
वन अधिकार कानून के कार्यान्वयन में आरएसएस की भूमिका ‘संस्थागत’ बनाने के लिए कार्यबल गठित : कांग्रेस
नयी दिल्ली: दो जून (भाषा)
कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकारों ने पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम (पेसा), 1996 और वन अधिकार कानून, 2006 के कार्यान्वयन में आरएसएस की भूमिका को ‘‘संस्थागत’’ बनाने के लिए कार्यबलों का गठन किया है।पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि ओडिशा जल्द ही इस तरह का कार्यबल का गठन करने वाला तीसरा राज्य होगा।
काजोल सिंह होगी एसडीएम ब्यौहारी,सुमित गुर्जर होंगे तहसीलदार
शहडोल 2 जून 2026- कलेक्टर डॉ.केदार सिंह ने आदेश जारी कर प्रशासनिक कार्य सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए सुश्री काजोल सिंह अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जयसिंहनगर अपने वर्तमान कार्य के साथ-साथ आगामी आदेश तक अस्थाई रूप से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अनुविभाग ब्यौहारी जिला शहडोल (म०प्र०) का कार्य दायित्व सौंपा है।तहसीलदार बुढार सुमित गुर्जर को ब्यौहारी तहसील में पदस्थ किया है तथा तहसीलदार ब्यौहारी राजकुमार कोल को कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ किया।
सीधी जिले में सुविधाओं के अभाव के कारण एक वर्ष हुई 53 मातृ मृत्यु
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, भारत (एनएचआरसी) ने मध्य प्रदेश के सीधी जिले में अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच एक वर्ष में प्रसव पूर्व और प्रसवोत्तर अवधि में 53 गर्भवती महिलाओं की मृत्यु से संबंधित एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है। इन मृत्यु का मुख्य कारण जागरूकता और चिकित्सा सुविधाओं का अभाव था। खबरों के अनुसार, राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित सामुदायिक मातृ स्वास्थ्य लीग की रैंकिंग में सीधी जिला लगातार सबसे निचले तीन जिलों में शामिल रहा है।आयोग ने पाया है कि यदि मीडिया रिपोर्ट में दी गई जानकारी सत्य है तो इससे मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मुद्दा बनता है। अतः आयोग ने मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।29 मई, 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 53 मातृ मृत्यु में मृतकों की औसत आयु 26 वर्ष बताई गई है, जिनमें से अधिकांश पहली या दूसरी बार मां बनने वाली महिलाएं थीं। समाचार रिपोर्ट में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पताल में चिकित्सकों और तकनीकी विशेषज्ञों सहित बुनियादी ढांचे की कमी का भी खुलासा हुआ है, जिसके कारण मरीजों को दूरस्थ रीवा जिले में उच्च चिकित्सा सुविधाओं के लिए भेजा जाता है, जिससे रास्ते में उनकी जान को खतरा रहता है। बताया जाता है कि एक एम्बुलेंस चालक ने खुलासा किया कि सीधी जिले के कई गांवों में उचित सड़क संपर्क नहीं है, जिससे मानसून के मौसम में स्थिति और भी जटिल हो जाती है। गर्भवती महिलाओं को एम्बुलेंस तक पहुंचने से पहले दो से तीन किलोमीटर तक चारपाई पर ले जाना पड़ता है।02 JUN 202 11:21AM by PIB Delhi
भाजपा ने 177 सीट पर मतगणना में धांधली करके बंगाल चुनाव जीता : ममता बनर्जी
कोलकाता: दो जून (भाषा) तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हाल में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए 294 में से 177 सीट की मतगणना में ‘‘धांधली’’ की।
राजशाही नहीं है; माँ को एक घर चाहिए, बेटे को दूसरा: बिहार के CM
शेखपुरा (बिहार): (2 जून), 2 जून (PTI) बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी RJD पर परोक्ष रूप से निशाना साधा। RJD इस बात से नाराज़ है कि पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के कब्ज़े वाले बंगले को एक मंत्री को आवंटित कर दिया गया है।चौधरी ने विपक्षी पार्टी या उसके नेताओं का नाम लिए बिना इस विवाद का ज़िक्र किया और कहा, “यह कोई राजशाही नहीं है… माँ को एक घर चाहिए, और बेटे को दूसरा।”गौरतलब है कि राबड़ी देवी 10, सर्कुलर रोड पर रह रही हैं। उन्होंने 39, हार्डिंग रोड पर जाने से इनकार कर दिया है, जो उन्हें राज्य विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के तौर पर आवंटित किया गया था।उनके बेटे तेजस्वी यादव, जो राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं, 1, पोलो रोड पर रहते हैं।मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उन्होंने 1, अणे मार्ग से काम शुरू करने पर तभी सहमति दी, जब उनके पूर्ववर्ती नीतीश कुमार ने ज़ोर दिया। 1, अणे मार्ग मुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास है, जिसे उनकी सरकार ने अब ‘लोक सेवक भवन’ नाम दिया है। नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने के लिए मुख्यमंत्री का पद छोड़ दिया था।चौधरी ने कहा, “नीतीश कुमार जी ने अपना आधिकारिक आवास खाली करने में ज़रा भी देर न करके एक मिसाल कायम की है। और मैं यह कहना चाहूँगा कि जिस दिन मेरे नेता मुझसे पद छोड़ने को कहेंगे, मैं बिना पलक झपकाए अपना सामान बाँधकर चला जाऊँगा।” BJP नेता, जिन्हें RJD अक्सर यह याद दिलाकर चिढ़ाती रहती है कि उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत राबड़ी देवी के मंत्रिमंडल में मंत्री के तौर पर की थी, ने विपक्षी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, “कुछ लोगों को लगता है कि बंगला एक तरह की विरासत (बापौती) है। एक घर माँ के लिए चाहिए और दूसरा बेटे के लिए। यह कोई राजशाही नहीं है।”
55 जिलों में 48.80 लाख निजी संपत्तियां और करीब 19 लाख सरकारी संपत्तियां चिह्नित
एमपी सरकार के बड़े फैसले एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि स्वामित्व योजना के तहत ड्रोन और सैटेलाइट सर्वे के जरिए आबादी क्षेत्र में बसे लोगों की संपत्तियों का चिह्नांकन किया गया था। इसके बाद उन्हें स्वामित्व पत्र दिए गए थे। अब सरकार इन संपत्तियों की रजिस्ट्री कराकर पंजीकृत दस्तावेज भी उपलब्ध कराएगी। प्रदेश के 55 जिलों में 48.80 लाख निजी संपत्तियां और करीब 19 लाख सरकारी संपत्तियां चिह्नित की गई हैं। रजिस्ट्री की प्रक्रिया में लगने वाला पंचायत उपकर और पंजीयन शुल्क सरकार स्वयं वहन करेगी। इस पर करीब 3800 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। सरकार का दावा है कि दस्तावेज मिलने के बाद लाभार्थियों को बैंक लोन सहित अन्य सुविधाएं प्राप्त करने में आसानी होगी। मध्य प्रदेश ऐसा कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य बनने जा रहा है।मंत्री काश्यप ने बताया कि प्रदेश में दूध उत्पादन 9 लाख लीटर प्रतिदिन से बढक़र 11 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंच गया है।

