
भारत के महत्वपूर्ण खनिज मिशन को गति मिली: 56 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉक और 11 अन्वेषण लाइसेंस ब्लॉक सफलतापूर्वक नीलाम
खान मंत्रालय ने महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की हाल की नीलामी के सफल समापन के साथ भारत की महत्वपूर्ण खनिज सुरक्षा और अन्वेषण प्रणाली को मजबूत करने में काफी उपलब्धियां हासिल की हैं। इन सफल नीलामियों के साथ, सफलतापूर्वक नीलाम किए गए महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की कुल संख्या 56 हो गई है। यह घरेलू खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने और भारत के महत्वपूर्ण खनिज मिशन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।खान मंत्रालय ने केंद्र सरकार द्वारा आयोजित सातवीं किश्त के तहत 10 महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की सफलतापूर्वक नीलामी की, जिससे सफल नीलाम किए गए महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की कुल संख्या 56 हो गई है। यह 63 प्रतिशत से अधिक की सफल नीलामी दर को दर्शाता है, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा नीलामी के लिए रखे गए 88 अद्वितीय खनिज ब्लॉकों में से 56 ब्लॉक नीलाम किए गए।
सातवीं किश्त ने भारत के महत्वपूर्ण खनिज अन्वेषण परिदृश्य का महत्वपूर्ण विस्तार किया है, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा गुजरात, उत्तराखंड और तेलंगाना में पहली बार महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की नीलामी की गई। इस किश्त में ग्रेफाइट, दुर्लभ पृथ्वी तत्व (आरईई), वैनेडियम, टाइटेनियम, ग्लौकोनाइट, रॉक फॉस्फेट और संबंधित खनिज शामिल थे, जिससे देश में महत्वपूर्ण खनिज अन्वेषण का भौगोलिक दायरा और भी विस्तृत हो गया।नीलामी का सातवां चरण 23 मार्च, 2026 को जारी निविदा आमंत्रण सूचना (एनआईटी) के माध्यम से शुरू किया गया, जिसमें महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों वाले 19 खनिज ब्लॉकों की पेशकश की गई। नीलामी खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 और खनिज (नीलामी) नियम, 2015 के प्रावधानों के तहत आयोजित की गई, जिनमें समय-समय पर संशोधन किए गए हैं।
90% से भी अधिक नागरिक यूसीसी के पक्ष में
भोपाल : मंगलवार, जून 23, 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में समान नागरिक संहितालागू (यूसीसी) करने के लिएसभी जिलों में जन परामर्श बैठकें हो चुकी हैं। सभी जिलों में कार्य शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। राज्य स्तरीय परामर्श 22 जून को भोपाल में हुआ। इसमें सभी आयोगों, विभागों, राजनैतिक दलों और धर्मगुरुओं से पृथक-पृथक बैठकें आयोजित कर मत लिया गया। लगभग 3.49 करोड़ एस.एम.एस यूसीसी के सुझाव आमंत्रित करने के लिए समग्र के हितग्राहियों को भेजें गए। नागरिकों के 9 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हो चुके हैं, 90% से भी अधिक नागरिक यूसीसी के पक्ष में हैं। अल्पसंख्यक समुदाय का भी बड़ी संख्या में समर्थन प्राप्त हुआ है। विधेयक के प्रारूप पर समिति द्वारा विधि विभाग के साथ साझा रूप से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में यह जानकारी दी।
बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व की देश-विदेश में विशेष पहचान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रसिद्ध वन्य जीव पर्यटन स्थल बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व को “इंडिया टुडे टूरिज्म सर्वे एंड अवार्ड्-2026” में “एडिटर्स चॉईस अवार्ड- बेस्ट वाईल्ड लाईफ डेस्टिनेशन” श्रेणी में पुरस्कृत किया गया है। गोवा में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने प्रदान किया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, देश-विदेश के पर्यटकों के बीच अपनी समृद्ध जैव-विविधता, बाघों की अच्छी संख्या, प्राकृतिक सौंदर्य और प्रभावी संरक्षण प्रबंधन के लिए विशेष पहचान रखता है। यह अवार्ड प्रदेश सरकार की जैव विविधता के क्षेत्र में किये जा रहे प्रयासों का ही परिणाम है।
जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन समारोह में पंचायत स्तर तक होंगी गतिविधियां
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 19 मार्च से प्रारंभजल गंगा संवर्धन अभियान का 25 से 30 जून 2026 की अवधि में समारोहपूर्वक समापन होगा। भारत सरकार के जल संचय जन भागीदारी अभियान में मध्यप्रदेश का तीसरा स्थान है। डिण्डौरी, खण्डवा तथा शहडोल देश के प्रथम 10 जिलों में तथा खण्डवा और इंदौर के नगरीय निकाय, देश के प्रथम 10 नगरीय निकायों में शामिल है। प्रदेश में अभियान में जल संरक्षण एवं संवर्धन में उल्लेखनीय कार्य हुए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में समारोहपूर्वक समापन कार्यक्रम आयोजित किया जाए। अभियान अंतर्गत किए गए कार्यों की प्रदर्शनी, भाषण, ग्राम पंचायत में जनभागिता से किए गए कार्यों का प्रेजेंटेशन किया जाए और जल के सदुपयोग की शपथ भी दिलाई जाए।

