
नई दिल्ली, 15 फरवरी।
देश में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पांच साल में दो लाख प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) एवं डेयरी/मत्स्य सहकारी समितियां गठित करने के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दी। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए इस फैसले की जानकारी दी। फिलहाल देशभर में करीब 63,000 ‘पैक्स’ समितियां सक्रिय हैं। ठाकुर ने कहा कि सरकार देश में सहकारिता आंदोलन को मजबूती देने के लिए जमीनी स्तर पर सहकारी समितियों का गठन करना चाहती है। पांच साल में दो लाख सहकारी समितियों के गठन का लक्ष्य रखा गया है।
इस दौरान हर पंचायत में एक ‘पैक्स’ समिति बनाने के साथ व्यवहार्य होने पर वहां एक डेयरी सहकारी समिति बनाने और हरेक तटीय पंचायत एवं विशाल जलाशय वाली पंचायत में मत्स्यपालन समिति बनाने की भी योजना है। ठाकुर ने कहा कि इस प्रस्ताव को विभिन्न सरकारी योजनाओं के साथ लागू किया जाएगा। यह प्रस्ताव सहकारी समितियों को अपने उद्देश्य के लिए जरूरी ढांचा खड़ा करने और उसे आधुनिक रूप देने के लिए भी सशक्त करेगा। यह योजना सहकारी. समितियों के सदस्य किसानों को खरीद एवं विपणन की सुविधाएं मुहैया कराएगी जिससे उनकी आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है।(SABHARजनसत्ता )

