
मधु पूर्णिमा किश्वर के विवादास्पद ट्वीट पर शहडोल में एफआईआर दर्ज करने की मांग
शहडोल जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष संदीप तिवारी के द्वारा पुलिस को शिकायत करते हुए देश के संवैधानिक सम्मानित प्रधानमंत्री पद पर पदस्थ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगाए गए गंभीर आरोपों पर दोस्ती के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की मांग की है
शहडोल (मध्य प्रदेश), 1 अप्रैल 2026: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों को लेकर मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के सोहागपुर थाने में एक याचिका दायर की गई है। स्थानीय अधिवक्ता संदीप कुमार तिवारी ने थाना प्रभारी को पत्र लिखकर मधु पूर्णिमा किश्वर (@madhukishwar) के 25 मार्च 2026 के ट्वीट के आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने की मांग की है।
तिवारी, जो पूर्व अध्यक्ष और पूर्व शासकीय अधिवक्ता हैं तथा शहडोल के कोटमा गांव के निवासी हैं, ने अपने आवेदन में कहा है कि किश्वर ने पोस्ट आईडी 2036844407929135426 के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी पर “predatory sexual conduct” (शिकारी यौन आचरण), महिलाओं के साथ “sickly dalliances” और “intimacy” के आधार पर सांसद व मंत्री पद देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को “Satanic ruler” (शैतानी शासक) और “CIA plant” (सीआईए का पौधा) करार देते हुए आरोप लगाया कि वे देश को बर्बाद करने और हिंदुओं का नाश करने का षड्यंत्र रच रहे हैं।
आवेदन के अनुसार, यह ट्वीट अब तक 1.25 करोड़ से अधिक बार देखा जा चुका है, जिससे राष्ट्रीय एकता, लोक व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव को क्षति पहुंचने की आशंका है। तिवारी ने इसे प्रधानमंत्री के उच्च संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला, भड़काऊ, अश्लील और मानहानिकारक बताया है। उन्होंने अनुच्छेद 19(2) के अंतर्गत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगाए गए उचित प्रतिबंधों का हवाला देते हुए कहा कि यह लोक व्यवस्था, नैतिकता, शालीनता और मानहानि के हित में दंडनीय है।
आवेदन में निम्न धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई है: भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023: धारा 152, 196ए, 352ए, 353 सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000: धारा 67 आवेदन के साथ संबंधित ट्वीट का स्क्रीनशॉट/प्रिंटआउट संलग्न किया गया है। तिवारी ने थाना प्रभारी से प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है।
मधु पूर्णिमा किश्वर, जो पहले प्रधानमंत्री मोदी की जीवनी “मोदीनामा” सहित उनकी प्रशंसा करने वाली किताबें लिख चुकी हैं और लंबे समय तक उनके समर्थक के रूप में जानी जाती रहीं, हाल में उनके खिलाफ तीखी आलोचना कर रही हैं। 25 मार्च के ट्वीट में उन्होंने सब्रमण्यम स्वामी के एक वीडियो का हवाला देते हुए दावा किया कि मोदी के “predatory sexual conduct” की चर्चाएं 2014 से ही गुजरात और संघ के अंदरूनी सर्किल में चल रही थीं। उन्होंने कुछ महिलाओं को पद दिए जाने को “intimacy” से जोड़ते हुए कहा कि अगर मोदी अन्य मोर्चों पर अच्छा प्रदर्शन करते तो शायद वे इन बातों को नजरअंदाज कर देतीं, लेकिन हिंदू समाज के प्रति उनका रवैया, वैक्सीन नीति और अन्य मुद्दों ने उन्हें “Satanic ruler” और “CIA plant” मानने पर मजबूर किया।यह ट्वीट सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुआ है

