शासकीय स्कूलों में रामायण और गीता पढ़ाई जायेगी। मुख्यमंत्री

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भोपाल 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह   ने कहा कि मध्यप्रदेश विकास के मामले में नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। आज नर्मदा जयन्ती है। हमने नर्मदाशिप्रा को जोड़ने का कार्य किया है। इसे गंभीरकालीसिंध और पार्वती तक ले जा रहे हैं। प्रदेश की सिंचाई क्षमता कभी लाख हेक्टेयर हुआ करती थीजो अब 45 लाख हेक्टेयर हो गई है। वर्ष 2024 तक यह बढ़ कर 65 लाख हेक्टेयर हो जायेगी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा के लिये अच्छा सन्देश देने के लिये उनके द्वारा प्रतिदिन पौधा लगाने की परम्परा शुरू की गईजिसे आज वर्ष पूरे हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस पहल पर प्रदेश के नागरिकों ने काफी अच्छा प्रतिसाद देते हुए अंकुर पोर्टल पर पेड़ लगा कर लाखों फोटो अपलोड किये हैं। पौधारोपण के 75 दिन बाद के पौधों के लगभग 68 लाख फोटो पोर्टल पर अपलोड हो चुके हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भारत अत्यन्त प्राचीन राष्ट्र है। पश्चिम में जब सभ्यता का उदय नहीं हुआ था तब हमारे यहाँ वेदों की ऋचाएँ रच दी गई थी। हमारे यहाँ तक्षशिला और नालन्दा जैसे विश्वविद्यालय कार्यशील थे। देश की धरती ने हर विचार का आदर किया है। वर्तमान में प्रधानमंत्री  के प्रयासों से देश जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है। हमारी परम्परा वसुधैव कुटुम्बकम की रही है और इसी के अनुरूप एक धरतीएक भविष्य और एक परिवार का सूत्र लेकर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ तो बाद में बनाइसके पहले हमारे ऋषियों ने विश्व को वसुधैव कुटुम्बकम की अवधारणा दे दी थी। मुख्यमंत्री ने विगत 15 वर्षों की मध्यप्रदेश की विकास यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश की धरती पर पैदा होने वाली हर बेटी लखपति पैदा होती है। इस योजना ने स्त्रीपुरूष संख्या में बड़ा बदलाव किया है। लिंगानुपात पहले 912 हुआ करता थाजो 956 और इससे भी बढ़ कर अब 978 हो गया है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में शीघ्र ही हवाई जहाज से तीर्थदर्शन यात्रा शुरू होने वाली है। प्रदेश के शासकीय स्कूलों में रामायण और गीता पढ़ाई जायेगी। प्रदेश में मेडिकल एवं इंजीनियरिंग की पढ़ाई को हिन्दी में प्रारंभ कर एक नई शुरूआत की गई है। गुड गवर्नेंस के मामले में मध्यप्रदेश, देश में प्रथम स्थान पर है और संयुक्त राष्ट्र संघ ने इस पहल को पुरस्कृत भी किया है। प्रदेश में जहाँ पहले सड़क नहीं गड्ढे हुआ करते थेआज लाख किलोमीटर सड़कें तैयार की गई हैं। प्रदेश ने पिछले 15 वर्षों में विद्युत उत्पादन को 2900 मेगावाट से 26 हजार मेगावाट तक पहुँचा दिया है। दिल्ली की मेट्रो रीवा के सोलर प्लांट में बन रही बिजली से चल रही है।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन की विशेषता है कि हम अपने मन्दिर की प्रतिमाओं में भी प्राणप्रतिष्ठा कर देते हैं। यहाँ कालभैरव मन्दिर में मंत्रोच्चार से प्रतिमा मदिरापान करती है। बोरेश्वर महादेव दंगवाड़ा में शिव लिंग पर जितना भी जल चढ़ाओपृथ्वी के गर्भ में समा जाता हैपता नहीं लगता पानी कहाँ जा रहा है। डॉयादव ने कहा कि हजार वर्ष पहले यहाँ महर्षि सान्दीपनि ने गुरूकुल स्थापित कियाजहाँ अमीर और गरीब का भेद नहीं था। कृष्ण और सुदामा एक साथ अध्ययनरत थे। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति और होने वाले सिंहस्थ मेले के प्रचारप्रसार में सोशल मीडिया की अहम भूमिका है।


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