप को बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया है। इस नियम के साथ सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि बुकिंग के बाद डिलीवरी 2.5 दिन में होगी। एक परिवार साल में 15 सिलेंडर बुक कर सकता है, जिनमें से 12 सब्सिडाइज़्ड हैं। घर में कानूनी तौर पर अधिकतम 2 सिलेंडर रखे जा सकते हैं। अगर आपके घर में पाइप वाली गैस यानी पीएनजी का कनेक्शन है, तो नए नियमों के तहत अब आप अपने घर में एलपीजी सिलेंडर नहीं रख सकते। इस पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। सरकार ने गैस कंपनियों को साफ-साफ कह दिया है कि जिन लोगों के पास पहले से पाइप वाली गैस है, उन्हें न तो नया सिलेंडर का कनेक्शन दिया जाए और न ही पुराना सिलेंडर भरकर दिया जाए।

रुपया मंगलवार  14 पैसे टूटकर 92.42 प्रति डॉलर पर पहुंच गया।

 

 


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